ये है 2022 तक सबको घर देने का झूठा वादा करनेवाली भाजपा क�� सच।
आँसुओं का मोल समझने के लिए एक संवेदनशील हृदय चाहिए होता है… जो भाजपा सरकार में नहीं है।
संस्कृति का झूठा स्वांग रचनेवाले जान लें कि हमारी संस्कृति में तो चिड़ियों के घोंसले भी नहीं तोड़े जाते हैं।