यही व्यक्ति सो कॉल्ड अपर क्लास होता और यही स्टेटमेंट सो कॉल्ड लोअर क्लास लड़की के लिए देता,
तो अब तक पूरे देश में हंगामा मच चुका होता और फाँसी तक देने की बात हो जाती,
गज़ब दोगलापन है
@Nationfirst128@ActivistSantosh भाई 🙏
तर्क और बुद्धि से नील बट्टो का दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं...
समझा क़र अपना समय ख़राब कर रहे हो ये जूते के ही लायक हैं !
"जिनको हम चुनकर अपना अगुवा बनाकर भेजते हैं, वो जब हमारी बात ही नहीं उठाएगा तो हम वोट क्यों करें? हम वोट ही नहीं करेंगे! हम वोट���ंग का बहिष्कार करेंगे"
-कहना है ��वर्ण बुजुर्ग का
सवर्ण समाज का ये असंतोष अब जमीन तक भी पहुँच चुका है कि हमारा संसद में कोई प्रतिनिधित्व ही नहीं!
नेताओं को अब सोचना होगा, कि अपने लालच में किसी को इतना मत दबाओ कि प्रतिकार के सिवा कोई रास्ता ना बचे!
स्वतंत्र भारद्वाज के केस में पटियाला हाउस कोर्ट गए उनके समर्थकों पर कथित तौर पर भीम आर्मी के गुंडों ने लाठी-डंडों से आक्रमण किया। कुछ लड़कों को गंभीर चोटें आई हैं। यह वीडियो मुझे वहाँ उपस्थित किसी व्यक्ति ने भेजा है।
यदि यही सब होता रहा, तो समाज को @BJP4India एक आंतरिक जातिगत संघर्ष में झोंक देगी क्योंकि भाजपा के मोदी एक्ट का बवासीर केवल झूठे केस बनाने तक सीमित नहीं रह गया है, अब इस तरह से सरेआम गुंडागर्दी होगी और सवर्ण पिटते रहेंगे।
चंद्रवती ने 10 साल में SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग से पाए 46 लाख रुपये
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के हस्तपुर गांव में चंद्रवती देवी और उनके परिवार पर अनुसूचित जाति (SC) से जुड़ी वित्तीय सहायता योजनाओं का कथित दुरुपयोग कर करीब 46 लाख रुपये प्राप्त करने का आरोप लगा है। मामले को गंभीर बताते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की सदस्य डॉ. अर्चना मजूमदार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष किशोर मकवाना को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
पत्र के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में चंद्रवती देवी और उनके परिवार से जुड़े करीब 15 मामले दर्ज किए गए। इनमें से कई प्रकरण SC/ST (Prevention of Atrocities) Act, 1989 के तहत बताए गए हैं। आरोप है कि इन मामलों से जुड़ी सरकारी वित्तीय सहायता के र���प में परिवार ने करीब 46 लाख रुपये प्राप्त किए। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
डॉ. मजूमदार ने मामले की गहन जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि सरकारी सहायता वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। साथ ही, यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
यह मामला SC/ST योजनाओं के कथित दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश कुमार ने कहा कि ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया सख्त होनी चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को नुकसान न हो।
अब सभी की निगाहें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की जांच पर हैं। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला SC/ST कानून और योजनाओं के दुरुपयोग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
राम वन गमन सड़क धसने पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा सड़क बनेगी तो टूटेगी,
दरअसल वो कहना चाहते थे कि अगर सड़क जल्दी टूटेगी और बनेगी नहीं तो बार बार कमिशन कैसे मिलेगा? चुनाव कैसे लड़ेंगे? ख़र्चे कैसे चलेंगे? चरक वाला कुर्ता कैसे पहनेंगे? बच्चे अय्याशी कैसे करेंगे? बीवी को नौलखा कैसे दिलाएंगे?
@aajtak नीचता और निर्लजता की पराकाष्ठा पार क़र चुके है धर्म द्रोही संघी - भाजमुल्ले और उनके गुलाम तथाकथित संत !
कीड़े पड़ेंगे इन नीचों को .. घिसट घिसट क़र मरेंगे ये सुवर !
पीड़ित व्यक्ति और महिलाएं हमारे सवर्ण समाज (ठाकुर समाज)से आते हैं इनका कहना है जब महिलाएं खेत पर जाती है तो जाटवो के लड़के नंगे खड़े हो जाते हैं कुछ कहने पर SC ST एक्ट लगाने की धमकी देते हैं प्रशासन भी उन लोगों के ही साथ है, खैर जैसा कि महामानव ने कहा था बदला लिया जाएगा तो बदला लिया जा रहा है।
मामला कासगंज का है।
अनुज शुक्ला यूरेशिया वाले ✍️
UGC ROLLBACK के लिए पूरे देश में सवर्ण समाज ने आंदोलन शुरू कर दिया है ।
यह तस्वीर अशोकनगर , मध्यप्रदेश की है । प्रदर्शनकारी हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं