ज्योतिष शास्त्र में, विशेषकर बृहत् पाराशर होरा शास्त्र जैसे शास्त्रीय ग्रंथों के अनुसार, प्रत्येक ग्रह एक विशिष्ट ऊर्जा रखता है। जन्म कुंडली में बलवान होने पर (विशेषकर दसवें, छठे,दूसरे या ग्यारहवें भाव से जुड़े होने पर) यह करियर की दिशा निर्धारित करता है।
विभिन्न ग्रह व्यावसायिक
प्रवृत्तियों को कैसे प्रभावित करते हैं, इसका विवरण इस प्रकार है:
बृहस्पति - ज्ञान,नैतिकता और विस्तार का प्रतीक।
करियर की संभावित दिशाएँ:
• शिक्षक/प्रोफेसर
• वकील
• न्यायाधीश
• बैंकर
• आध्यात्मिक सलाहकार
• वित्तीय सलाहकार
बलवान बृहस्पति - परामर्श और ज्ञान आधारित भूमिकाएँ।