धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
ये हमारा सिस्टम है और सामने ना झुकने वाला और जाग चुका भारत का नौजवान . जिसने इ��� वीडियो को रीट्वीट ना किया उस से दोस्ती ख़त्म . भारत में ये हर किसी को दिखनी चाहिए . इसने कोई गलती की है तो गिरफ्तार करते लाठीचार्ज कौन से नियम क़ानून तहत कर रहे हो वो भी तब जब वो खड़ा है ?
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में अब प्रयागराज की सड़कों पर भी हजारों छात्र उतर आए हैं। लेकिन दुख की बात यह है कि इतना बड़ा छात्र आंदोलन भी मुख्यधारा का मीडिया शायद नहीं दिखाएगा।
Met the Hon’ble Lok Sabha Speaker today along with MPs of the Opposition.
Our demand is simple: Parliament must have a detailed discussion on the brutality unleashed on students yesterday and on the government’s complete lack of accountability for the examination crisis.
Students were beaten for asking legitimate questions about their own future.
If Parliament cannot discuss the future of India’s youth, what is it for?
The Opposition will not let this be buried. We will ensure that the students’ voice will be heard on the streets, and in Parliament.
जहाँ संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूँ।
मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ।
जय भीम, जय भारत।
#संसद_मार्च#जंतर_मंत्र
पुलिस की लाठियां और गालियां खाकर जाते हुए इस बच्चे को देखिए .
ये दिल्ली पुलिस की बर्बरता के सबूत है .
अंधाधुंध लाठियां बरसाई गई. जैसे ऊपर से निर्देश हो कि किसी को छोड़ना नहीं है . हर हाल में इन्हें खदेड़ना है .
जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़
तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद?
आज भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप और प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, उनका भी तो परिवार है और परिवार में बच्चे भी हैं, और उन बच्चों का भी वर्तमान और भविष्य है।
अब कोई भाजपा से भविष्य की क्या उम्मीद करे, जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो गई है।
आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेख़ौफ़ होकर जिस तरह भाजपा के विरोध में एकजुटता दिखाई है, सच तो ये है कि उस जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई ��र उनके संगी-साथी बेहद डर गये हैं। ये वो आम जनता है जिसे सरकार की किसी भी एजेंसी का भय नहीं है।
भाजपा ख़त्म!
जिस बेदर्दी से बच्चों को दिल्ली में मारा गया है इसको देखकर सोचता हूँ कि काश मोदीजी भी पिताजी होते तो उनको हर दिन होती आत्महत्या, बंद होते स्कूल और पेपरलीक से फ़र्क़ पड़ता ?
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने वाले अधिकारी ध्यान रखें
संविधान ही आपका मालिक है। सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती। जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी
: राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष
We stand in solidarity with the youth of our country.
Their voices deserve to be heard — loud, clear, and without fear. They are the heartbeat of our democracy and the true architects of our nation’s future.
Let us listen, support, and empower them. The energy, courage, and dreams of our young people will shape the India we aspire to build.
Jai Hind.
Genelia & Riteish Deshmukh
#YouthOfIndia #VoiceOfTheYouth #FutureOfOurNation