2014 में प्रति व्यक्ति आय:
भारत— $1,560
बांग्लादेश— $1,200
आज 2026 में IMF के अनुसार प्रति व्यक्ति आय:
भारत— $2,813
बांग्लादेश— $2, 960
मोदी जी के 12 साल के शासन में बांग्लादेश हमसे आगे निकल गया है,जबकि 2014 में हमसे चीन और USA को पीछे छोड़ने का वादा किया गया था,अमेरिका से आगे जाना तो दूर हम जिनसे आगे थे ,अब उनसे भी पीछे हो गए हैं!
जुलाना से विधायक और अंतरराष्ट्रीय पटल पर तिरंगे की शान बढ़ाने वाली पहलवान @Phogat_Vinesh को जन्मदिन की ढेरों बधाई।
मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, प्रसन्न एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ।
सांसद श्री दीपेंद्र सिंह हुड्डा जी ने हमेशा 36 बिरादरी को साथ लेकर चलने, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने की राजनीति की है।
विरोधी पार्टियों के टूलकिट द्वारा, सज्जन कुमार जी से जुड़े मामले में दीपेंद्र जी के बयान को जिस तरह से गलत अर्थ देकर प्रचारित किया जा रहा है, वह पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने स्वयं स्पष्ट किया है कि उन्होंने ‘रोल मॉडल’ शब्द का प्रयोग नहीं किया और न ही उनकी ऐसी कोई भावना थी।
हुड्डा परिवार और सिख समाज के रिश्ते को किसी राजनीतिक बयान या विवाद के जरिए परिभाषित नहीं किया जा सकता। यह रिश्ता दशकों पुराना है, जिसकी जड़ें स्वतंत्रता आंदोलन और साझा संघर्षों तक जाती हैं। चौधरी मातू राम हुड्डा जी से लेकर सरदार अजीत सिंह जी और सरदार किशन सिंह जी तक का साथ हमारे साझा इतिहास और मजबूत सामाजिक भाईचारे की गवाही देता है।
आज भी दीपेंद्र जी सिख समाज के प्रति वही सम्मान और आत्मीयता रखते हैं। समाज को जोड़ने वाले इस रिश्ते में नफरत का बीज बोने की कोशिश करने वालों को हरियाणा की जनता भली-भांति पहचानती है।
भाईचारा हमारी पहचान है, इसे राजनीतिक स्वार्थ के लिए कमजोर करने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी।
@DeependerSHooda@TeamDeepender
वरिष्ठ पत्रकार सुशील मानव और रवींद्र श्योराण के विश्लेषण ने साफ कर दिया है कि दीपेंद्र हुड्डा जी ने उस कथित अंग्रेज़ी शब्द का प्रयोग किया ही नहीं था। गहन पड़ताल के बाद भी उनके बयान में ऐसा कोई शब्द नहीं मिला।
इसके बावजूद दीपेंद्र जी ने उस शब्द के लिए भी खेद व्यक्त किया, जो उन्होंने कभी कहा ही नहीं था।
यह कदम दर्शाता है कि उनके लिए सिख समाज का मान-सम्मान और आपसी भाईचारा किसी भी राजनीतिक विवाद से कहीं ऊपर है।
@DeependerSHooda
कुलदीप शर्मा के खिलाफ कांग्रेसियों के सवाल हुए तेज।
सज्जन कुमार प्रकरण में @DeependerSHooda को CWC से हटाने की मांग के बाद कांग्रेस के भीतर ही कुलदीप शर्मा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी करनाल @DivyanshuB_raja ने 2011 में उनके बेटे की शादी सज्जन कुमार के सरकारी आवास पर होने का हवाला देते हुए पूछा कि उस समय उनके साथी और विरोध करने वाले लोग कहाँ थे?
अब कई कांग्रेस नेताओं के वीडियो सामने आ चुके हैं, जिनमें कुलदीप शर्मा से इसी मुद्दे पर जवाब मांगा जा रहा है।
दीपेन्द्र जी के परिवार का सिख समाज से 110 साल पुराना रिश्ता है। किसान आंदोलन हो या कोई और मुद्दा, दीपेन्द्र जी हमेशा सिख समाज के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं।
सिख समाज ने देश के लिए जो कुर्बानियां दी हैं, हम उनका सम्मान करते हैं और उन्हें दिल से सलाम करते हैं।
#haryana
गुरुग्राम, जहाँ पिछले हफ़्ते 271 करोड़ का पेंटहाउस फ्लैट एक उद्यमी ने खरीदा हों, वहाँ 12 साल की में इतना बजट पानी निकासी के लिए भी ठीक से लगा होता तो हमें हमारी अगली पीढ़ी के सामने यूँ शर्मसार नहीं होना पड़ता।
पिछले एक दशक से हर वर्ष समस्या बढ़ रही है लेकिन जवाबदेही नहीं।
मुझे आज भी याद है 2020 का वह पल जब करनाल के सिंघड़ा में हरियाणा के बहुत बड़े सिख संत बाबा हरि सिंह की शहीदी हुई।तमाम गुरु नानक नाम लेवा संगत वहां मौजूद थी।सबकी आंखों में आंसू थे
सबका मिलन दीपेंद्र से,और दीपेंद्र का मिलन सबसे इस प्रकार हुआ जैसे आंसू सबके अपने हो
@DeependerSHooda
पिछले दो दिन से मैं देख रहा हूँ कि मेरे बयान को घुमा-फिराकर लोगों के सामने पेश किया जा रहा है। और मेरे बयान में एक ऐसा भी अंग्रेजी का शब्द डाला जा रहा है, जो मैंने बोला ही नहीं, न ही मेरा दूर-दूर तक ऐसा कोई मतलब था।
मेरी कोई भी मंशा किसी हमारे भाई को ठेस पहुँचाने की नहीं थी। सिख समाज के हमारे भाईयों को तो ठेस पहुँचाने की मैं सोच भी नहीं सकता। ना मेरी कभी कोई भावना ऐसी थी।
लेकिन फिर भी सिख समाज हमारा अपना परिवार है। अगर किसी भाई की भावनाओं को ठेस लगी है तो मैं आपका भाई हूँ, मैं खेद प्रकट करता हूँ। मेरी मंशा, मेरा मकसद किसी का दिल दुखी करना नहीं था।
सिख समाज हमारे देश का गौरवशाली समाज है और मुझे गर्व है ऐसे समाज पर, जिन्होंने हम सबके लिए जो कुर्बानियां दीं, उसको हम कभी भूल नहीं सकते। आज भी देश की सीमाओं की रक्षा हो, चाहे देश की आजादी की लड़ाई हो, सिख कौम ने देश के लिए जो कुर्बानियां दी हैं, उस पर हमें गौरव है और हमारा सिख समाज के साथ एक परिवार जैसा रिश्ता है। कभी भी ज़रूरत हुई तो छोटे-बड़े भाईयों की तरह आपस में हम हमेशा साथ खड़े रहे, ऐसा हमारा रिश्ता है।
जब 1908 में पंजाब में 'पगड़ी संभाल जट्टा' आंदोलन था, तो शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी के चाचा सरदार अजीत सिंह जी के साथ मेरे खुद के परदादा चौधरी मातूराम जी को काले पानी की सजा हुई थी और तब से लेकर जब किसान आंदोलन हुआ, जब पंजाब से हमारे किसान भाई आए, तो सबसे पहले उनके साथ मैं स्वयं पहुँचा। हमेशा हर संघर्ष में हम साथ रहे हैं।
और 84 में जो हुआ, सिख समाज के न्याय की उस लड़ाई में भी हम उनके साथ हैं। उनको न्याय मिलना चाहिए, कोई दोषी नहीं बचना चाहिए।
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह।
आज रोहतक में वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हरमिंद्र सिंह जी की अंतिम अरदास में सम्मिलित होकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों से मिलकर शोक व्यक्त किया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके द्वारा दी गई उत्कृष्ट सेवाएं सदैव स्मरणीय रहेंगी।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
नेहरू में साहस था, मोदी शॉर्टकट तलाशते हैं। नेहरू दूरदर्शी थे, मोदी के सामने समर्पण दिखता है। बोरिस जॉनसन के मुताबिक, 1952 में नेहरू ने कहा था कि भारत हमेशा रूस के साथ रहेगा। आज रूस-वेनेजुएला व्यापार, UPI, ईरान और युद्धविराम तक में अमेरिकी दबाव!
मोदी भारत के लिए आपदा हैं।👇
हुड्डा परिवार और सिख समाज का रिश्ता आज का नहीं, 100 साल से भी पुराना है।
1907 के ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन में सरदार अजीत सिंह जी और सरदार किशन सिंह जी के साथ चौधरी मातू राम हुड्डा जी भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे।
इतना ही नहीं, अंग्रेजों से बचने के लिए सरदार अजीत सिंह जी ने कुछ समय चौधरी मातू राम जी के घर में भूमिगत जीवन बिताया।
इतिहास गवाह है—सिख सम्मान के लिए हुड्डा परिवार हमेशा खड़ा रहा है।
@DeependerSHooda
आज हांसी में - मेरी सुरक्षा में तैनात कमांडो ब्रिजेन्द्र सिंह के बड़े भाई श्री छत्तर सिंह जी और जिला पार्षद सुखबीर संधू की धर्मपत्नी श्रीमती बीमल संधू जी के निधन पर पहुंच कर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दुःख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढ़स बंधाया।
किसान आंदोलन में दीपेंद्र सिंह हुड्डा जी हरियाणा-पंजाब के किसानों और सिख समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। सिख किसानों की कुर्बानी और संघर्ष को उन्होंने हमेशा सम्मान दिया।
आज कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए उनके बयान में ऐसे शब्द जोड़कर, जो उन्होंने कहे ही नहीं, झूठ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सिख समाज के साथ दीपेंद्र जी का रिश्ता दिल, सम्मान और भाईचारे का है। ऐसी कोशिशें हरियाणा-पंजाब के इस रिश्ते को कभी नहीं तोड़ सकतीं।
@DeependerSHooda
एक आम घर के बेटे को जनता ने आशीर्वाद देकर, विधानसभा में भेज दिया तो कुछ बड़े घरानों के नेताओं को यह बात हजम नहीं हो रही, उनके कुछ अंधभक्त, उनकी पार्टी के मानसिक गुलाम सारे दिन सोशल मीडिया पर विरोध करने का काम करते है..!
#नारनौंद_का_जस्सी#जस्सी_का_नारनौंद
सांसद @DeependerSHooda का बयान👇
‘रोल मॉडल’ शब्द का प्रयोग नहीं किया: मैंने सज्जन कुमार के लिए ‘रोल मॉडल’ शब्द का प्रयोग नहीं किया।
ऐसी कोई भावना नहीं: न ऐसी मेरी कोई भावना थी और न हो सकती है।
बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है: मेरे मुंह में ये शब्द उन लोगों द्वारा डाले जा रहे हैं, जो भाईचारा तोड़कर राजनीति करना चाहते हैं।
किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं: मेरी भावना कभी भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं रही।
मेरी सोच सभी जानते हैं: जो लोग मुझे जानते हैं, उन्हें मेरी सोच और मेरी भावनाओं का पता है।
सिख समाज के साथ हमेशा खड़े रहे: हमारा सदियों पुराना सिख समाज के साथ भाईचारा और पारिवारिक नाता है।
हर संघर्ष में साथ: सिख समाज के हर संघर्ष में हम उनके साथ खड़े रहे हैं।
सिख समाज के अधिकारों का समर्थन: जब भी सिख समाज के अधिकारों की बात आई, हमने हमेशा उनका समर्थन किया।
किसान आंदोलन में समर्थन: किसान आंदोलन के दौरान 750 किसानों की शहादत पर भी हमने सबसे पहले किसानों का साथ दिया।
1984 दंगों पर स्पष्ट रुख: 1984 के दंगों के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
न्याय की मांग: सिख भाइयों को न्याय मिलना चाहिए—यही हमारा शुरू से स्पष्ट स्टैंड रहा है।
सिख समाज के साथ प्रतिबद्धता: हम पूरी तरह सिख समाज के साथ खड़े हैं।