#JusticeForTeachers
आरटीई लागू होने के बाद शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता उसके पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर थोपना सरासर अन्याय है ।हम अनुरोध करते हैं कि संसद द्वारा कानून पारित कराकर इस अन्याय पर रोक लगाकर देश के लाखों शिक्षकों और उनके परिजनों को न्याय दिलाया जाये ।
#NoTetBeforeRteAct
शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं ,संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं ।
तो फिर सभी राज्यों से जो आँकड़े और सूचना माँगी गई है क्या वो सब मिथ्या है ।यदि आप शिक्षकों के साथ है तो उत्तर में सभी राज्यों से सूचना माँगे जाने और विचार करने का उल्लेख आना चाहिए था ।आपके इस बयान की जितनी निंदा की जाये वो कम है ।ऐसा लगता है कि शिक्षा मंत्र��लय भारत सरकार ने कसम खा ली है,कि देश में किसी को शान्ति से नहीं बैठने देंगे ।देश के 20 लाख शिक्षक जो आपके द्वारा निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना कितना न्यायोचित है?
20 वर्ष पहले पुलिस,सेना या अर्धसैनिक बलों में 10 किमी की रेस लगाकर भर्ती अधिकारी या सैनिक को यदि आज दौड़ा दिया जाए तो विभाग ख़ाली हो जाएगा ।
देश में कितने माननीय न्यायाधीश हैं जो आज CLAT EXAM में बैठने को तैयार हैं?50-55 वर्ष के शिक्षकों को आज परीक्षा में बैठने को मजबूर किया जा रहा है और शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तमाशा देख रहा है ।
देश के नागरिक अपने सांसद इसलिए चुनते हैं कि संसद में उनके हितों की रक्षा करेंगे ।देश की संसद में सभ��� राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदो ने गत संसद सत्र में इस विषय को उठाया था लेकिन उसके बाद भी इस प्रकार का उत्तर देना यह सिद्ध करता है कि इनको किसी के हितों से कोई मतलब नहीं है ।
@PMOIndia
@narendramodi
@jayantrld
@dpradhanbjp
23 अगस्त,2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
-श्री योगेश त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष
उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ,
किसी भर्ती के पूर्व सरकार द्वारा संबंधित पद हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की जाती है उसको पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही भर्ती किये जाते हैं ।प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर शिक्षकों की भर्ती हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की गई उसको पूरा करने पर ही शिक्षक भर्ती हुए हैं
जैसे हाईस्कूल बीटीसी,इण्टर बीटीसी,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी ,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी /बी एड इत्यादि
25- 30 वर्ष पूर्व निर्धारित योग्यता पर नियुक्त शिक्षकों पर वर्तमान भर्ती हेतु निर्धारित योग्यता थोपने हेतु बनाया गया कोई भी कानून केवल काला कानून ही कहा जायेगा ।
23 अगस्त 2010 की एनसीटीई की गाइड लाइन में संशोधन देश भर के शिक्षकों के साथ छल कपट व धोखा है जिसे देश का शिक्षक सहन नहीं करेगा ।हम भ���रत सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस अन्याय के विरुद्ध देश के शिक्षकों को सड़क पर उतरने हेतु मजबूर न किया जाये ।भारत सरकार इस काले कानून को वापस लेकर शिक्षकों के साथ न्याय करे ।
#काला_कानून_वापस_लो
जिन सेवा शर्तों पर जिसकी नियुक्ति हुई है उसमे बदलाव सरासर नाइंसाफी है ।
पदोन्नति हेतु आप नए नियम गढिये कोई न रोक रहा है पर किसी की नौकरी लेने का आपको कोई हक नहीं ��ै ।
अध्यापक और छात्रों दोनों के हितों को देखते हुए माननीय गण ये
#काला_कानून_वापस_लो