@abhijeet_dipke Day 3. No food. No compromise. Only a demand for accountability.
Sonam Wangchuk continues his hunger strike at Jantar Mantar.
The movement is growing. The voices of students are getting louder. ✊📚
दिल्ली की धड़कन कनॉट प्लेस में भी अब मुसलमान सुरक्षित नहीं रहा, CP पार्क में कपिल कुमार नामक गुंडा अपने साथियों के साथ मिलकर एक मुस्लिम लड़के इमरान के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहा है, कभी उसको लात, घूसों, थप्पड़ तो कभी जूतों और बेल्टों से उसकी पिटाई की जा रही हैं ।
कपिल ने मुस्लिम लड़के पर पार्क में लड़की का पीछा करने का आरोप लगाया और झूठी हमदर्दी बटोरने के लिए मासूम के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। लड़की कपिल से कहती रही कि "मैं ठीक हूं मेरे साथ कुछ भी नहीं हुआ है" लेकिन गुंडा मासूम के साथ सिर्फ़ इसलिए बेरहमी से मारपीट करता रहा क्योंकि मासूम कुर्ते पायजामे में था जिसको देखने के बाद गुंडों में दोगुनी ताक़त आ जानी तय होती हैं।
@PMOIndia@HMOIndia@DelhiPolice@CMODelhi
लोकेशन: सेंट्रल पार्क कनॉट प्लेस
गाजियाबाद के लोनी के अंकुर विहार थाना इंचार्ज योगेन्द्र पंवार की यह कैसी भाषा है? दरअस्ल आफताब नामी एक 20 वर्षीय नौजवान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि परिजनों द्वारा नामजद रिपोर्ट दर्ज कराने के बाव��ूद पुलिस ढुलमुल रवैया अख्तियार किए हुए है। आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिवार सड़क पर उतर आया। जब यह बात अंकुर विहार थाना इंचार्ज योगेन्द्र पंवार को पता चली तो वहां पहुंचे और वहां पहुंचकर उन्होंने भद्दी गालियां देते हुए कहा ‘बुला अपनी माँ को @ तुम्हारी माँ को चो#%€? वीडियो में आप देखेंगे कि महिलाओं के सामने ही भद्दी गालियां दी जा रही हैं, महिलाओं को धकेला जा रहा है। सवाल यह है कि @dgpup @ghaziabadpolice ऐसे पुलिसकर्मियों के कार्रावाई क्यों नहीं करती, जो पीड़ित की धमका रहे हैं? गालियों की ये ट्रेनिंग उन्हें कहाँ से मिली है?
बाड़मेर में गरीब भील आदिवासी परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए गए, महिलाएँ और बच्चे खुले आसमान के नीचे आ गए। भजनलाल सरकार बताए कि घर तोड़ने से पहले इन परिवारों क�� रहने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
इधर हम लोग कॉक्रोज प्रोटेस्ट की तरफ देख रहे थे।
उधर कुछ जागरूक लोगों ने मुहम्मद साहब पर अभद्र टिप्पणियां करने वाली नाजिया इलाही पर #FIR करवा दी।
फ्रीडम ऑफ स्पीच की आड़ में आप दुसरो के धर्म को गालियाँ देकर फेम पाना चाहते हो। देश की छवि को डेंट करते हो तो आपसे बड़ा गद्दार कोई दूसरा नहीं है।
पुलिस और कानून का डंडा अब घूमना ही चाहिए।
प्रिय ग़ाज़ियाबाद पुलिस, इस तरह एक पूरे समुदाय के नरसंघार के लिये खुलेआम भड़काने की घटना तो आतंकवाद की श्रेणी में आती है।
रासुका और UAPA जैसी धारायें भी कम हैं एैसे लोगों के लिये, उम्मीद है आप संविधान सम���मत काम करेंगे।
@ghaziabadpolice @Uppolice