आज की सबसे खूबसूरत फोटो लेकिन इस फोटो के राज कोई नहीं जानता ,
आज INDIA गठबं��न ब्लॉक का वोट चोरी के खिलाफ़ सबसे विशाल प्रदर्शन था जिसमे SIR में हुई धांधली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुआ ,
लेकिन किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि इस प्रोटेस्ट में AISA ��ध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल होगी , क्योंकि नेहा बोरा हमेशा अकेले ही प्रदर्शन करना पसंद करती है , कॉकरोच जनता पार्टी के कॉल में भी इन्होने अकेले ही कमान संभाली और बहुत अच्छे तरह से प्रदर्शन को अंजाम दिया ,
सबसे खूबसूरती वाली बात ये है क़ि द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद जितने भी विरोध प्रदर्शन हुए उसमे युवाओ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया , छात्रों और युवाओ ने सिर्फ नारे लगाकर अपना विरोध प्र���र्शन किया ,
आज राहुल गाँधी पूरे प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा और प्रियंका गांधी को लेकर ढाल बने रहे , क्योंकि भीड़ हजारों में थी , कुछ अनहोनी ना हो जाये , इस वजह से राहुल गांधी ने दोनों को प्रोटेक्ट किया और ये एक अच्छे नेता की निशानी है ,
नेहा का दिल साफ है। जो भी बोलती है दो टूक बोलती है।
हिम्मत है।
भारत के प्रत्येक नागरिक के हक और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है।
पहले छात्रों की परीक्षा और पेपर लीक का मुद्दा उठाया।
तेईस तीन भूख हड़ताल की। सब Low Profile में।
संघर्ष और मेहनत, एकदम चुपचाप। कोई Hidden Agenda नहीं।
नेहा बोरा ने आज वो मुकाम हासिल किया जो इतने कम समय में शायद कोई कर पाता हो, ये लड़की शुरू से भाजपा कि सरदर्द बन चुकी है..
शायद कोई ऐसा दिन हो जिस दिन सड़क पर ना उतरी हो, लात खाये, जूते खाये डंडे खाये BJP के IT सेल ने इज्जत उतारने में कोई कसर नहीं छोडी..
किसी का परवाह नहीं किया,आज राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने अपन�� बराबर में खड़ा कर दिया..
आज अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास जैसे युवाओं को काफ़ी पीछे छोड़ दिया..
सैलूट है @neha_aisa
@srinivasiyc BV @srinivasiyc आप भी राहुल जी की टीम के एक मजबूत कार्यकर्ता हैं। आप ऐसे काम कर जाते हैं जो कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत जरूरी हैं। लोग सोचते हैं, आप उससे पहले करने लग जाते हैं।
@RahulGandhi आज बहुत मजा आया। आज लंदन में हूं। लेकिन कुछ नहीं किया। आज के आन्दोलन के समाचार, फोटोज, वीडियोज, X-messahes देखते देखते शाम हो गयी। कांग्रेस पार्टी, राहुल जी, मेरे जैसे करोडों लोगों लिए आज का दिन एक यादगार बन गया। काश आज मैं दिल्ली में होता।
जय हिंद।
I’d like to thank every single person who came out today for this protest. I'd also like to thank the millions of people who showed support in their own way at 3pm. Thank you to the leaders of INDIA bloc, all the workers of the Congress party and workers of the INDIA bloc.
Today was a very important day because we needed to show the government that the people of India are not going to be intimidated. You cannot beat us, threaten us, frighten us. We will not accept being bullied.
I was wondering where the cowards of the RSS who were beating the young children day before yesterday were. Where were those people? Because I didn’t see them.
When we are standing there and when the people of India are standing there, why don’t you come out? Why don’t you wear your little scarves and come out and see what happens?
Because you’re essentially, like the Prime Minister of India, bullies. You cannot stand up. You can only use power to fight.
So, it’s very heartening to see what happened. I’m proud of everybody. Everybody worked like a team.
As I said in my press conference, there are no parallel protests. It’s one protest, and it’s a protest where everybody is standing together. Every single person is going to stand against these killers of our Constitution, these killers of our democracy. And we’re not going to back down.
I’d also like to thank everybody from civil society organisations who came, supported us. We value your support, and we love all of you.
Thank you all for coming out and defending the idea of India, the idea of the Constitution, the idea of our democracy.
I’m extremely proud of every single person who came out on the streets. Thank you.
आज के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले हर एक व्यक्ति का मैं दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ। उन करोड़ों लोगों का भी धन्यवाद, जिन्होंने दोपहर 3 बजे अपने-अपने तरीके से इस आंदोलन को समर्थन द���या। INDIA गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और INDIA गठबंधन के तमाम कार्यकर्ताओं का भी बहुत-बहुत धन्यवाद।
आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। आप हमें मारिए, धमकाइए, डराने की कोशिश कीजिए, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम आपकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मैं सोच रहा था कि RSS के वो कायर लोग कहाँ थे, जो परसों हमारे ��ुवा साथियों को पीट रहे थे? कहाँ थे वो लोग? आज तो मुझे उनमें से कोई दिखाई नहीं दिया।
जब हम वहाँ खड़े हैं, जब देश की जनता वहाँ खड़ी है, तो तुम बाहर क्यों नहीं आते? अपनी छोटी-छोटी गमछियाँ पहनकर क्यों नहीं बाहर आते हो और देखते हो कि क्या होता है?
क्योंकि तुम भी देश के प्रधानमंत्री की तरह सिर्फ़ गुंडागर्दी करना जानते हो। तुममें सामने आकर खड़े होने की हिम्मत नहीं है। तुम सिर्फ़ सत्ता और ताक़त के दम पर लड़ सकते हो।
इसलिए आज जो कुछ हुआ, उसे देखकर बहुत खुशी होती है। मुझे आप सभी पर गर्व है। सबने एक टीम की तरह काम किया।
जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ये अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं। यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं।
हममें से हर एक व्यक्ति संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र को कुचलने वालों के ख़िलाफ़ खड़ा होगा। और हम एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे।
मैं उन सभी सिविल सोसाइटी संगठनों का भी दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ, जो आज हमारे साथ आए और जिन्होंने हमारा समर्थन किया। आपके समर्थन की हम कद्र करते हैं। हम आप सभी से मोहब्बत करते हैं।
भारत की सोच, हमारे संविधान के विचार और हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए आज सड़कों पर उतरने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद।
मुझे उन सभी लोगों पर बेहद गर्व है, जो आज सड़कों पर उतरे।
बहुत-बहुत धन्यवाद!
हरष वर्धन त्रिपाठी सर, क्या आप एक स्वतंत्र पत्रकार हैं?
1. आपने नरेन्द्र मोदी जी से यह क्यों नहीं पूछा कि ज्ञानेश कुमार ने इलेक्शन कमीशन की Meetings के एजेंडा और मिनिट्स अन्य दो कमीश्नरों से साझा क्यों नहीं किये। और यदि नहीं किये तो फिर कमीशन के निर्णय सर्वसम्मत कैसे हो गये।
2. Form 6 के प्रारूप में परिवर्तन तथा देश भर के EROs के अधिकार छीन कर Centrally operated एक Software App के सुपुर्द करने का काम किन शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया। क्या इसके लिए Ordinance नहीं निकलने चाहिए था एवं 6 माह के भीतर इतने बङे निर्णय पर संसद की मोहर नहीं लगनी चाहिए थी।
3. मोदी साहब से इतना ही पूछ लेते कि Cabinet Secretary ने दो ECs से प्राप्त Communications आप से शेयर किये होंगे। अगर किये तो मोदी साहब आप इस बात को दबा कर क्यों बैठ गये?
4. Sorry Tripathi Ji, आज तो आप सुप्रीम कोर्ट की स्वतन्त्रता, इसके महत्व और इसके सार्वभौमिक स्वरूप के लिये चिन्तित हैं।
5. माननीय स्वतंत्र पत्रकार जी, थोङी सी चिन्ता चुनाव आयोग और उच्चतम न्यायालय दोनों की एक साथ भी की होगी आपने।
जब संशोधन करके चुनाव आयोग के Commissioners हेतु चयन के लिये गठित बोर्ड में से Chief Justice of India को हटाया गया तब आपने मोदी जी के उस प्रयोग को खतरनाक की संज्ञा क्यों नहीं दी।
लेकिन जिन गलत निर्णयों पर कई पत्रकार चुप रहे, बारह वर्ष से चुपचाप मोदी सरकार की शान में कसीदे पढते रहे। उन सब कुकृत्यों के विरुद्ध आज भारत जाग उठा है। आज 12 अक्टूबर, 2026 के आन्दोलन के Videos देख लीजिएगा।
मैं भी ब्राह्मण हूं। आप जिस सरकार का गुणगान कर रहे हैं उसने युवा वर्ग का भविष्य चौपट किया है। खास कर ब्राह्मण युवकों का एक भगवां दुपट्टा गले में डालने के अलावा क्या भला किया। बेचारे दुपट्टा गले में डालकर नमो नम��� करते बेरोजगार घूम रहे हैं।
मुझ पर आरोप लगाया जा रहा है कि मैं नेहा ���ोरा को जरूरत से ज्यादा तवज्जो दे रहा हूँ.
मेरा कहना है मैं नेहा बोरा पर क्यों नही लिखूं. आज फिर नेहा बोरा शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हिस्सा बनी हुई है.
नेहा बोरा NEET के मुद्दे से लेकर SIR के मुद्दे तक मुखर होकर लगातार आवाज उठा रही है.
चोटिल होने के बावजूद सड़को पर उतरती है. कल किसी ने कल्पना भी नही थी नेहा बोरा सड़कों पर उतर पाएगी. जब कल CJP की पूरी लीडरशिप डिटेन थी नेहा बोरा ने कल भी सड़कों पर दौड़ कर शा��तिपूर्ण प्रदर्शन कर के दिखा दिया.
नेहा बोरा की कड़ी मेहनत और संघर्ष का परिणाम है आज वो कांग्रेस की टॉप लीडरशिप के साथ बस में बैठी है और आज के मार्च में भी अहम भूमिका निभाने जा रही है.
राहुल गांधी ने एक बार फिर दिल जीत लिया ,
कुछ देर पहले INDIA गठबंधन के प्रदर्शन में राहुल गांधी , प्रियंका गांधी और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पैदल चल रहे थे , कुछ दूर पैदल चलने के बाद सब एक गाड़ी में आ गए ताकि प्रदर्शन को अच्छे से लीड कर सके ,
लेकिन नेहा बोरा गाड़ी में पीछे की साइड खड़ी हो गयी , राहुल गांधी ने सब तरफ देखा की नेहा बोरा दिखाई नहीं दे रही है , फिर राहुल गांधी जी ने पीछे द��खा तो नेहा बोरा लास्ट में खड़ी थी ,
राहुल गांधी ने अपने पास जगह करके कुछ नेताओ को साइड करके अपने पास बराबर में जगह दी , जबकि राहुल गांधी के साथ बड़े बड़े नेता भी खड़े नहीं होते , लेकिन नेहा बोरा को सम्मान देना राहुल गांधी के बड़प्पन को दिखाता है ,
राहुल गांधी को ऐसा प्रदर्शन पहले करना चाहिए था लेकिन देर से ही सही लेकिन सराहनीय कदम है ,
राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के साथ ख़डी इस लड़की क़ो पहचान लीजिये. Neha Bora
ये लड़की दिल्ली पुलिस द्वारा
2 अक्टूबर क़ो डिटेन की गयीं
3 अक्टूबर क़ो डिटेन की गयीं
8 अक्टूबर क़ो डिटेन की गयी
10 अक्टूबर क़ो डिटेन की गयी
छातियों पर हाथ मारा गया, आईटी सेल द्वारा इसके शरीर पर भद्दे कमेंट और पोस्ट किये गए.
लेकिन इसने हार नहीं मानी
Neet प्रोटेस्ट के लिए भूख हड़ताल की
झारखण्ड प्रोटेस्ट के लिए लड़ाई लड़ी
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए लड़ाई लड रही
और आज राहुल गाँधी ने इसको साथ खड़ा किया
है अपने, Opposition और अनुभव वाले लोगों क़ो साइड में करके नेहा बोरा क़ो कांग्रेस का प्रमुख चेहरा ���ना डाला.
आने वाले समय में यूथ कांग्रेस की कमान इस लड़की के हाथों में होगी और ये संसद में भी होगी
मेरी बात याद रखना.
@SupriyaShrinate हां आज तो सच में उङा दिया।
सब टार्गेट छोटे रह गये।
तुलना का कोई मतलब नहीं रह गया।
पैमाने फेल हो गये।
मजबूत भारत की एक झलक।
राहुल गांधी जिन्दाबाद हो गये।
नेहा वोरा भी जिन्दाबाद हो गयी।
आज तो सच में गर्दा उङा दिया।
@atullondhe "INDIA"--- यही सबसे बङा नाम है। हम रहें न रहें। फर्क नहीं पङता।
हमारा भारत, हमारा INDIA आबाद रहे।
INDIA का संविधान सर्वोपरि रहे। INDIA का प्रजातंत्र मजबूत रहे... महफूज रहे।
The Sovereign INDIA.
आज पुलिस की बर्बरता कहाँ है?
आज हिरासत में ले जाने वाली गाड़ियाँ कहाँ हैं?
आज अवैध गिरफ्तारियाँ कहाँ हो रही हैं?
आज पुलिस के संरक्षण में गुंडागर्दी करने वाले लोग कहाँ हैं?
आज पिंकी चौधरी के गुंडे कहाँ हैं ?
आज बैरीगेटिंग कहाँ है ?
यह इस बात का उदाहरण है कि जब विपक्ष एकजुट होता है, तो क्या हो सकता है! पिछली बार INDIA गठबंधन कुछ हफ्तों के लिए एकजुट हुआ था और उसने 2024 में बीजेपी के पूर्ण बहुमत के सपने को चकनाचूर कर दिया था।
ज्ञानेश को सत्ता से हटाने का एकमात्र रास्ता यही है कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली और संविधान का सम्मान करने वाली सभी पार्टियाँ एकजुट हों।
@Arpitawpmg@INCIndia आपने देखा नहीं। मेरे नाम के आगे INC ���गा है। मैं जात-पांत की भाषा नहीं समझता। मेरे लिए सब इन्सान बराबर है।
इन्सान का मूल्यांकन उसके कामों से होना चाहिए, उसकी जाति और ��र्म देख कर नहीं।