आजीवन कार्यकर्ता @bjp4india ||
state office co- incharge BJYM Rajasthan ||
former state executive member @bjyminraj || state monitoring member @bjp4rajasthan
आज जयपुर में सांगानेर विधानसभा के मानसरोवर मण्डल के बूथ संख्या 125 पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के लोकप्रिय #मन_की_बात कार्यक्रम को स्थानीय जनों के साथ सुना।
कार्यक्रम के उपरांत बूथ के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया।
@BJP4Rajasthan#MannKiBaat
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के घेराव के दौरान लोकतांत्रिक मर्यादाओं एवं संवैधानिक गरिमा की अवहेलना किए जाने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान द्वारा माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री @madanrrathore जी एवं संगठन महामंत्री श्री @ajaeybjp जी भाईसाहब के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
लोकतंत्र और संविधान का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
@BJP4Rajasthan
"देश का युवा केवल आश्वासन नहीं, बल्कि न्याय और पारदर्शिता चाहता है।"
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” यह केवल एक बयान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के विश्वास की रक्षा का संकल्प है।
एक युवा होने के नाते मेरा मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता ही युवाओं के सपनों और मेहनत की सबसे बड़ी पूंजी है। यही कारण है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कड़े कानून और सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
आइए, हम सभी मिलकर ऐसी व्यवस्था के समर्थन में खड़े हों, जहाँ प्रतिभा, परिश्रम और ईमानदारी ही सफलता का आधार बने तथा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार कठोर दंड मिले।
राजस्थान में जल सुरक्षा की दिशा में डबल इंजन सरकार निरंतर ऐतिहासिक कार्य कर रही है। रामजल सेतु परियोजना, यमुना जल समझौता और नर्मदा ��ल विस्तार परियोजना प्रदेशवासियों के जीवन को सुगम बनाएंगी।
इन परियोजनाओं से जल उपलब्धता के साथ कृषि, उद्योग और प्रदेश के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।
आज के समाचार पत्र में प्रकाशित मेरा आलेख :-
एक तरफ मनीष सिसोदिया का बयान कि पेपर लीक हुआ तो शिक्षा मंत्री को हटा देंगे — और दूसरी तरफ पंजाब में Pharmacy Exam में हुई नकल और पेपर लीक की सच्चाई!
✅ हाई-टेक नकल
✅ युवाओं की मेहनत से खिलवाड़
✅ गायब जवाबदेही
अब सवाल सीधा है — क्या वादे के मुताबिक पंजाब के शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई होगी या हमेशा की तरह इस पर भी आम आदमी पार्टी U-Turn ले लेगी?
पंजाब की जनता, पंजाब के युवा… सवाल पूछिए!
मेहनत रंग लाई, सपनों को मिली नई उड़ान! 🩺
NEET परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद सड़कों पर उतरा छात्रों का यह हुजूम सिर्फ एक जश्न नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, समर्पण और जुनून की जीत है!
सपा वालों को विकास की पैरवी करने की फुर्सत कहां है,
'इनके' लूट-खसोट क�� अवैध धंधे को तो पहले ही सरकार चौपट कर चुकी है।
'उन्हें' मालूम है जो गलत होगा, उसको परिणाम भुगतना ही होगा...
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास घेराव के दौरान लोकतांत्रिक मर्यादाओं एवं संवैधानिक गरिमा की अवहेलना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान द्वारा माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री @madanrrathore जी के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्यालय का घेराव एवं विशाल विरोध प्रदर्शन।
दिनांक: 22 जुलाई 2026
समय: दोपहर 01:30 बजे
स्थान: भाजपा प्रदेश कार्यालय से प्रारंभ
आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिस प्रकार का कृत्य किया है, वह न केवल अशोभनीय है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विपरीत और अत्यंत निंदनीय है।
नेता प्रतिपक्ष जिस गरिमा का पद है, उस पद को भी राहुल गांधी गंभीरता से नहीं लेते हैं, ये उनके व्यवहार में साफ दिखाई दिया।
लोकतंत्र में विरोध करना प्रत्येक विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध और अराजकता में स्पष्ट अंतर होता है। जब विरोध अपनी मर्यादा की सीमाओं को लांघ देता है, तब वह अराजकता का रूप ले लेता है। हम लगातार कहते आए हैं कि राहुल गांधी आज रचनात्मक विपक्ष की बजाय अराजकता के प्रतीक बन कर रह गए हैं।
संसदीय लोकतंत्र में कुछ पद ऐसे होते हैं, जो किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के होते हैं। प्रधानमंत्री केवल किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि हैं। वे देश की जनता की आस्था, विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सर्वोच्च प्रतीकों में से एक हैं।
ऐसे में प्रधानमंत्री आवास की ओर जिस प्रकार से माहौल को तनावपूर्ण और अव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया, वह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं के प्रति असम्मान का परिचायक है।
आज की घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के राजनीतिक इतिहास का एक काला दिन है।
हमने भी वर्षों तक विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका निभाई ���ै, लेकिन कभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं और स���सदीय परंपराओं का उल्लंघन नहीं किया।
जिन मुद्दों को लेकर हमारे छात्र विषय रख रहे हैं, सरकार उस पर चर्चा करना चाहती है। राहुल गांधी ने स्वयं जो शर्तें रखीं, सरकार ने उन्हें भी स्वीकार किया। लेकिन जब संवाद और समाधान का अवसर आया, तो वे अपनी ही शर्तों और अपने ही रुख से पीछे हट गए। यह उनके राजनीतिक आचरण में अस्थिरता और अपरिपक्वता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
- श्री @NitinNabin
Eminent industry leader Shri Ravi Kant met PM @narendramodi earlier today and presented a copy of his book 'Leading from the Back - To Achieve the Impossible'.