@iChiragPaswan Cartier Santos ( 43 लाख की घड़ी)कलाई पर,
और भाषण में गरीबों के आरक्षण की चिंता। 😏
**जिसकी ज़िंदगी इतनी “प्रीमियम” हो, वो वंचितों के हक़ की लड़ाई का ठेका क्यों ले?**
आरक्षण हक़दार का अधिकार है, किसी की सियासी जागीर नहीं।
@officeofchirag@iChiragPaswan “आरक्षण खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार है”—सही बात।
लेकिन **शाही ज़िंदगी जीते हुए गरीब SC-ST-OBC के हक़ की मलाई पर भाषण देना** भी गज़ब की राजनीति है। 😏
**आरक्षण हक़दार का हक़ है, किसी की पुश्तैनी जागीर नहीं।
कल के संभावित कुछ फेक न्यूज:
१. रेलवे-परिवहन होगा एक, फडणवीस बनेंगे मंत्री
२. निर्मला जी संगठन में, पीयूष गोयल को वित्त
३. गिरिराज हटेंगे, 75 से ऊपर की आयु वालों की छुट्टी (मोदी बचे रहेंगे)
४. प्रधान का मंत्रालय बदल सकता है पर कॉकरोच को नहीं मिलेगा क्रेडिट
५. युवा और प्रथम बार वालों को मंत्रालय में अवसर, ट्वीट-रीट्��ीट करने वालों पर विशेष कृपा
जब मैंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को अपमानित करके (कहा तो मैंने कुछ और ही था) कैबिनेट से निकाला जाना चाहिए, तो कई लोगों को (UGC के कारण मेरे सरकार विरोध ��ें होने से) समस्या हो गई थी।
इस नकारे मंत्री के कार्यकाल में NEET 2026 रद्द हो गई। इनसे पेपर लीक रुक नहीं रहा, DU में सवर्ण सहायक प्रोफेसरों को चिह्नित करके निकाला जा रहा है, VC वामपंथी लेख लिख रहे हैं, नई शिक्षा नीति लागू हो रही है पर पन्नों में ब्राह्मण ब्रिटिश को न्योता दे कर बुलाता दिखाया जा रहा है, NCERT में आज भी डिस्टॉर्टेड इतिहास पढ़ाया जा ही रहा है, फिर यह व्यक्ति क्या एक प्लेस होल्डर मात्र है?
हर 58 मिनट में एक छात्र आत्महत्या करता है। उसका कारण स्ट्रेस है, चिंता है, असफलता है, तंत्र द्वारा उसकी परीक्षा लेना है। निर्धन छात्र पैसे ले कर नए नगर में परीक्षा देने जाता है, प्लेटफार्म पर अख़बार बिछा कर सोता है, सड़क किनारे जल पीकर परीक्षा देता है कि एक दिन परिणाम आ��े पर उसकी चिन्ताएँ समाप्त हो जाएँगी, पर तंत्र उसे तड़पाता रहता है।
धर्मेंद्र प्रधान एक निकृष्ट और नकारा नेता है, उस से भी गया०बीता मंत्री। ऐसे लोगों को कोई घर का गराज संभालने ने दे, ये देश की शिक्षा घंटा सँभालेगा? @narendramodi जी, यदि UGC के 118 दिन बाद आपकी सरकार ने सवर्णों को औक़ात दिखा दी हो, और आपका ईगो शांत हो गया हो कि क्या उखाड़ लिया, गुजरात निगम और असम-बंगाल चुनाव जीत गए, तो प्लीज़ इस निकम्मे धर्मेंद���र प्रधान को विदा कीजिए।
यदि, चुनाव के आँकड़े ही आपके लिए एक मात्र मोटिवेशन हैं और देश की शिक्षा गर्त में जाते अच्छी लगती है, तो फिर कोई बात नहीं, UP चुनाव के लिए रैलियाँ कीजिए।
@ajeetbharti@ajeetbharti bhai aise hi relte rahiye
Mai bhi aapka andhbhakt followers hu Bina video dekhe bhi like kar deta hu ki aapne bola hai to sahi bola hoga
Jai Ho Ajeet ji 🙏😀
विश्व के 100 सबसे गर्म शहरों में 92 शहर भारत के हैं और इसका मूल कारण है जनसंख्या विस्फोट
‘हम दो-हमारे दो’ नहीं तो ‘हम दो-हमारे तीन’ ही सही लेकिन जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना नितांत आवश्यक है
चौथा बच्चा पैदा करने पर नागरिकता खत्म, 10 लाख रुपये जुर्माना और 10 वर्ष की सजा
चीन का भविष्य में फोकस -
1- रोबोट
2- एयर टैक्सी
3- एडवांस Ev
4- 1000 KM /hours ट्रेन
5- 500 KM दूर से सर्जरी
6- रोबोट ऑपरेशन
भारत में भविष्य की चर्चा -
1- राघव चड्ढा के फॉलोअर 2 मिलियन घट गए
2- राहुल गांधी हॉफ टीशर्ट में सदन में आते हैं
3- मोदी जी ने झालमुड़ी खाई
हर साल गेहूं की कटाई में आग से किसानों की फसल जल रही है, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं।
प्रस्ताव:
🚒 हर 5 गांव पर 1 मिनी फायर ब्रिगेड
💧 जल जीवन मिशन टंकी के पास तैनाती
🌳 ऑफ-सीजन में पेड़-पौधों की सिंचाई
एक योजना = फसल सुरक्षा + हरियाली
@UPGovt@myogiadityanath
बिजली मीटर का पीडी (Permanent Disconnection) कराने के लिए पूरा बिल जमा किया, सभी प्रक्रिया पूरी की, मीटर पीडी की फीस भी भर दी।
फिर भी कनेक्शन अभी तक बंद नहीं हुआ। कारण ये बताया जा रहा है कि पहले JE साहब से मिलिए, फिर मीटर विभाग जाइए,
वहां से लाइन कटेगी, उसके बाद फिर किसी दूसरे अधिकारी से मिलकर सिस्टम से हटवाना पड़ेगा।
यानी ऑनलाइन ��्रक्रिया पूरी करने के बाद भी आम आदमी को दफ्तर-दफ्तर भटकना पड़ रहा है।
यही है हमारे देश की व्यवस्था और सरकारी काम करने का तरीका — जहां काम से ज्यादा चक्कर लगाने पड़ते हैं।
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को नमन और वंदन🙏
स्वतंत्र का अर्थ है स्वयं का तंत्र लेकिन आजतक अंग्रेजों का कोई भी सिस्टम बदला नहीं गया।
शिक्षा व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, कर व्यवस्था, व्यापार व्यवस्था, पुलिस व्यवस्था, प्रशासन व्यवस्था और न्याय व्यवस्था आज भी गुलामी की चल रही हैं