@IndianOilcl ब्राजील में 50 साल लगे हैं E27 लागू करने में और तुम चुतीये लोग 5 साल मे ही सब करना चाहते हो अरे पहले गाडियों के इंजन तो इस ईंधन लायक बनाओ फिर लागू करो E20
कामधेनु गाय को लेकर आपस में लड़ते गुरु ऋषि विश्वामित्र और ऋषि वशिष्ठ,
कुछ लोग कहेंगे कि ढोंगी है भगवा चोला ओढ़कर मीडिया अटेंशन के लिए नौटंकी करते रहते हैं
>ब्रो का नाम अजीत कुमार हरिजन
>ब्रो बिहार के छपरा में DPO माध्यमिक शिक्षा के पद पर है
>ब्रो का काम शिक्षा के लिए काम ���रना है
>लेकिन ब्रो अपने लिए काम करता है
>ब्रो ने टेन्डर दिलवाने के लिए 12 लाख की घूंस माँगी
>ठेकेदार ने घूंस डिजिटल माध्यम से परिवार के सदस्यों के खाते में दे भी दी,
>लेकिन ब्रो ने ठेकेदार को काम नहीं दिलवाया,
>ठेकेदार ने शिकायत कर दी
>जाँच बैठी और पाया गया ब्रो ने 33 महीने की नौकरी में करोड़ों का घर,6 बीघा जमीन और खातों में 2.5 करोड़ जमा कर रखे
>33 महीने में ब्रो को सरकारी वेतन 27 लाख मिला,
>अब ब्रो की गिरफ्तारी होनी है,
आपका नाम नितिन गडकरी है।
आप देश के परिवहन मंत्री हैं और आपको एथेनॉल से असीम प्रेम भी है।
20% एथेनॉल से शुरू हुआ “जनहित प्रयोग” अब 100% एथेनॉल तक पहुंच गया है।
जनता पूछ रही है - माइलेज घटेगी तो भरपाई कौन करेगा? इंजन पर असर पड़ेगा तो जिम्मेदारी किसकी होगी? पुराने वाहनों का क्या होगा?
लेकिन खैर , जनता सवाल पूछती रहे , नीति तो वही महान होती है जिसमें नुकसान आम आदमी का और प्रेजें���ेशन मंत्री जी का चमकदार हो।
आपकी सड़कें भी कमाल की हैं।
कागज पर स्प��स टेक्नोलॉजी से बनती हैं, उद्घाटन में वर्ल्ड क्लास दिखती हैं , और बारिश आते ही चार दिन में आत्मनिर्भर होकर हवा हो जाती हैं।
टोल टैक्स पूरा , सड़क अधूरी।
वादा एक्सप्रेसवे का , अनुभव ऑफ-रोडिंग का।
ऊपर से एथेनॉल ऐसा कि गाड़ी भी सोचती होगी मुझे चलाना है या प्रयोगशाला में जमा करना है?
लेकिन कोई बात नहीं।
दुनिया क्या कहती है , उससे मतलब नहीं।
इंसान को खुद की नजर में अच्छा होना चाहिए।
और अगर एथेनॉल , टोल और टूटती सड़कें भी खुश हैं , तो फिर विकास सच में हाईवे पर दौड़ रहा है।
@Ayush90656 ये चच्चा सच्चे गोबर भक्त हैं, इनकी आखें अब जा के खुलीं है इस लिए तो इनको अब दिखाई दे रहा है, आदमी पैदाइशी मुर्ख भी होता है अभी तक सुना था अब देख भी लिया है
जब अस्पताल में दवा की जगह पानी पहुंच जाए और मां की जान चली जाए, तब सवाल सिर्फ मौत का नहीं, पूरी व्यवस्था के बीमार होने का है।
आखिर इस स्वास्थ्य व्यवस्था पर शिकंजा कौन कसेगा? 💔
Digital India के दौर में हर बार ‘technical glitch’ - क्या glitch? क्यों glitch ?
जिम्मेदार कौन है ? और बार बार हो रहा हो - इसके लिए क्या कदम उठाए गए ।
technical glitch अब बहाना है।
दो शब्दों में लाखों युवाओं का समय, पैसा, मानसिक तनाव और तैयारी का नुकसान समेट दिया जाता है।
technical glitch मशीन में है ? या व्यवस्था में?
क्योंकि कीमत हर बार युवा ही चुका रहा है।
बस्ती जिले के एक सरकारी इंटर कोलेज में पिछले 67 सालों से बच्चियों का दाखिला इसलिए नहीं किया जाता है क्यूंकि वहाँ महिला शौचालय नहीं है,
ये आदमी टॉयलेट सीट लेके अपनी बच्ची का दाखिला कराने पहुँच गया।
अब आप ही बताइए इतने बड़े इंटर कॉलेज में एक सीट से भला होगा???
कम से कम 10 सीट तो लगेंगी ना??
वो अपनी-अपनी सरहदों प�� बारूद बो रहे हैं,
हम खाली सिलेंडर देख, रातों को रो रहे हैं।
ट्रंप की सनक ने चूल्हे की आंच को ठिठुरा दिया,
मूँछों के चक्कर में देखो, तेल और गैस का संकट ला दिया!
#LPGgascrisis #IranWar #iranisraelus
मस्जिद भी होती , शिवाला भी होता ,
गर सियासत ने नफरत का जहर पाला ना होता।
मेर�� चूल्हे से भी उठती रोटी की खुशबू, अगर मेरा गैस सिलेंडर खाली ��ा होता।"
#lpggascrisis #lpgसंकट #LPGgas
"चूल्हा बुझा है तो क्या हुआ, साहब का भाषण तो गरम है,
पेट खाली है तो क्या हुआ, कतारों में खड़ा रहना ही अब धर्म है।
गैस की टंकी अब रसोई की चीज़ नहीं, तिजोरी का गहना है,
लाइन में मरते रहो चुपचाप, क्योंकि तुम्हें सबका साथ सबका विकास ��रना है"। #lpgसंकट #LPGgascrisis