बदलते आर्थिक समाजिक व #राजनैतिक परिवेश मे भारत में जो #लोकतंत्र है वह पूंजीपति वर्ग की तानाशाही और लुटतंत्र की व्यवस्था पर निर्भर होता जा रहा है जो नागरिकों के अशिक्षित होने, #जागरूकता में कमी होने और #संवैधानिक संस्थानों के पंगु होने से फल फूल रहा है। 1/2
@dpradhanbjp@narendramodi शिक्षा व्यवस्था को आपने तहत- नहस कर दिया।
मै यह नहीं कह सकता कि चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए लेकिन बच्चों की जिंदगियों से मत खेलो इस्तीफा दो और बच्चों के लिए योग्य व्यक्ति को आने दो।
@motorolaindia अंत में सर्विस सेंटर का रिव्यू देखा तो ऐसा लगा कि आपने लुटेरों की फौज यहां बैठा रखा है।
फिलहाल आपके लोग नहीं बना सकते तो मेरा फोन बदल दीजिए और यह जल्द ही कीजिए
@Moto@Lenovo_in@Lenovo@Moto_Support
मोबाइल #MotorolaG86 जो दिनांक 25/08/2025 को लिया गया था चलते चलते ऑटोमेटिक बंद हो गया। आपके लखनऊ के हज़रतगंज स्थित सर्विस सेंटर पर दिखाय��� तो वह पूरे मोबाइल की कीमत ही वसूलने पर आमादा थे।
@motorolaindia आप मेरा मोबाइल सही कब तक करवाएंगे ? यदि नहीं करवा सकते तो रिप्लेस करो।
क्या #ताजमहल शिव मंदिर था ?
मुझे आज एक पत्रिका 1967 की पंचपुत्र मिली, जिसके पेज नंबर 9 पर यह लेख प्रकाशित हुआ था। मैं व्यक्तिगत इस पर कुछ नहीं कह सकता लेकिन आप लोग पढ़िए और अपने विचार रखिए।
#tajmahal#shivmandir
एक डॉक्टर जिसका पूरा पेशा सेवा का होता है क्या वह दो करोड़ रूपया कमा सकता है ❓
यदि हां तो वह कमाई नहीं लूट किया होता है और आदेश देने वाले को यह मालूम था कि डॉक्टर कितनी लूट करता है तभी तो ....
उत्तर प्रदेश के एक सर्जन की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया. राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने पीड़ित परिवार के पक्ष में फैसला देते हुए दोषी डॉक्टर पर 2 करोड़ रुपये का मुआवजा लगाने का आदेश दिया है. यह मामला साल 2012 का है. डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान महिला की बीमार किडनी को छोड़कर उसकी बिल्कुल स्वस्थ किडनी को शरीर से बाहर निकाल दिया था. कोर्ट के प्रेसिडेंट जस्टिस ए पी साही और मेंबर भारतकुमार पंड्या की बेंच ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है. समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, बेंच ने कहा कि यह चिकित्सा जगत की सबसे गंभीर और दुर्लभ लापरवाही में से एक है. ऐसी गलतियों के लिए कानून में कोई माफी नहीं हो सकती है.
#Doctor #Operation #Compensation #Health #UttarPradesh | #ZeeNews
देश में काबिल लोग नहीं है लेकिन कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हीं IAS/IPS/जज आदि को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया जाता है ?
क्या सरकारी नौकरी का अनुभव ही महत्व��ूर्ण होता है जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ?
तमाम आयोगों के अध्यक्ष सदस्य नेता क्यों?
समाधान @NNP4DI
@news80Live@Uppolice@lkopolice@UPGovt@myogiadityanath संवाद से यह व्यक्ति बेवकूफ लगता है इसे तो यह भी नहीं पता कि वह किस स्तर के मंत्री हैं इसे यह भी नहीं पता कि वह निशा विश्वकर्मा हत्याकांड में उसके आवास गए थे या नहीं गए थे
एक बड़ा सवाल उपज रहा है कि क्या समाज गंवार बनता जा रहा है ?
सुप्रीम कोर्ट में पत्रावली देख सकते हैं लेकिन इनकी नहीं, वेबसाइट पर दावा बड़ा लेकिन वास्तविकता भिन्न @myogiadityanath जी आप इसकी मुखिया को सामने बैठाकर किसी भी सोसायटी के नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर ऑनलाइन जानकारी निकलवाइए सच सामने आ जायेगा।
रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स उत्तर प्रदेश, एक ऐसा विभाग है जो पूरी तरीके से भ्रष्टाचार का अड्डा है। दावा कि ऑनलाइन आप किसी भी फर्म्स के बारे में जान सकते हैं लेकिन वास्तविकता अलग है, आप ऑनलाइन कुछ भी नहीं जान सकते। ऑनलाइन सर्विस सबसे घटिया है। 1/2
शर्म तो आती नहीं, स्वयं गाड़ियों का काफिला लेकर चलते हैं अपना परिवार, इन्हीं प्रधानमंत्री की कथनी और करनी देखो, अपना कार्यालय और उसके कर्मचारी देखो,
सबको सीख दे रहे है और स्वयं ❓
देश के लोगों को बु*ड़*बक समझ रखा है क्या।
मेरी देश के हर नागरिक से अपील है कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें।
��ेट्रो का उपयोग करें, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करें, कार पुलिंग को बढ़ावा दें।
जिनके पास कार है, वो एक गाड़ी में ज्यादा लोगों को साथ लेकर चलें।
डिजिटल टेक्नोलॉजी ने अब इतना कुछ आसान बना दिया है कि टेक्नोलॉजी की मदद भी हमारे लिए बहुत फायदेमंद होगी।
ये जरूरी है कि सरकारी और प्राइवेट दोनों ही दफ्तरों में वर्चुअल मिटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम की प्राथमिकता दी जाए।
खरीद के करीब 16 महीने बाद वेस्टर्न बायपास मंजूर हुआ और फिर कुछ महीनों बाद उस जमीन का लैंड यूज भी बदल दिया गया। इसके बाद जमीन की कीमतें कई गुना बढ़ गईं।
यह 50 अफसरों की किस्मत की बात नहीं, भ्रष्ट व्यवस्था में अंदरूनी जानकारी है, ऐसे अफसर वहां पहले से मौजूद मिलते हैं।
@mktyaggi इनसे पूछा जाए यह कौन सी ब्राह्मण हैं ? आर्षेय या पौरूषेय? इनसे पूछा जाए कि इनका कुल क्या है ? वेदों से बता दें कुल वंश परंपरा या अध्ययन स्वयं कर लें तो निश्चित ही उस पर गर्व नहीं ग्लानि करेंगी।
इन्हें तो केवल पिता और बाबा का ब्राह्मणत्व याद है जो पाखंड को बढ़ावा देता है।
@akhileshsharma1 दो सवाल ?
1- क्या आपने कभी लाइन में लगकर या ऑनलाइन बिजली का बिल भरा है ?
2- स्मार्ट बिजली का मीटर बेहतर था तो दो से ढाई गुना बिल क्यों आ रहा था ? (बोलिए तो पिछले दो साल का बिल भेज दूं तुलनात्मक अध्ययन कर लीजिएगा)