दिल्ली स्वरूप नगर में सड़क के ख़राब होने पे लड़कियां ट्रांसफार्मर पकड़ के जा रही हैं
और वीडियो बनाने वाला पूछ रहा है कि अभी कुछ हो जाएगा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ??
अरे गधे इसका जिम्मेदार वीडियो बनाने वाला ही होगा ,अगर तू वीडियो ना बनाता तो कैसे पता चलता??
फ़िटनेस टेस्ट सच में होता है या काग़ज़ में?
ये एक गंभीर घटना है कि यूपी में रोडवेज बस के आगे वाले पहिये चलते–चलते निकल ग��े, जिसकी वजह से बस पलट गई और कई लोग घायल हो गये। सरकार सभी घायलों की मुफ़्त चिकित्सा सुनिश्चित करे।
जनता पूछ रही है, उप्र में कोई ‘परिवहन मंत्री’ हैं या नहीं?
जनता अब भाजपाइयों का भाषण सु��ने के मूड में नहीं है।
अंहकार विवेक हर लेता है।
जो दूर से ये धारणा बनाये बैठे थे कि ‘कोई’ ईमानदार है; भ्रष्ट नहीं है; जन-सेवा में निस्वार्थ भाव से लगा है; भौतिक-लालच से परे है, अब तथाकथित माननीय का ‘म्यूट कर दिया गया वो वीडियो’ देखकर, उनका भी सारा भ्रम टूटकर चकनाचूर हो गया है। जो व्यक्ति सैकड़ों कैमरों के सामने किसी माँ की गोद उजड़ जाने के सबसे बड़े दुख के क्षण में भी एक दुखी परिवार को सांत्वना देने की जगह धमकी भरे लहजे में, अपने कठोर हाव-भाव के साथ बोल रहा हो, वो कितना हृदयहीन, संवेदना शून्य, निष्ठुर और निर्मम होगा, अब ये बात सबके सामने खुल गई है। इसे ही क्रूर-व्यवहार कहते हैं, ये बेहद अमानवीय है।
अब इनके झूठे नायकत्व का सारा मायाजा�� तार-तार हो गया है। सबसे ज़्यादा ठेस इनके सबसे बड़े उन प्रशंसकों और समर्थकों को लगी है जो इनकी ‘मिथ्या दिव्यता’ के गुणगान करते नहीं थकते थे। वो अब अपने घर की महिलाओं को ही मुँह दिखाने लायक नहीं बचे, अन्य महिलाओं का सामना करने की तो बात ही बहुत दूर है। वो जब ये सोचकर देख रहे हैं कि कहीं ऐसी दुखद घटना उनके परिवार के साथ घटती और उनके घर की किसी ‘माँ’ के साथ ऐसा दुर्व्यवहार होता तो क्या होता, ये विचा�� करके ही वो काँप जा रहे हैं और सोच रहे हैं कि वो किस पाताली कूप में कूदकर अपनी शर्मिंदगी छिपाएं।
याद रखा जाए इनकी कटु-वचन वाणी का ये पहला उदाहरण नहीं है। पत्रकार से लेकर अधिकारी तक पहले भी सरेआम इनका शिकार हो चुके हैं।
जिसके लोक व्यवहार में खोट होता है, वो अकेले में कैसा व्यवहार करता होगा, जनता ये स���झ गई है। अब क्या तथाकथित माननीय ये कहेंगे कि पूरी दुनिया में फैल चुका उनका वीडियो AI जेनरेटेड है। सच तो ये है कि अगर जनता चाहे तो AI से होंठों को पढ़कर ये बता सकती है कि ‘वास्तव में उन्होंने किन अपशब्दों का इस्तेमाल किया था’।
जिसका अपने वचन-व्यवहार पर नियंत्रण नहीं वो प्रदेश पर क्या नियंत्रण करेगा और दिल्ली पर राज के सपने क्या देखेगा।
इनके इस कुकृत्य की वजह से अब प्रदेश, देश, दुनिया की कोई महिला चाहे वो माँ हो या बहन, वो अब भाजपा का पूर्ण बहिष्कार करेगी। इस घटना ने संपूर्ण विश्व में भाजपा की दिखावटी, सजावटी, बनावटी छवि को मिट्टी में मिला दिया है। अब भाजपा इनको पद से हटा भी देगी तो भी ‘आधी आबादी’ के वोट नहीं पायेगी क्योंकि ‘बात जब माँ की आती है तो हर सरहद मिट जाती है।’
जनता ने भाजपाइयों का ‘नारी वंदन’ का सच कैमरे के सामने देख लिया है। भाजपा और उनके ��ंकीर्ण सोच के संगी-साथी सभी लोगों की सामंती सोच में जब नारी के लिए ही कोई स्थान नहीं है तो नारी के मान-सम्मान के लिए क्या होगा।
अभूतपूर्व निंदनीय!
भाजपा हटाओ, संवेदना बचाओ!
माँ का दर्द कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
बिहार के भरत तिवारी हत्याकांड मामले में सभी समाज के लोग आवाज़ उठा रहे है। एक दलित महिला भरत को भगवान बोल रही थी। अब यह पासवान चाचा रो रहे हैं
इससे इतना समझ आ रहा कि समाजसेवी भरत तिवारी ने ग्रामीणों के लिए बहुत कार्य किए है। यह किसी एक समाज का नहीं बल्कि सर्व समाज का मामला है।
भाजपा बाहर के राज्य के अपराधियों को उप्र में बुलाकर जो वातावरण बिगाड़ रही है वो घोर निंदनीय है। सपा के सांसद श्री राजीव राय के प्रयासों से जन हित में ‘मऊ-आनंद विहार ट्रेन’ चली है लेकिन उसके उद्घाटन के अवसर पर जानबूझकर माहौल तनावपूर्ण बनाया गया। हंगामा करनेवालों के चेहरों की एआई ��हचान-पड़ताल करवाकर तुरंत उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज़ हो। ये सब हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं, जो प्रदेश में ‘आमंत्रित अपराधी’ की तरह बेख़ौफ़ घूम रहे हैं।
ये विपक्ष से अधिक उप्र के मुख्यमंत्री जी के लिए चुनौती है कि यूपी ‘इंटर-स्टेट’ माफ़ियाओं के लिए सराय-आरामगाह बन गया है। अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मान लिया जाएगा ये सब भाजपा सरकार के इशारे पर हुआ है और ‘भाजपाई ही माफ़ियाई हैं’।
तुरतं कार्र���ाई हो!
आपसे हाथ जोड़कर विनती है 🙏 अगर आपके घर लाइट बनाने वाला व्यक्ति आ रहा है।
उससे मोल भाव मत करिए अगर वह 400 मांग रहा है तो 400 दे दीजिए 😓
चंद पैसों के लिए अपने जीवन को मौत के मुंह में झोंक देते हैं लाइट मैन
डर सबको लगता है किस प्रकार से पैर कांप रहा है सिर्फ अपने बच्चों के लिए ऐसा कर रहा है
कुमार विश्वास की भी मूर्ति बनाकर मंदिर के लिए चंदा मांगना शुरू कर देना चाहिए ,
प्रसाद में दूध से इनके पैरों को धुलकर इनके भक्तों को पिलाना शुरू कर देनी चाहिए।https://t.co/raAVcOUzR2
अयोध्या में धर्म को धंधा बना दिया।
अयोध्या सरयू नदी किनारे जो जो महिला सरयू नदी नहाने के बाद कपड़े बदलते है उनसे 10 रुपया वसूला जा रहा है।
हर कदम पर ऐसे टेंट लगे हुए है और ये कोई अयोध्या जिला प्रशासन या नगर निगम के द्वारा नहीं लगाया गया है अधिकारियों की मिली भगत से लूट मची हुई है।