@justshailendra जब गन्ने के जूस की दुकान पर वो पानी मिला देता है कभी बर्फ तो कभी रखे मग्गे में डालकर ,ओर कभी मानता नहीं कि मिलाया है , ये तो पेट्रोल है इथेनॉल (जूस) वाला ,, इसमें पानी कोई कैसे मान लेगा कोई.. दूध वाला , जूस वाला ,, ओर अब पेट्रोल वाला ,, सब एक ही प्रजाति से आते है ,, ना मानने वाली
@justshailendra गुरुजी, सब नियति ओर ग्रहों का खेल है, हमे तो आपका मार्गदर्शन जून में ही मिल जाना चाहिए था,अगर जुलाई में आया है तो जरूर कुछ ऊपर वाले ने कुछ सोचा होगा, राम की माया राम ही जाने ,, रही ग्रहों की बात तो,गुरु गोविंद दोऊ खड़े..हमेशा सत्य रहेगा 🙏 आज से शुरू करते है आपके सानिध्य में 🙏