सातवीं शक्ति देवी कालरात्रि की पूजा नवरात्रि के सातवें दिन की जाती है। ज्योत��षीय मान्यताओं के अनुसार देवी कालरात्रि शनि ग्रह को नियंत्रित करती हैं, अर्थात इनकी पूजा से शनि के दुष्प्रभाव दूर होते हैं।
शक्ति स्वरूपा मां दु��्गा की आराधना का पर्व नवरात्र परंपरागत श्रद्धा और भक्ति के साथ चल रहा है। माहौल भक्तिमय हो गया है। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि मां की आराधना करने से विवाह से संबंधित परेशानी दूर हो जाती है।
मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और कार्यों की विघ्न-बाधा भी खत्म होती है। स्कंदमाता की पूजा नवरात्रि की पंचमी तिथि पर की जाती है।
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना क��� जाती है। हिंदू धर्म शास्त्रों में मां कूष्मांडा को ब्रह्मांड की रक्षक माना गया है। मान्यता है कि उनकी उपासना भवसागर से पार होने का एक सरल मार्ग है।
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री को गाय के दूध और घी से बनी चीजें, जैसे खीर, रबड़ी, सफेद बर्फी, मावा के लड्डू और कद्दू के हलवे का भोग लगाना शुभ माना जाता है. मां शैलपुत्री को इन चीजों का भोग लगाने से घर में सुख-शांति आती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं
आज यानी 07 सितंबर को चंद्र ग्रहण (today chandra grahan time) की शुरुआत रात 09 बजकर 58 मिनट पर होगी और 08 सितंबर को देर रात 01 बजकर 26 मिनट पर समापन होगा। इस दौरान पूजा-अर्चना करने की मनाही है।