मुग़लों ने हमें लूटा और हमें दिया
-लाल किला, कुतब मीनार, ताजमहल
अंग्रेजो ने हमें लूटा और हमें दिया
-रेलवे,रोड,सरकारी शासन चलाने का तरीका
कांग्रेस ने हमें लूटा और हमें दिया
-इसरो, IIT, IIM, DRDO,LIC, बैंक, इकॉनमी
आधार, पैन, पासपोर्ट, वर्ल्ड लीडर्स
बीजेपी ने हमें लू��ा और हमें दिया
-पेपर लीक, एथनोल, गिरते पुल, गिरता रूपया, हिन्दू मुस्लि�� की राजनीती, और अंधभक्त
इसके अलावा क्या दिया है?? बताओ
'सभी नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है। वे विरोध नहीं कर सकते, वे आंदोलन नहीं कर सकते, यह सब क्या है? अब इतने सारे पेपर लीक हो गए हैं। अगर लोग विरोध करेंगे, तो क्या आप केस कर देंगे?
नागरिक, भाजपा सरकार मुर्दाबाद या अमित शाह मुर्दाबाद जैसे नारे क्यों नहीं लगा सकते? लोगों को सरकार का गुलाम बनाया जा रहा. पुलिस, मुख्यम��त्री या प्रधानमंत्री की नौकर नहीं है. वे पब्लिक सर्वेंट हैं.'
-जस्टिस माधव जामदार
बॉम्बे हाईकोर्ट
"अगर उमर खालिद ने वास्तव में आतंकवाद को भड़काया है, तो सरकार इसे अदालत में साबित क्यों नहीं करती?"
◆ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा
@ShashiTharoor | Shashi Tharoor | #ShashiTharoor | Umar Khalid | #UmarKhalid
💔- कभी मंदिर से चोरी की खबर आती है।
कहीं ईवीएम के जलने की चर्चा हैं।
कभी शिक्षा मंत्रालय में आग लग जाती है।
कभी होटल तो कभी library में आग लगने से लोग जान गंवा देते हैं और फायर ब्रिगेड वक़्त पर नहीं पहुँच पाती।
कहीं अस्पतालों के बाहर इलाज के लिए तरसते लोग...
तो कहीं स्कूलों की छत गिर जाती है।
कभी पेपर लीक से लाखों सपने टूट जाते हैं ...
तो कहीं न्याय की उम्मीद में उम्र निकल रही है।
आए दिन भ्रष्टाचार की खबरें, योजनाओं में घोटालों के आरोप है।
प्रदूषित हवा...गंदा पानी...टूटी सड़कें, गिरते पुल हैं।
महँगाई से जनता की जेब पर बढ़ता बोझ हैं।
आखिर कब तक?
कब तक इस देश का आम आदमी हर मोर्चे पर समझौता करता रहेगा?
खाने में मिलावट स्वीकार कर लो...
शिक्षा ���ें खामियाँ स्वीकार कर लो...
स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली स्वीकार कर लो...
भ्रष्टाचार स्वीकार कर लो...
बेरोज़गारी स्वीकार कर लो...
और फिर कह दो - "ऐसे ही चलता है।"
नहीं...
ऐसे नहीं चलता।
समस्याओं को नियति मानकर हम देश को कमज़ोर कर रहे हैं
दुनिया के किसी भी विकसित देश ने चुप रहकर विकास नहीं किया।
वहाँ नागरिकों ने सवाल पूछे, जवाब माँगे और व्यवस्था को जवाबदेह बनाया।
आज भारत में करोड़ों ईमानदार लोग हैं- ईमानदार शिक्षक हैं।ईमानदार डॉक्टर हैं।ईमानदार अधिकारी हैं।ईमानदार पत्रकार हैं।ईमानदार कर्मचारी हैं।
लेकिन यदि ये सब अपने-अपने डर, स्वार्थ और मजबूरियों में चुप बैठे रहेंगे तो कुछ भी नहीं बदलेगा।
देश पीछे जा रहा है, क्योंकि गलत को देखकर भी बहुत लोग चुप हैं।
जिस दिन इस देश का आम नागरिक यह तय कर लेगा कि उसके बच्चों को शुद्ध भोजन चाहिए, अच्छी शिक्षा चाहिए, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए, निष्पक्ष परीक्षाएँ चाहिए, सुरक्षित शहर चाहिए और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था चाहिए...
उस दिन से बदलाव शुरू होगा।
गलत को गलत कहने की कीमत चाहे जो हो, चुप मत रहिए।
यह लड़ाई किसी दल, नेता या सरकार के खिलाफ नहीं है।
यह लड़ाई भारत के भविष्य के लिए है।
यदि लीक का स्रोत नहीं पकड़ा जाएगा, तो Telegram बंद कर दीजिए, कल WhatsApp होगा, परसों कोई और माध्यम होगा।
बीमारी का इलाज चाहिए, थर्मामीटर तोड़ने से बुखार नहीं रुकता।
यह ख़बर कब आएगी कि NEET पेपर लीक की तरह प्रधानमंत्री राम मंदिर के चढ़ावे में डकैती के मामले को भी मॉनिटर कर रहे हैं। अभी तक FIR भी नहीं हुई। मीडिया की बेईमानी देखिए कि डकैती को चोरी लिख रहा है। इस देश में दो करोड़ तीन करोड़ अब ग़बन या डकैती नहीं है, चोरी है। ख़बर बड़ी न लगे क्या इसलिए गोदी मीडिया मौत की ख़बर को घायल लिखने लग जाएगा।
एक निडर और सच्चे पत्रकार की पीड़ा
“जिन्होंने नेहरू की किसी किताब के 10 पेज नहीं पढ़े वो उनके बारे में न जाने क्या-क्या बक रहे हैं
जिन्होनें महात्मा गांधी की किसी किताब के 20 पेज नहीं पढ़े वो बापू को गाली देते हैं
प्रधानमंत्री के खिलाफ़ कुछ बोलो तो कहते हैं राष्ट्र के खिलाफ़ हो गया
सरकार के खिलाफ़ बोलो तो कहते हैं देश के खिलाफ़ हो गया”
'Gross abuse of Law'.
न्यूज़क्लिक के खिलाफ चीन से अवैध विदेशी फंडिंग के जरिए भारत की संप्रभुता को कमजोर करने और प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगाया गया। लोग मान भी लिए!
दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यूजक्लिक के खिलाफ दिल्ली पुलिस और ईडी की ओर से द���्ज एफडीआई उल्लंघन के मामले को रद्द करते हुए कहा है कि - कानून का गलत इस्तेमाल हुआ है, जांच में मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत नहीं मिले हैं।
इसलिए एजेंसियों के द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर हमें किसी नतीजे पर पहुँचने से बचना चाहिए।
“एक राजा था। उसके चाटुकारों ने उसको कह दिया था कि वह महान है। एक दिन किसी ने उसको आईना दिखा दिया। इसके बाद राजा ने ऐलान कर दिया, “जो आईना दिखाए वह दुश्मन है। जो सवाल पूछे है वो ग़द्दार है।
ऐसा ही एक राजा हमारे देश में भी है”