@ActivistSandeep कावड़ ये अपने पैसे लगा कर ले जाते है इनके लिए कोई हाउस नही बना है इनको किसी प्रकार की सब्सिडी नही मिलती है इनका भोलेनाथ में वि��्वास है तो ये कावड़ लेकर जाते है । लेकिन जिस मजहब के लोगो के हाउस और सब्सिडी सब कुछ मिलता है उनके बारे में मत लिखना तुम्हारा सर तन से जुदा हो जायेगा दलाल
@s_afreen7 ऐसी ही महापंचायत कश्मीरी पण्डितो के लिए भी करनी चाहिए थी । कई जिलों के मस्जिदों के मौलाना और इमाम को एक जगह पर इकठ्ठा हो कर अपील करनी चाहिये थी लेकिन किया नही गया तो अब क्रिया की प्रतिक्रिया तो होगी ही ।