समाजवादी पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, PDA की बुलंद आवाज़, उत्तर प्रदेश के विकास पुरुष, पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 💐🎂🎂
ईश्वर आपको सदा स्वस्थ एवं दीघार्यु रखें।
#SamajwadiParty#AkhileshYadav
जन सेवा के ल��ए समर्पित जीवन जीनेवाले, सत्यनिष्ठा एवं सादगी की प्रबुद्ध प्रतिमूर्ति सदैव अनुकरणीय ‘छोटे लोहिया’ पंडित जनेश्वर मिश्र जी की जयंती पर उनके द्वारा जीये गये समाजवादी मूल्यों के प्रति पुनः संकल्पित नमन!
बनाने चले Brand, बज गया Band!
अब 7000 करोड़ एक साल में भी खर्च कर दें तो भी कुछ बदलनेवाला न��ीं।
डबल इंजन के आपसी कम्पटीशन में गुरु गुड़ रह गया, चेला शक्कर हो गया… ये बात अलग है कि ज़्यादा मीठे के चक्कर में सब कड़वा हो गया।
अच्छे व्यवहार, अच्छे करम और जन हित के काम से बड़ा कोई और प्रचार नहीं होता है।
इनके अत्याचार, अन्याय, महिलाओं-अधिकारियों-पत्रकारों-प्रोफ़ेसरों से दुर्व्यवहार, दुर्वचन, सजातीय पक्षपात, पीडीए पर प्रहार, ‘हाता नहीं भाता’ के फ़ार्मूल के विस्तार, महा-भ्रष्टाचार के ��्रव्य के स्वर्ण-ठोसीकरण, मंदिर चोरी के आरोपियों को दोषपूर्ण SIT से बचाने व प्रतिशोध की राजनीति के कारण घर-मकान-दुकान से लेकर यूनिवर्सिटी तक गिराने जैसी नकारात्मक-संकीर्ण राजनीति के कारणवश इनकी इमेज का एनकाउंटर हो गया है और उसके ऊपर से बुलडोज़र भी गुज़र गया है। इनकी छवि तो बनी नहीं, अधिकारियों के घर-महल ज़रूर बन गये।
जनता पूछ रही है लखनऊ से गोरखपुर कोई डाइरेक्ट ट्रेन है क्या क्योंकि अपने बनाए भाजपाई एक्सप्रेसवे से जाने का जोखिम तो वो उठाएंगे नहीं। ‘एक-दो’ आइटम छोड़कर बाक़ी सब वैध सामान ले जाने के लिए मूवर्स एंड पैकर्स भी तैयार बैठे हैं।
"भगवान कृष्ण और सु��ामा की दोस्ती आज की नहीं है, बताओ कितने हजार साल पुरानी है, किस युग की है दोस्ती। समाजवादी पार्टी को जब भी मौका मिला है, हम लोगों ने सम्मान देने का काम किया है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @yadavakhilesh जी
भाजपाइयों के भोजनार्थ
भ्रष्टाचारियों के शर्मनार्थ
अभिभावकों के संदर्भार्थ
म���ख्यमंत्री जी यदि सक्रिय, सचेत और सजग होते तो उनके संज्ञानार्थ भी भेज देते लेकिन हमेशा के लिए जानेवालों से, चला-चली की इस अंतिम बेला में क्या तो शिकायत करें और क्या ही अपेक्षा। जो दस साल में नहीं जागे वो आख़िरी के चंद महीनों में क्या ही कर लेंगे। ये वीडियो देखकर वो कोई सुधार तो करेंगे नहीं बल्कि या तो किसी की नौकरी ले लेंगे या फिर एफ़आइआर करवा देंगे।
घोर निंदनीय… कम-से-कम बच्चों का निवाला तो न छीनें।
भाजपा कुशासन में आम जनता तो छोड़िए, उत्तर प्रदेश विधानसभा तक में विधायकों की भी अभिव्यक्ति पर आपत्ति करना निंदनीय है लेकिन उससे अधिक निंदनीय ये है कि सदन के बाहर जो सत्ताधारी महिलाओं का अपमान करते हैं, वो सदन तक में महिला विधायकों से शालीन व्यवहार नहीं करते हैं।
जनता तो बस इतना पूछ रही है कि अगर माननीय मुख्यमंत्री जी की बनाई SIT ने “दूध का दूध पानी का पानी” कर दिया था तो क्या नई SIT पानी का भी पानी करेगी। भाजपा सरकार है या वॉटर फ़िल्टर?
इटावा
➡केदारेश्वर महादेव मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
➡करीब 50 बीघा क्षेत्र में 84 फीट ऊंचा मंदिर
➡सावन के पहले सोमवार पर भक्तों की भीड़
➡जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए कतारें
#Etawah#Sawan
भगवान को नचाने का अहंकार रखनेवालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझनेवालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुख़ार भी।
ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का सं��ुक्त परिणाम है क्योंकि:
- ‘वोट चोरी’
- ‘पेपर चोरी’
- ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’
- ’नौकरी चोरी’
- ’आरक्षण चोरी’
- ‘कमीशनख़ोरी’
- ’पीडीए पर अत्याचार’
- ’घोर भ्रष्टाचार’
- ‘महंगाई की मार’
- ’मिलावट के सरकारीकरण’
- ‘माताओं-बेटियों तक का अपमान’
- ’देश के जेन ज़ी पर हर तरह से प्रहार’
भाजपा ने इन सभी तरीक़ों से जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगा है।
अब तो भाजपावाले भी अपने ही ‘किसी’ का इस्तीफ़ा माँगेंगे क्योंकि जो अपनी ही विधानसभा हार गये उनके भ��ोसे नाव कैसे पार होगी। दरअसल ये हार उनकी है जिन्होंने उनको चुना था या कहें संगठन पर अपनी मर्ज़ी की तरह थोपा था। अब तो कोई ये भी नहीं कह सकता है कि ‘भाजपा में इस्तीफ़े नहीं होते हैं।’
सबसे ज़्यादा खुश तो उप्र में ‘वो’ हैं, जिनको ‘पीडीए’ समाज का होने की वजह से राष्ट्रीय स्तर का पद न देकर जानबूझकर राज्य स्तर का पद दिया गया था। आज तो वो भी मुस्कुराकर पूछ रहे हैं : ‘5 बड़ा या 7’। वैसे जनता ये भी कह रही है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा नहीं जिता पाये तो राज्य-अध्यक्ष तो विधानसभा लड़वा भी नहीं पाएंगे।
ये डबल इंजन की डबल हार है।
भाजपा की हार मतलब बदलाव की शुरुआत! भाजपा की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उनकी हार नहीं बचा पाएंगी। अब भाजपा का संकट हार से बढ़कर इस बात का होगा ��ि उनका टिकट लेनेवाला ‘ड्रोन और दूरबीन’ से भी ढूंढे नहीं मिलेगा।
सभी विजयी उम्मीदवारों को जीत की बधाई और नई उम्मीदों पर खरे उतरने के लिए सजग-सचेत और संविधान के प्रति वचनबद्ध रहने की अपेक्षा।
(कोष्ठक में विशेष : लड्डू तो भाजपा के अंदर भी बँट रहे हैं…)
अब भाजपा सरकार से त्रस्त जनता ने भाजपाइयों को पहचानना ही बंद कर दिया है।
अब तो भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की एक ही ‘बदनाम-पहचान’ बची है : CC
जनता भाजपाइयों को देखकर ��ह रही है :
“CC-CC!”
जो भाजपा का साथी, वो रामघाती-महापापी!
#CC_to_CC
तुम भाजपाइयों को तो भगवान भी माफ नहीं करेंगे, तुम भाजपाइयों ने तो भगवान का चंदा चढ़ावा सब चुरा लिया, भगवान के घर में ही डकैती डाल दी, यह पाप नहीं बल्कि महा पाप है