A woman ran over a man's foot while he was walking on the side of the road.
Instead of saying sorry and apologizing, she started threatening him and saying that her husband is in the police.
Also, what's the logic? If her husband is in the police, she can do anything?
ब्रो का नाम : प्रवीण कुमार
ब्रो का पद : SE पंचायती राज निदेशालय UP
ब्रो का काम : ट्रांसफ़र पोस्टिंग करने के लिए पैसा लेना
ब्रो का रेट : लाखों में
ब्रो ख़ुद : करोड़ों में एक
ब्रो का सिस्टम : प्रिंसिपल सेक्रेटरी के नाम की उगाही क���ना
मस्त ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पे चाँप के पैसा कमा रहे, इधर उधर महँगी गाड़ियों से गेड़ी मार रहे, छोटे मोटे अधिकारियों को धेले बराबर सेंट रहे, और गर्मी में मस्ट लीची शेक पी रहे ,इसकी माका मज़े ही मज़े!
बेंगलुरु में राज्यपाल के काफिले के लिए 30 मिनट तक ट्रैफिक रोका गया। इसी दौरान पत्नी को अस्पताल ले जा रहा एक व्यक्ति सड़क पर ही धरने पर बैठ गया।
लेकिन VIP कल्चर तो खत्म हो गया था ?
शेखर सुमन ने शेखर टोनाइट पर आग लगा दी 😂🔥
मोदी जी ने बंगाल में झालमुड़ी के साथ फोटो खिंचवाई तो उसकी वैल्यू बढ़ गई।
इटली में मेलोनी के साथ फोटो खिंचवाई तो "Melodi" भी वैल्यूएबल हो गई।
अब मेरी मोदी जी से एक छोटी-सी गुज़ारिश है कि एक फोटो रुपये के साथ भी खिंचवा लीजिए, शायद उसकी वैल्यू भी बढ़ जाए।
Porsche's value is Rs 4 crores. The 2 lives killed by Vedant Agarwal is priceless. The video of his family celebrating the bail would enrage anyone. Despite very senior journalists in the country pursuing the case, the killer family's money and power are protecting them. This tragic event was pursued by many channels for months together in prime time. If elites are immune to law, what faith a common man would have on the system?
चोर-चोर मौसेरे भाई..
बरेली में लेखपाल विपिन पटेल को एक किसान से दाखिल-खारिज के नाम पर ₹5000 रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, तो लेखपाल की लेखपाल पत्नी के साथ सारे लेखपालों ने धरना दे दिया कि इस तरह किसी रिश्वतखोर को कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं..🤪
लेखपालों को चाहिए कि वे रिश्वत लेने को स���वैधानिक दर्जा दिलाने की मांग करें। लेखपाल और किसानों का र��श्ता "प्रेमपूर्वक रिश्वत के आदान प्रदान" का है, इसमें एंटी करप्शन विभाग दखल देने वाला कौन होता है?🤔
This is a great solution. If the ethanol industry has to be supported, make buying 10 liters of ethanol for every 40 liters of petrol mandatory. Just sell them separately. Hum khud mila lenge jitna milana hai.
2017 में पेट्रोलियम मंत्री रहे व वर्तमान में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बेटी के इंटरनेशनल सिम कार्ड का 68,424 रूपये का बिल सरकारी कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी ने भरा....
मंत्रियों के बच्चों के बिल सरकार भरे और 22 लाख नीट के बच्चों के भविष्य का कोई हिसाब नहीं?
> After making LTCG from Nil to 12.5%
> After making STCG from 15% to 20%
> After making STT from 0.01 % to 0.05%
> After removing indexation on debt funds and taxing at slab rate
> After introducing tax on SGB in secondary market from Nil to 12.5%
After making so many policy blunders, rupees depreciation and not caring about FII exit, it's so nice of Finance minister to say she is open for public feedback and suggestions.
You never needed any public suggestion, it's your arrogance that has put economy in such a big mess. There is no rocket science in knowing that FII would anyday invest in safe US economy at 5% yields because to beat that 5% they've to earn atleast 12-15% in India if you consider rupees depreciation and tax.
जनता जाग जाय तो भ्रष्ट व्यवस्था भाग जाए!
घटना बिहार के मोतीहारी का बताया जा रहा है
जहां लोगों ने हार्न बजाकर पहले तो वीआईपी के लिए किए गए रोड ब्लाक का विरोध किया
और फ़िर सफलतापूर्वक वीआईपी मूवमेंट को नहीं होने दिया.
पुलिस बस प��्लिक का मुंह ताकती रह गई.
ऐसी आवाज़ और तरीका पब्लिक को अपनाना चाहिए
नेताओं, नौकरशाहों का वीआईपी मूवमेंट का विरोध करना चाहिए !!
Dear @IncomeTaxIndia, stop taking income tax even before salary is credited to my bank account. Who worked the whole month, you or me? Have some common sense. At the end of the year, if I owe taxes after expenses, I will pay them, just like corporates do. Why is the salaried middle class treated differently every single time? Stop this nonsense. Enough of squeezing honest taxpayers. @FinMinIndia@nsitharaman
• कांग्रेस के समय पेट्रोल महंगा हो तो “जनता पर बोझ”।
• बीजेपी के स��य पेट्रोल महंगा हो तो “देशहित में योगदान”।
• कांग्रेस के समय डॉलर महंगा हो तो “अर्थव्यवस्था खतरे में”।
• बीजेपी के समय डॉलर महंगा हो तो “ग्लोबल फैक्टर”।
• कांग्रेस के समय बेरोजगारी हो तो “युवा बर्बाद”।
• बीजेपी के समय बेरोजगारी हो तो “स्टार्टअप करो, पकौड़े तलो, स्किल सीखो”।
• कांग्रेस के समय महंगाई हो तो सरकार फेल।
• बीजेपी के समय महंगाई हो तो “दुनिया में देखो क्या हाल है, भारत फिर भी बेह��र है।”
• मतलब तुलना भी सुविधा के हिसाब से, सवाल भी सुविधा के हिसाब से और राष्ट्रवाद भी सुविधा के हिसाब से।
• जब श्रेय लेना हो तो भारत विश्वगुरु है।
जब जवाब देना हो तो भारत पाकिस्तान से बेहतर है।
• यही बीजेपी और मीडिया हाउसों का असली दोगलापन है।
सिंगरोली बीजेपी नेता का 2 गलापन देखिए.....
खुद ई रिक्शा में बैठ के जा रहा है ताकि लोगों में सादगी भरी तस्वीरें वायरल हो और एक अच्���ी छवि बने नेताजी की....
लेकिन उसी नेता के पीछे 200 कारों का काफिला चल रहा है उसी ई रिक्शा के पीछे....
वाह मतलब जनता को तो ये नेता सूतिया समझ रहे है....
सर जी, आप पूरे metro seating section में क़ब्ज़ा करके बैठे है।
सिर्फ़ आप, आपकी security, आपके अधिकारी बैठे है।
बाक़ी कि जनता का हक आपने मार लिया, आप लोगों ने।
ये public transport में यात्रा करने और दिखावा करने का ढ़ोंग आम लोगों के लिए बहुत मंहगा पड़ रहा है।
कृपा कर आगे से आपने cavalcade में ही जायें।
हमें हमारे हाल में जीने दे।
प्रधानमंत्री जी, Please.
War Started on 28 Feb
Homruz closed on 29 Feb
Oil Crisis began on 5 March
From that date, our man conducted 113 rallies all over India with an average convoy size of 126 vehicles excluding private jet and helicopter.
Have you tweeted asking any questions?
Grow a spine, Rubika
सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिल्ली NCR में डीजल कार नहीं चलने देंगे। तो पेट्रोल कार खरीद लो। पेट्रोल मंत्री ने पेट्रोल का अधिकार सड़क मंत्री को दे दिया है जो असल में गन्ना मंत्री ह���। दोनों ने कहा शुद्ध पेट्रोल नहीं देंगे। 20% मिलावट वाला ही देंगे। तो E20 पेट्रोल कार खरीद ली। मिलावट इतनी है कि अब फ्यूल पंप का इश्यू हो गया। सब कह रहे हैं नई इलेक्ट्रिक कार ले लो। हाउसिंग सोसाइटी ने कहा चार्जिंग सिस्टम नहीं लगेगा, उससे आग लग जाती है। कह रहे हैं कहीं और नया घर ले लो। इधर पेट्रोल वाली गाड़ी कहीं भी खड़ी हो जा रही। फिर टो कर के सर्विस सेंटर में खड़ी रह रही। पेट्रोल की बचत हो रही है। म���दीजी आह्वान करते उसके पहले ही गडकरी जी ने इंतजाम कर दिया। ऐसी दूरदर्शिता से ही देश चलेगा। दादा कोंडके कहे रहे आगे की सोच। काहे की तुम्हारे पीछे क्या हो रहा है देख लोगे तो तन बदन में आग लग जाएगी। सदन में ठण्डक बनी रहेगी। वहां तुम्हारे चुने गए चन्द्रवदन कोई क्रंदन नहीं करेंगे। क्रंदन तुम्हारे माथे पर लिखा है जिसे वो पढ़ चुका है। तीन आखर का ही है वो भी। तुमको नहीं अखरेगा। तुम यूज़्ड टू हो। जो लिखा गया है नही�� बदलेगा। तुम्हारा भाग्य, बाबासाहब का संविधान, और सरकार की नीतियां। सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगड़ेंगी मगर ये देश रहना चाहिए। गाड़ियां आएंगी, जाएंगी, पॉलिसियां बनेंगी, बिगड़ेंगी मगर इथेनॉल रहना चाहिए। काहे कि एक बार हमने कमिटमेंट कर दी तो अपने आप की भी नहीं सुनते। जनता का फीडबैक घंटा सुनेंगे, मीटिंग की मिनिट्स लेंगे और एक सेकंड में एंटी नेशनल कह कर खारिज़ कर देंगे। सब सहन करो। अपने कर्मों का फल वहन करो। वाहन तुम्हारा गारत, बोलो जय भारत। देश के लिए इतना नहीं कर सकते। तुम पर लाख लानत।