प्रियतमा,
मेरी यह कामना है
तुम्हें भी कोई ऐसा मिले,
जो तुम्हें
वैसे ही प्रेम करे
मौन के भीतर छिपे स्पंदनों की तरह,
रात्रि की निस्तब्ध प्रार्थनाओं की तरह,
टूटे मन को फिर से जोड़ देने वाली
सरल, सच्ची अनुभूति की तरह…
वैसा ही प्रेम,
जैसा मैं
हर दिन
हर क्षण
तुमसे करता हूँ। ❤️