ये हैं पूरा अनडिटेड वीडियो
1. तिलक ���गर में पंद्रह साल बाद सड़क बन रही थी। आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने ठेकेदार से कहा कि अगर काम करना है तो उसे पचास लाख रुपये देने होंगे। ठेकेदार ने पैसे देने से मना कर दिया।
2. तिलक नगर में नगर कीर्तन होना था। विधायक जरनैल सिंह गुरुद्वारे के प्रधान और कुछ सिख संगत के साथ दोबारा ठेकेदार के पास गए और कहा कि नगर कीर्तन निकलना है और सड़क पर गड्ढे हैं, इसलिए पहले ये सड़क ठीक कर दीजिए। ठेकेदार ने कहा कि सड़क का काम एक साथ होता है, बीच-बीच में अलग-अलग हिस्सों में सड़क नहीं बनाई जा सकती। गुरुद्वारे के प्रधान ने निवेदन किया कि अस्थायी तौर पर सड़क पर एक परत डाल दी जाए, ताकि नगर कीर्तन के दौरान कोई बुज़ुर्ग या महिला गिरकर चोटिल न हो। गुरुद्वारे के अनुरोध पर ठेकेदार ने वहाँ अस्थायी परत डलवा दी।
3. जिस परत को विधायक जरनैल सिंह के निवेदन पर डलवाया गया था, उसके पड़ते ही जरनैल सिंह वहाँ मापने का फीता लेकर पहुँच गए। उन्होंने उस कच्ची सड़क को उखाड़कर दिखाना शुरू कर दिया और आरोप लगाया कि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है।
4. मंत्री प्र��ेश वर्मा स्वयं वहाँ पहुँचे और विधायक को बुलाकर कहा कि इस सड़क को उखाड़कर दिखाइए, जो सड़क असली में बन रही थी। जब विधायक उस सड़क को नहीं उखाड़ पाए, तो वे फिर उस टेंपरेरी सड़क पर गए और उसी हिस्से को उखाड़ने लगे जहाँ अस्थायी परत डाली गई थी।
5. इसके बाद मंत्री ने उन्हें बार-बार कहाँ कि उस सड़क को उखाड़ के दिखाओ जो पूरी बन चुकी हैं। इस पर जरनैल सिंह और उनके साथ आए गुंडे भड़क गए और मंत्री प्रवेश वर्मा के ���ाथ बदतमीज़ी तथा गाली-गलौज करने लगे। इनमे वो गुंडे भी शामिल थे जिनपर कई लोगो को पीटने को लेकर FIR दर्ज हैं और जेल भी जा चुके हैं ।
There is a reason Tihar returnee Arvind Kejriwal has chosen to back this protest in the name of students.
Having lost credibility on governance and accountability, he now seeks political relevance by appropriating student concerns and turning them into a confrontation.
If he is truly serious about fixing education, he should begin where he actually has the authority to act. He should sack Punjab’s Education Minister and appoint Sonam Wangchuk to the post instead. That would be a concrete step, not political theatre.
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने ऑन कैमरा कहा था, पंजाब में पेपर लीक हुआ, तो वहां के शिक्षा मंत्री को हटाएंगे।
पंजाब में फ़ार्मेसी ऑफिसर परिक्षा का पेपर लीक हुआ।
मनीष जी जंतर मंतर ���हुंचे हैं। क्या उनसे सिर्फ सवाल पूछना काफ़ी है? आपके वादे का क्या हुआ, मनीष जी? अरविंद केजरीवाल जी, देखिए, क्या सवाल पूछ रहे हैं छात्र? कब पूर��� करेंगे आप देश और पंजाब के छात्रों से किया हुआ वादा?
कथित ‘छात्र आंदोलन’ के नाम पर CJP का असली एजेंडा बेनकाब…!
एक तरफ यूपी सरकार को खुली धमकियां, दूसरी तरफ पंजाब के पेपर लीक पर पूरी चुप्पी।
साफ है — इन्हें छात्रों के भविष्य से नहीं, बल्कि छात्रों के नाम पर राजनीति चमकाने से ���तलब है।
वीडियो देखिए, पूरा खेल समझ आ जाएगा… ⬇️
If this protest is truly about students and paper leaks, why do Dipke, Ranka and gang have different standards for different states?
Why the outrage over Uttar Pradesh, but complete silence on Punjab? Why no mention of Karnataka, where a paper leak was reported just two days ago? Has anyone heard them demand the resignation of the Education Ministers in Punjab or Karnataka?
The selective outrage exposes the politics behind the protest.
If Arvind Kejriwal is genuinely concerned about education, he doesn’t have to wait for anyone. He can appoint Sonam Wangchuk as Punjab’s Education Minister, a decision entirely within his own control. That would do far more for students than politically motivated protests.
इन दो वीडियोज़ को देखिए, समझिए...सारा खेल समझ आ जाएगा।
कोकरोच जनता पार्टी के मंच से कहा जा रहा है कि यूपी में भी पेपर लीक हो रहे हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धमकी दी जा रही है कि हम लखनऊ भी आ सकते हैं।
और दूसरे वीडियो में जब पंजाब में पेपर लीक पर सवाल हुआ तो सीजेपी के नेता अब्ब��.. डब्बा.. चब्बा करने लगे।
ग़ज़ब है !
कथित ‘छात्र आंदोलन’ के नाम पर CJP का असली एजेंडा बेनकाब…!
एक तरफ यूपी सरकार को खुली धमकियां, दूसरी तरफ पंजाब के पेपर लीक पर पूरी चुप्पी।
साफ है — इन्हें छात्रों के भविष्य से नहीं, बल्कि छात्रों के नाम पर राजनीति चमकाने से मतलब है।
वीडियो देखिए, पूरा खेल समझ आ जाएगा…
कथित ‘छात्र आंदोलन’ के नाम पर CJP का असली एजेंडा बेनकाब…!
एक तरफ यूपी सरकार को खुली धमकियां, दूसरी तरफ पंजाब के पेपर लीक पर पूरी चुप्पी।
साफ है — इन्हें छात्रों के भविष्य से नहीं, बल्कि छात्रों के नाम पर राजनीति चमकाने से मतलब है।
वीडियो देखिए, पूरा खेल समझ आ जाएगा… ⬇️
Today, India takes a defining step in its civil nuclear journey, advancing the second stage of its nuclear programme.
The indigenously designed and built Prototype Fast Breeder Reactor at Kalpakkam has attained criticality.
This advanced reactor, capable of producing more fuel than it consumes, reflects the depth of our scientific capability and the strength of our engineering enterprise. It is a decisive step towards harnessing our vast thorium reserves in the third stage of the programme.
A proud moment for India. Congratulations to our scientists and engineers.
हित वचन तूने नहीं माना
मैत्री का मूल्य न पहचाना
तो ले, मैं भी अब जाता हूँ
बहुत-बहुत धन्यवाद @BJP4India! नमन रहेगा @narendramodi यह दिन दिखाने के लिए कि इस राष्ट्र में आतंकवादी सड़क घेर सकते हैं, दंगे कर सकते हैं, फिर वापस प्रदर्शन कर सकते हैं, पर आपकी कायर सरकार को समस्या मेरे जैसों से है।
आज मैं अपने घर में कैद हूँ। आज मेरा आना-जाना बंद है। न तो व्यक्ति अमर ���ोता है, न सत्ता!
आप लोग कायरों का एक समूह मात्र हैं। आप समाज को बाँटने वाले, डरपोक हो जो ट्रोल बंदरों की एक सेना बिठा कर हमें कलंकित करना चाहते हो।
दिल्ली में आए मित्रों का आह्वान करता हूँ कि रामलीला मैदान की ‘मोदी छावनी’ तक पहुँचिए। मोदी ने छावनी बनवाई है तो आप उसी मोदी तक अपने नारों को पहुँचाइए।
ये आपके बच्चों को जन्मजात अपराधी बना चुके हैं और आपको आतंकवादी की तरह देखते हैं। आप सवर्ण हैं तो इसका प्रतिकार कीजिए।
#March8DelhiChalo
रात्रि के पौने दो बज रहे हैं। मेरे घर पर नोएडा पुलिस के चार अधिकारी हैं। मैं एक बजे तक, साढ़े तीन घंटे लाइव था। वो तीन बार आए पूछने कि मैं कहाँ हूँ। अभी मिल कर आया और बताया कि उनकी उपस्थिति ने मेरी छवि अपनी सोसायटी में एक अपराधी की बना दी है।
उन्होंने कहा: पर सर हम तो गुड फेथ में आए हैं।
मैंने कहा कि यह बात मैं जानता हूँ, मेरे पड़ोसी नहीं जानते, न ही पूछने आएँगे।
मैं एक पत्रकार ��ूँ जो टीवी पर नहीं आता कि अपने सम्मान पर हो रहे इस चोट को अधिक लोगों तक पहुँचा सकूँ। मैं किसी पार्टी से नहीं, मेरी कोई संस्था नहीं, मेरा कोई आपराधिक इतिहास नहीं परंतु @narendramodi जी ने मुझे दिल्ली बम धमाकों के आतंकियों और उत्तम नगर में तरुण के हत्यारों से बड़ा अपराधी बनवा दिया है।
मुझे कल को मकान मालिक इस बात पर निकाल सकता है कि मेरे कारण उसकी प्रॉपर्टी पर पुलिस वाले आ रहे हैं, समाज में उसका नाम खराब ���ोगा। हर छः महीने अब मैं घर ढूँढता रहूँ या इस सतत मानसिक यातना में रहूँ कि कहीं यहाँ से भी न जाना पड़े! पर मैं जानता हूँ कि यह लड़ाई मेरी है और इसमें ऐसे पड़ाव आएँगे।
मैं आज सोने जा रहा हूँ तो इस पीड़ा के साथ कि कई आंदोलनकारी दिल्ली पहुँच तो गए हैं, पर उन्हें पता नहीं है कि वो कहाँ जाएँगे, क्या करेंगे। मैं उनसे कहूँगा कि आप रामलीला मैदान या जंत��� मंतर जाएँ, पुलिस आपको जैसा कहे, उनकी बात मानें।
आप नारेबाजी करें, आप भीड़ में संवैधानिक अधिकार के साथ प्रदर्शन करें। पर हाँ ध्यान रहे कि पतित @BJP4India अब किसी भी स्तर तक गिर सकती है। आपके बीच वो किसी उद्दंड व्यक्ति को भेज कर भड़काऊ नारे लगवा सकती है, बस में आग लगवा सकती है। ऐसे लोगों से बचें।
साथ के जितने लोग भी हाउस अरेस्ट में हैं, चाहे वो शेखावत जी हों, आनंद स्वरूप जी हों, यति जी हों, उदिता जी हों, ���र्वेश जी हों या अन्य जिनका नाम मैं नहीं जानता, मैं इस विषय पर आपके साथ हूँ।
अंत में, एक विचित्र बात। भाजपा के एक मित्र हैं, उन्होंने आठ बजे कहा कि उन्होंने फोन कर दिया है कि दो पुलिसकर्मियों को हटा दिया जाए ताकि मैं ठीक से सो सकूँ। मेरा लाइव आरंभ हुआ और जाते-जाते पुलिसकर्मियों की शिफ्ट बदली। अभी वो दो की जगह चार हो गए हैं, बाहर गाड़ी खड़ी है।
शुभरात्रि मोदी जी! जीवन के इस नए अनुभव के लिए आभार।
दोस्तो! आप सबको लग रहा होगा कि तरुण की मुसलमानों द्वारा हत्या पर माननीय कपिल मिश्रा जी कहाँ हैं। मैंने भी कल रात्रि यह पूछा था कि जिस व्यक्ति का राजनैतिक करियर ही ऐसे पीड़ित परिवारों से मिलने, सहयोग करने से बना, वो तरुण के घर क्यों नहीं गए!
अभी पता चला कि वो इजरायल में है और वहाँ उन्हें आयरन बीम का संचालन मिला हुआ है। ईरान से आती हर मिसाइ�� को कपिल जी स्वयं पावर वाला चश्मा लगा कर मार गिरा रहे हैं।
आप कहेंगे कि उन्होंने पिछले दो दिनों में रेखा गुप्ता और माननीय नरेन्द्र ��ोदी जी की ट्वीट को रीट्वीट किया है। आप भी जानते हैं कि दिन में ईरान मिसाइल नहीं मार रहा है, तो कपिल जी आराम के क्षणों में मोदी जी की जय-जयकार करना नहीं भूलते।
तरुण का क्या है, विपक्ष में होते तो जाते मिलने। सरकार अपनी है तो काम का लोड कितना होता है आप लोग क्या जानें। अतः, कपिल जी को परेशान न करें। उन्हें देश-विदेश सब देखना पड़ रहा है। वोट दे दिया, मंत्री बना दिया, और क्या चाहिए कि वो अब तरुण-वरुण के घर भटकते रहें!
उत्तम नगर की सँकड़ी गलियों में क्या उनकी गाड़ी जा पाएगी? कैसे उतरेंगे जमीन पर? छाले पड़ गए तो?
वो परेशान न हों, इसलिए मैंने उन्हें टैग भी नहीं किया है।
सामान्य वर्ग के नागरिको, दिल्ली पहुँचो!
आने वाले कुछ माह (और यदि सरकार हमारी बातें न माने, तो कुछ वर्ष) हमारे भविष्य के लिए निर्णायक होने जा रहे हैं। कुछ लोगों ने मुझे कहा था कि 5-6 दिन मैं प्रधानमंत्री को कुछ न कहूँ, वो लोग ‘कुछ’ कर रहे हैं।
सरकार ने कुछ भी नहीं किया, कोई संकेत भी नहीं किया। सरकार ने वही किया जो ये करते रहे हैं: इस बात पर दाव लगाया कि लोग सुप्रीम कोर्ट, केजरीवाल और ईरान के समाचारों के बीच यूजीसी समाप्त हो जाएगा, यदि कुछ बड़े हैंडल लिखना बंद कर दें।
अभी बिहार चुनाव चर्चा में है, नए सीएम की घोषणा तक समाचारों में वही विषय बना रहेगा। ऐसा @BJP4India और @narendramodi जी के सूचना संचालन दल का सोचना है।
अतः, आठ मार्च को दिल्ली आइए। जहाँ तक मुझे ज्ञात है, जंतर मंतर और रामलीला मैदान, दो स्थानों पर प्रदर्शन है। मैं आयोजकों से आग्रह करूँगा ���ि रामलीला मैदान में ही यह प्रदर्शन हो, ताकि एक स्थान पर अधिकाधिक लोग आ सकें।
यह प्रदर्शन राजनैतिक रूप न ले, इसका ध्यान करें। उचित बातें हों, और अपनी संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। सरकार चाहेगी कि मंच से कुछ विचित्र बोला जाए, और मैं जानता हूँ कि कुछ लोग आपके बीच सेंधमारी कर चुके होंगे। उनकी पहचान करें।
सरकार से हमने आरक्षण हटाने को नहीं कहा, हमने यह नहीं कहा कि तुम जय भीम करना बंद कर दो। हमने उनसे सवर्णों पर हो रहे घृणास्पद बयानबाजी, नारेबाजी, पोस्टरबाजी और हिंसक व्यवहारों को उसी तरह अपर���ध बनाने को कहा, जैसे इन्होंने SC/ST और BC एक्ट में किया है। हमारी एक भी माँग अनुचित नहीं बताई गई है।
अन्य माँगों की एक सूची हमने सार्वजनिक कर रखी है, जो बेयर मिनिमम है। हमारे और आपके ऊपर कॉन्ग्रेसी, सपाई समेत कई पार्टियों के एजेंट होने के आरोप लग चुके हैं, पर हमारी माँगों को अनुचित बताने का कोई तर्क नहीं है इनके पास।
किसी ने भी ‘तुम्हारी भाषा सही नहीं है’ और दो कौड़ी के झाँटू तर्क कि ‘��्टे तो लग ही गया’, के इतर तीसरी बात नहीं कही है।
इसलिए, वापस लिखना चालू कीजिए, वीडियो बनाइए, दलित-वंचित-शोषित-पीड़ित के तुष्टिकरण के हर पर्चे को सार्वजनिक कीजिए। पार्टी या सत्ता के जो भी भ्रम हैं, वो दूर कीजिए। यह हमारे भविष्य की लड़ाई है और भाजपा-संघ को इसे धागे भर का अंतर नहीं पड़ता।
इन पतितों के सामने, इस आंदोलन से जुड़ी हर लड़की का चरित्र हनन इसी भाजपा के कुछ CMO में बैठे लोगों ने किया। भाजपा के आइटी सेल (और वानाबी आइटी सेल) के दलालों की शब्दावली आप देख चुके हैं। इन्होंने नैतिकता की हर सीमा लाँघी है। इनके नेता आज भी चुप ही हैं।
पार्टी ने न तो उन्हें रोका है, न ही वो स्पेस आदि में गाली देने से रुक रहे हैं। स्पष्ट है कि इन चिरकुटों को पार्टी का मौन समर्थन है और वो वही कर रहे हैं जो पार्टी चाहती है। अतः, इनको उचित उत्तर देते रहिए।
सुप्रीम कोर्ट के सामने इस सरकार का लिजलिज��पन हम सबने देख लिया। पूरी सरकार रेंगने लगी, नरेन्द्र मोदी स्वतः संज्ञान लेने लगे, उनकी नाराजगी की खबर ‘सूत्रों के हवाले से’ लीक करा कर चलाई गई। पर यह पार्टी यूजीसी पर फेविकोल पी कर सोई हुई है।
यह मैं विश्वास के साथ कह रहा हूँ कि सरकार पिछले सात दिन को अपनी सफलता मान कर नाच रही होगी। उन्हें लग रहा है कि यह समाचार दब गया, विश्व युद्ध के ग्राफिक्स में लोग भूल जाएँगे।
ठीक है, ये मान कर भी देख ही लो��
PS: भाजपा/संघ के लोगों से आग्रह है अब मुझे संपर्क करने की चेष्टा न करें। आपको बहुत समय दे दिया गया, आपने धोखेबाजी की है।
प्रिय @narendramodi जी, तंत्र ने अदिति मिश्रा की हत्या कर दी। सामान्य वर्ग के कटऑफ से दो कम पाने पर, उसे भविष्य अंधकारमय दिखा, माता-पिता को त्याग कर ईश्वर के पास चली गई। वहीं इससे तीस कम लाने वाले IIT में जाएँगे, चार वर्ष बर्बाद करेंगे, फेल होते रहेंगे और अंततः पास हो कर भी नौकरी नहीं कर पाएँगे।
मैं शिक्षा में आरक्षण के विरोध में नहीं हूँ, परंतु 92 और 62 के अंतर के विरोध में हूँ। जब ऐसे ‘अवसर’ का आँकड़ा, 90% को हर वर्ष अनुत्तीर्ण होने के लिए दिया जाता रहेगा, तो यह अंतर कभी नहीं घटेगा।
भारत में हर घंटे एक छात्र/छात्रा आत्महत्या करते हैं। इनमें से बहुत अदिति की तरह के होते हैं, जिन्हें पता होता है कि तंत्र उनकी सहायता नहीं कर सकता। जो हर दिन यह देखते हैं कि नहीं पढ़ने वाले, लिस्ट में नाम देख कर नाचते हैं, और पढ़ने वाले पंखे में लटक कर जान दे देते हैं।
अगर “रुचि तिवारी” की जगह मुस्लिम लड़की होती तो देश में अब तक आग लग चुकी होती
अगर दलित हिंदू समाज की लड़की होती तो अब तक भारत बंद हो चुका होता
और ट्राइबल हिंदू लड़की होती तो राष्ट्रपति महोदया स्वयं मोर्चा संभालने लगते
अगर BC होती तो प्रधान जी नया क़ानून ही ले आते
मगर अभागी स्वर्ण समाज की महिला है इसलिए लोग मौन है…!!
आत्मा मर चुकी है
कुछ की आत्मा कुर्सी के लिए मर चुकी है
कुछ की आत्मा सत्त�� में ब���े रहने के लिए मर चुकी है
कुछ की आत्मा भविष्य में स्वयं को बड़े राजनेता के रूप में स्थापित करने के स्वप्न तले मर चुकी है
कुछ की आत्मा पद, प्रतिष्ठा एवं पॉवर पाने के चक्कर में मर चुकी है
कुछ की आर्थिक मोह एवं लोभ के चक्कर में मर चुकी है
कुछ की निजी फ़्यादे-नुक़सान की चिंता करने में मर चुकी है
और अब यह सब मरे हुए लोग मिलकर जो थोड़ी बहुत जीवित बची हुई आस है (हिंदू एकता,हिंदू स्वराज) उसे मारने में ���गे है।
कुछ मंत्री कह रहे थे कि UGC के नए नियमों का दुरुपयोग नहीं होगा, लेकिन हालात तो नियम लागू होने से पहले ही साफ दिखने लगे हैं।
जिन्हें मिलकर नक़ल माफिया और पेपर लीक के खिलाफ लड़ना था, वे आज जात-पा��� में बँट गए हैं। असली लड़ाई सिस्टम से होनी चाहिए थी, पर हम आपस में उलझ गए। एक फैसले ने ऐसी दरार पैदा कर दी है, जिसे भरने में शायद दशकों लग जाएँ।
75-वर्षीय पुजारी इन्द्रभान द्विवेदी को लाला केवट ने चाकुओं से गोदा, फिर गला रेत दिया। द्विवेदी यूजीसी का प्रोटेस्ट नहीं कर रहे थे, न ही सवर्ण राष्ट्र की माँग की थी। अपराध: ब्राह्मण पुजारी होना?