@Imsurbhis India akele capable hai karne ko aur karta bhi hai waise bhi Nepal ke pass kitna hi air support hai jo wo dusre country ko aid provide kar sake
भीमटे, चोर-चम*र, नीले कबूतर, भंगी, जूते पोलिश करने वाले - ये कुछ गालियाँ हैं जो जातिवादी लोग सार्वजन���क रूप से और ऑनलाइन दलितों को दे रहे हैं।
अगर ब्राह्मणवादियों और मनुवादियों को लगता है कि ये जातिवादी गालियां देके तुम हमें चुप करा लोगे तो मेरी बात ज़रा अच्छे से, ध्यान से सुन लो!
जब भी तुम ज़हर उगलते और, तो हमें कमज़ोर नहीं कर रहे बल्कि खुद की जातिवादी मानसिकता को बेनकाब कर रहे हो।
तुम्हारे गालियों से तुम्हारी ब्राह्मणवादी और मनुवादी की सड़ी हुई सोच साफ़ झलकती है। और हर बार जब तुम बाबासा���ेब, आरक्षण को और हमें गलियाँ देते हो, तुम हमें ये याद दिलाते हो कि फुले-शाहू-अंबेडकर का आंदोलन कितना ज़रूरी हैं!
साफ़ है कि संविधान और आरक्षण के ज़रिए समानता और एससी, एसटी और ओबीसी की तरक्की को ब्राह्मणवादी और मनुवादी पचा नहीं पा रहे हैं।
जब-जब ब्राह्मणवादी और मनुवादी हमें गालियाँ दोगे तब-तब हम जय भीम बोलेंगे, जय संविधान बोलेंगे!
जब-जब ब्राह्मणवादी और मनुवादी हमें नीचा दिखाने की कोशिश करोगे तब-तब हम और शिक्षित होंगे, संगठित होंगे, और आंदोलन करेंगे, जैसे बाबासाहेब ने हमें सिखाया है।
तुम्हारी घृणा और गंदी गालियां दुनिया को याद दिलाती है��� कि आज भी एससी, एसटी और ओबीसी के ख़िलाफ़ जातिगत भेदभाव कितना गहरा है, सामाजिक न्याय कितना जरूरी है, और एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण कितना जरूरी है।
जय भीम 💙
जय संविधान. जय भारत 💪🏻
Kriti Sanon’s GIVA Raksha Bandhan ad gets backlash over her clothes, and GIVA eventually removes the ad.
In 2026.
The problem isn't whether you personally like her outfit. The problem is believing a woman’s clothes determine her respect for a festival, her culture, or her character.
And when women themselves participate in shaming other women, you realise how deeply patriarchy is embedded in the culture.
Even @NYCMayor Zohran Mamdani opposes RSS ideology and is troubled by Mohan Bhagwat’s Madison Square Garden rally—but lacks authority to cancel it.
Washington can act. It should revoke Bhagwat’s visa and follow @USCIRF’s recommendation to sanction the RSS for severe religious freedom violations.