@RldSudhir@RLDparty@Office_ChJayant@myogioffice@CMOfficeUP लिख के ले लो इस बार पश्चिम यूपी से सबसे कम जाट MLA जीत के आयेंगे।
अखिलेश यादव ने जाट बनाम सब कोएक कर दिया है,
इस बार सारी वोट जाटो के खिलाफ होगा, और सपा और कांग्रेस भारी बहुमत से सरकार बनाएंगे।
@Praveenupips बेवजह की उलझनों का नाम है ज़िंदगी,
'काश' और 'शायद' का सलाम है ज़िंदगी।
कभी ठहराव की हसरत, कभी राहों की तलब,
बस इसी कश्मकश का मक़ाम है ज़िंदगी।
कांवड़ यात्रा में हुड़दंग और बदसलूकी करने वालों पर तो नरमी दिखाई जाती है, लेकिन सर्किट हाउस के कोने में महज 3-4 मिन��� की खामोश नमाज़ पर सीधे FIR
नमाज़ से किसी को कोई रुकावट नहीं हुई, फिर भी यह कार्रवाई न्याय नहीं बल्कि दोहरा रवैया है।
@yadavakhilesh
@samajwadiparty
@exmladilnawaz@jayantrld गुज्जर समाज जयंत से हुआ नाराज
G फॉर गुज्जर की जगह
G फॉर गन्ना बोल कर किया गुजर समाज का अपमान
गुज्जर समाज लोकदल और बीजेपी के सभी गुज्जर कैंडिडेट को हरा कर बदला लेगा अपना
जय समाजवाद 🥳
@JyotiDevSpeaks "बात बिल्कुल सच है! जो कल तक 'चौधराहट' का दम भरते थे और बीजेपी को पानी पी-पीकर कोसते थे, आज अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए उसी बीजेपी के सामने नतमस्तक हैं। जब सिद्धांत और जमीर सत्ता की एक सीट के लिए बिक जाएं, तो उसे चौधराहट नहीं, राजनीतिक लाचारी कहते हैं।"
@yadavakhilesh
@DrRana777 "बात बिल्कुल सच है! जो कल तक 'चौध���ाहट' का दम भरते थे और बीजेपी को पानी पी-पीकर कोसते थे, आज अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए उसी बीजेपी के सामने नतमस्तक हैं। जब सिद्धांत और जमीर सत्ता की एक सीट के लिए बिक जाएं, तो उसे चौधराहट नहीं, राजनीतिक लाचारी कहते हैं।"
@yadavakhilesh
@Kam40_ "बात बिल्कुल सच है! जो कल तक 'चौधराहट' का दम भरते थे और बीजेपी को पानी पी-पीकर कोसते थे, आज अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए उसी बीजेपी के सामने नतमस्तक हैं। जब सिद्धांत और जमीर सत्ता की एक सीट के लिए ब��क जाएं, तो उसे चौधराहट नहीं, राजनीतिक लाचारी कहते हैं।"
@yadavakhilesh
संगीत सोम को पता है कि पार्टी में उसका टिकट कटने वाला है, तो वह पहले से ही माहौल बनाना शुरू कर देता है। कल को अगर पार्टी टिकट नहीं देती, तो वे अपने समर्थकों के बीच यह माहौल बना सकते हैं कि "मैं कट्टर हिंदुत्व की लड़ाई लड़ रहा था, इसलिए मुझे किनारे कर दिया गया।"
@yadavakhilesh
@Praveenupips न इस पार की बंदिशें, न उस पार का धुआं,
ख्वाहिश है बस, इक बीच में बहता हुआ दरिया हो,
जहाँ न छूटने का कोई डर हो, न पहुँचने की कोई जल्दी—
बस एक कागज़ की नाव हो, और बचपन की सी मासूमियत।
@yadavakhilesh पीडीए आज सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि बदलाव की एक ख़ामोश क्रांति बन चुका है। जब राजनीति बाँटने के बजाय जोड़ने का काम करती है, तो समाज खुद-ब-खुद अपनी एकता की परिभाषा गढ़ने लगता है।
जहाँ सकारात्मकता होती है, वहाँ सौहार्द खिलता है;
@yadavakhilesh@samajwadiparty