Double-triple इंजन सरकार से क्या फर्क पड़ता है?
हिम्मत चाहिए अपनी नाकामी को मानने के लिए
फिर वही बारिश, वही तैयारी, वही गड्ढे, वही लाचार हम
ना पैदल चल पाए, ना गाड़ी से, सड़क भी कहाँ गड्ढों में खो गई
फुटपाथ है नहीं, नांगलोई नजफगढ़ रोड @DelhiMcd@DelhiPwd@gupta_rekha@LtGovDelhi
UNO REVERSE !!!
Everything that this man says in the video which sounds so uncomfortable is asked so comfortably by women these days during groom hunting.
Watch till the end .....
पहले सिर्फ चार वर्ण थे…लेकिन आज राजनीति ने इन्हें जातियों में बदला।
और कुछ BSDK बिना इतिहास जाने ब्राह्मण को जाति व्यवस्था का ज़िम्मेदार बताते हैं,जबकि ब्राह्मण कभी जाति व्यवस्था को नहीं मानता,वर्ण व्यवस्था को मानता है।
#Minus40NEETMerit
अगर संविधान सबको समानता का अधिकार देता है तो देश में 25 करोड़ आबादी के लिए अलग बजट, अलग शिक्षा, अलग कानून, अलग लोन, अलग सब्सिडी, अलग नियम, अलग सुविधा क्यों ?
सेक्युलर होना बुरा नहीं, लेकिन सच्चाई से मुंह मोड़ना भी ठीक नहीं।
1200 सालों में जो हिंदू नरसंहार, धर्मांतरण और सांस्कृतिक हमले हुए - क्या आपने कभी उन्हें जाना या समझा है?
जागिए, क्योंकि इतिहास मौन नहीं रहेगा।
इतना मधुर, इतना पावन… ये कोई साधारण गायन नहीं, आत्मा से निकला संगीत है❣️!
इन दो बहनों ने जिस तरह से बॉलीवुड गीत को संस्कृत में पिरोया है,🥰
वो सुनकर दिल रुक ज���ता है… और आत्मा मुस्कुरा उठती है।🤗
हर शब्द में सौंदर्य है, हर सुर में संस्कार है।
यह सिर्फ वीडियो नहीं भारतीय संस्कृति की संगीतमयी है❣️🔥
जिसने अब तक नहीं देखा, समझो कुछ मिस कर दिया!
🙏 इस संगीत को दिल से महसूस कीजिए… और आगे जरूर बढ़ाइए!❣️
निवेदन-अजान के समय माइक की आवाज़ थोड़ी कम कर दी जाए।
जवाब- चुप्पी
फिर सीधा 50 फ़ुट का खंभा, 13 स्पीकर और हनुमान चालीसा चालू।
मुद्दा अज़ान या चालीसा का नहीं, अहंकार और अनसुनी का है।अगर बात सुन ली जाती,तो शायद आवाज़ें टकराती नहीं।
अब भाषा ही यही समझ आएगी तो यही बोलनी पड़ेगी