कच्छ के गांधीधाम से हिंदू युवक ने सोसियल मीडिया पे मुस्लिम नाम लगाके कुंभ को बॉम्ब से उड़ाने की धमकी,और देश द्रोही नारे लगाए जिसके खिलाफ कच्छ मुस्लिम युवा कोर कमिटी ने कलेक्टरश्री को ज्ञापन दिया और कड़क सजा की मांग की
#muslimcorecamitee@aajtak@ABPNews@tv9gujarati
बक रहा हूँ जुनून में क्या क्या कुछ। कुछ न समझे ख़ुदा करे कोई।
पहली बात, सुप्रीम कोर्ट ने खुद ये बात मान लिया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बाबरी मस्जिद किसी मंदिर को तोड़ कर बनाई गई थी। संभल की मस्जिद का केस भी 1877-79 में खत्म हो चुका था और अदालतों ने साफ कह दिया था कि संभल की जमा मस्जिद, मस्जिद ही है और वहाँ कोई मंदिर नहीं, ना वहाँ पूजा होती है। बाबा की दुकान में सच की कोई क़ीमत नहीं ���ै, लेकिन इसका मतलब नहीं कि हम सब चुपचाप उनकी बातों पर यकीन कर लें।
इस बयान से ये तो साफ़ हो गया कि मस्जिदों को मंदिरों में तब्दील करने वाले ये केस “भाजपा द्वारा प्रायोजित” हुए हैं। जब अदालत में केस चल रहा है, तब किसी को अधिकार नहीं है कि केस को वो बाहर से प्रभावित करे।
Hum Babri Masjid ki Shahadat ko nahi'n Bhule.
Kaun Zimmedaar the hum yad rakhte hain, Aur rakhenge.
Us muqam per Masjid thi, hai aur Qayamat tak rahegi.
70 साल बाद देश में ग़रीबी कितनी बढ़ जायेगी इसकी बात नहीं की जा रही है बल्कि संभल की जामा मस्जिद का मसला खड़ा कर दिया गया, संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान firing में 5 लोग शहीद हो गए जिसमे एक 17 ���ाल का नौजवान भी था :- बैरिस्टर @asadowaisi साहब
.@narendramodi और @RSSorg ने देश की जनता में वहम फैला दिया है कि जहाँ पर भी कोई नमाज़ पढ़ लेगा वह Waqf की Property हो जायेगी, जो कि ऐसा बिल्कुल नहीं है
में शुक्रिया अदा करता हूँ Aimim के राष्ट्रीय अध्यक्ष और MP बैरिस्टर @asadowaisi साहेब का Aimim फ्लोर लीडर और MLA @akbarowaisii साहेब का MLA @AhmedBalala_786 साहेब का महाराष्ट्र अध्यक्ष @imtiaz_jaleel साहेब का जिन्होंने मुज़पर विश्वास जताया और मूजे भिवंडी पश्चिम से @aimim_national का उम्मीदवार घोषित किया।
इंशाअल्लाह लड़ेंगे और जीतेंगे।
अपनी दुवा��ं में मूजे याद रखना।
मुफ़्ती सलमान अज़हरी साहब को सुप्रीम कोर्ट ने रिलीज़ करने का आदेश दिया है।
मुफ़्ती सलमान अज़हरी साहब को गुजरात पुलिस के 3 मामलों में पहले ही ज़मानत मिल चुकी थी, लेकिन वे पिछले 10 महीनों से PASA एक्ट के तहत जेल में थे। आज सुप्रीम कोर्ट ने PASA के तहत नज़रबंदी को रद्द कर दिया है।