बलिया
➡️कक्षा 1 की छात्रा रागिनी ने DM से लगाई गुहार
➡️DM अ��कल, मुझे साइकिल दिलवा दीजिए- छात्रा
➡️मैं रोज स्कूल पढ़ने आऊंगी- रागिनी
➡️हादसे में छात्रा का एक पैर हुआ क्षतिग्रस्त
➡️दिव्यांग होने के बावजूद पढ़ाई का जुनून
➡️एक पैर से कूद-कूदकर स्कूल जाती है रागिनी
➡️मनियर के प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में पढ़ती है
➡️रागिनी की मार्मिक अपील सोशल मीडिया पर वायरल
#Ballia #Education #UttarPradesh @dmballia @dayashankar4bjp
@Ankur_mishra32 जिस प��र्टी का उत्तर प्रदेश में कोई जानता भी नही उससे इस्तीफा दो ना दो कोई मतलब नहीं, बिहार में जो लोग सांसद बने हैं पार्टी के पदो पर है उनको इस्तीफा देना चाहिए
'चाय की दुकान पर कहा जाता है - तुम लोग डोम जाति से हो, तुम्हें ग्लास में चाय नहीं देंगे'
- दलित महिला
चाय की दुकान पर दलि��ों के साथ भेदभाव नहीं होता. ऐसा कहने वाले इस महिला को भी झुठला देंगे.
लोगों को लगता है उनके साथ भेदभाव नहीं हो रहा तो समाज में भेदभाव है ही नहीं.
जब एससी एसटी के कैंडिडेट जनरल सीट से चुनाव जीतना शुरू कर दें और और लगातार जीते रहे और तब एससी एसटी के लोग कहे के अब हमें आरक्षण की जरूरत नहीं है जब तक यह नहीं होगा तब तक आरक्षण जारी रहेगा चाहे इसके लिए लाखों साल लग जाए भाजपा की फायर ब्रा��ड नेता,आंदोलन की प्रमुख नेता और
पूर्व मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश उमा भारती जी 🔥🔥
विजय शर��मा ने अपनी ही मां का कर दिया बलात्कार 💔
नशे में धुत्त होकर विजय शर्मा घर पहुंचता है, यह अपनी ही मां को पलंग पर बांध देता है और मुंह में कपड़ा ठूंस देता है, फ़िर बलात्कार को अंजाम देता है,
में हैरान हूं एक भी मेनस्ट्रीम मीडिया ने इसे कवर नहीं किया, क्या अपराधी की ख़बर भी जाति देखकर लगाओगे मनु मीडिया के लोगों,
शर्मनाक मेरा खून खौल रहा है, जिस में ने इस पापी को जन्म दिया उसी का चीरहरण कर दिया, बेहद शर्मनाक,
इसको फाँसी से कम मंजूर नहीं है, मां बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है इस Maderxod ने । 😡😡
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दि��ाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
आरक्षण पर BJP में भी बढ़ी बेचैनी, अजय आलोक के बयान से छिड़ी नई बहस
जातिगत आरक्षण में बदलाव की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच बीजेपी प्रवक्ता अजय आलोक के बयान ने नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने EWS आरक्षण और OBC से जुड़े मोदी सरकार के फैसलों का जिक्र करते हुए आंदोलन की दिशा पर सवाल उठाए. वहीं आरक्षण सुधार के समर्थकों ने पलटवार करते हुए सामान्य वर्ग को भी आरक्षण पर बोलने का अधिकार देने की मांग की है.
पूरी खबर : https://t.co/9U2q6ClufD
#ReservationDebate #ReservationPolicy #BJP #AjayAlok #EWSReservation
#WATCH दिल्ली: आरक्षण पर BJP सांसद मनोज तिवारी ने कहा, " इन लोगों को जितना भ्रम फैलाना है फैलाते रहे। इस देश में अब कोई ऐसी जाति नहीं है जिसको आरक्षण न मिला हो....सभी को EWS का आरक��षण है इस देश में सभी को आरक्षण मिला है और सभी उसका लाभ ले रहे हैं। खरगे जी और उनकी पार्टी की जो देश की संस्कृति को नीचे ले जाने की कोशिश है वो सफल नहीं होगी।"
गोविंद बल्लभ पंत, हिंदू महासभा के श्यामा प्रसाद मुखर्जी, लाल बहादुर शास्त्री, सी राजगोपालाचारी, पंडित मदन मोहन मालवीय भी अंग्रेज़ी सरकार के मंत्री और कौंसिल के सदस्य रहे है। जो कारण इनका था वही ड��� अंबेडकर का था।
महामना मदन मोहन मालवीय और डॉ अम्बेडकर जी के ��ीच 1931 को लंदन के गोलमेज सम्मेलन में तीखी नोक झोंक चल रही थी। विषय था सेपरेट इलेक्टोरल। सम्मेलन ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड की अध्यक्षता में हो रहा था और मदन मोहन मालवीय जी डॉ अम्बेडकर जी के किसी भी तर्क से सहमत, संतुष्ट नहीं हो रहे थे। जो भी डॉ अम्बेडकर कहते, मालवीय जी हर चीज़ को झुठला रहे थे।
गाँधीजी के बदले इस सम्मेलन में मालवीय जी थे और मालवीय जी वही दोहराते जा रहे थे जो गाँधीज��� रट लगाए रखते थे कि अछूत हमारे अभिन्न हिस्सा है। बीच सम्मेलन में अचानक मदन मोहन मालवीय जी खड़े हुए और कहने लगे हमारे धार्मिक मामलों में हम ब्रिटिश हुकूमत या किसी भी अन्य बाहरी लोगों का दखल नहीं चाहते हैं। जहां तक बात है डॉ अम्बेडकर की मांग का तो डॉ अम्बेडकर मेरे छोटे भाई हैं बात खत्म।
डॉ अम्बेडकर जी से उनके समकालीन नेता कोई कभी जीत ही नहीं पाये और अम्बेडकर जी बिना समय गंवाए उठ खड़े हुये और सामने रखी पानी की बोतल से एक गिलास पानी भरा तथा मदन मोहन मालवीय जी तर���़ बढ़ाते हुए कहा मालवीय जी आप मेरे बड़े भाई हो कृपया मेरे हाथों से यह पानी पी लीजिए। भरी महफ़िल में और ऐसे नाज़ुक और जरूरी मोड़ में मदन मोहन मालवीय जी अपने धर्म के आगे इतनी सी हिम्मत नहीं कर सके कि वह पानी पी लें।
डॉ अम्बेडकर जी ने कहा कि मैँ दुनिया को बताना चाहता हूं कि यह कैसा भाईचारा जो एक भाई का छुआ पानी, दूसरा भाई पीने की हिम्मत नहीं कर सकता है? अपनी आत्मकथा में डॉक्ट��� अम्बेडकर जी ने लिखा है कि जब वे पढ़ते थे स्कूल में उनके लिए मटका छूना मना था। बड़ौदा रियासत में नौकरी करने गए, वहां पानी छूना मना था। जब डॉ अम्बेडकर प्रोफेसर बनकर पढ़ाने गये तब भी पानी छूना मना था और आज भी मना ही है।
महाड़ आंदोलन से लेकर अबतक कुछ नहीं बदला। मेरे अपने गांव में आज 21 वीं सदी में भी यह परंपरा ज्यूँ की त्यों कायम है। इसके लिए धर्म को दोष कैसे न दूँ क्योंकि आस्था के नाम पर लोग गोमूत्�� पी लेते हैं लेकिन वही आस्थावान लोग दलितों के हाथों से गंगाजल पीने की हिम्मत नहीं कर सकते हैं। यह शिक्षा धर्म की देन है अन्यथा मदन मोहन मालवीय जैसे धर्म के जानकार लोग यदि अम्बेडकर जी के हाथों एक घूंट पानी पीने की हिम्मत जुटा पाते तो आज बात कुछ और होती
( copy paste)
आरक्षण गरीबी हटाने की योजना नहीं है, बल्कि उस सामाजिक भेदभाव का जवाब है जो पीढ़ियों से लोगों के अवसर छीनता रहा है।
अगर आर्थिक स्थिति सुधर जाने से जाति खत्म हो जाती, तो शायद आरक्षण की ��हस भी खत्म हो जाती।
सवाल है क्या आज भी समाज किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर देखना बंद क�� चुका है?
आरक्षण पर राय देने से पहले उसके उद्देश्य को समझना जरूरी है।
#Reservation #CasteDiscrimination #SocialJustice #India
लोकप्रिय सांसद चन्द्रशेखर आज़ाद जी के खिलाफ एवं उनके परिवार के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए नॉर्थ एवेन्यू थाने पहुँचे।
ऐसी आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त न���ीं किया जाएगा। कानून के दायरे में रहकर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
हम अपने नेता और उनके परिवार के सम्मान के साथ मजबूती से खड़े हैं। संघर्ष जारी रहेगा। ✊🏽
जय भीम! 💙 @BhimArmyChief
@ASP4Delhi_
‘आरक्षण सुधार’ के नाम पर ‘आरक्षण समाप्ति’ का षड्यंत्र पीडीए समाज के ख़िलाफ़ एक और गहरी साज़िश है। आरक्षण पीडीए का अधिकार है किसी की इच्छा का विषय नहीं।
भाजपा व उनके संग��-साथी समय-समय पर जिस तरह कभी ‘समीक्षा’ तो कभी ‘सुधार’ जैसे अस्पष्ट शब्दों का प्रयोग कर आरक्षण का विरोध करते हैं या कभी ‘क्रीमीलेयर’ की बात करते हैं या ‘आरक्षण त्यागने’ की सलाह देते हैं, वो सदियों से शोषित-वंचित लोगों को मिले आरक्षण के अधिकार की हक़मारी की लगातार की जा रही कोशिश के अलग-अलग मुखौटे हैं।
आरक्षण था, आरक्षण है, आरक्षण रहेगा!
मैं यहाँ से आता हूँ। यह मेरे घर का सबसे बेस्ट कोना है। मेरे पास न कुछ खोने को है और न ही मेरी कुछ पाने की ईच्छा।
मतलब एकदम फकड़ फ़क़ीर।
आप मुझे गोली मार सकते हैं लेकिन आप मुझे चुप नहीं करवा सकते हैं।
गाजीपुर में 6 साल की बच���ची के साथ दुष्कर्म हुआ, बच्ची को ब्लीडिंग हो रही थी,
लेकिन डॉक्टर्स ने पूरे नियम क़ानून को प्राथमिकता दी बगैर मेडिकोलीगल के बिना बच्ची को हाथ तक नहीं लगाया,
हाँ वो अलग बात है कि परिजन ख़ून बहती बेतहाशा बच्ची को रात 2 बजे से 10 बजे तक मेडिकल से लेके ट्रामा तक चक्कर लगाते रहे।
नियम से बढ़कर कुछ नहीं ब्लीडिंग हो चाहे मर जाये!!