वामपंथी नेता नेहा बोरा गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से बर्खास्त डॉक्टर कफील से मिली
यह वही डॉक्टर कफिल है जिसके बर्खास्त करते ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत रुक गई
यह बीआरडी मेडिकल कॉलेज का सारा साजो सामान ऑक्सीजन सिलेंडर अपने प्राइवेट क्लीनिक में लेकर गया था और जब बच्चों की मौत पर अफरा तफरी मची थी और वहां आग लगी थी तब यह मेडिकल कॉलेज का सरकारी सिलेंडर जो अपने ��्लीनिक पर लेकर गया था वह वापस रखने आया था
और बरखा दत्त ने इसको हीरो बना दिया कि यह अपना ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर बच्चों को बचाने आया है
जबकि वह ऑक्सीजन सिलेंडर सरकारी था
जब से बीआरडी मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर कफिल खान को हटाया गया उसके बाद इंसेफेलाइटिस से एक भी बच्चों की मौत नहीं हुई
पत्रकार :- प्रियंका जी मैं धारा 370 पर आपकी राय जानना चाहता हूं
प्रियंका अपने गुंडो को इशारा करते हुए
प्रियंका का गुंडा :- सुन बे तुझे यही पटकन के मारूंगा तुझे इतना तोडूंगा तुझे इतना बजाऊंगा कि तू सवाल पूछना भूल जाएगा
और प्रियंका वाड्रा का निजी सचिव संदीप सिंह पत्रकार को पांच घूंसे मारता है
पत्रकार दर्द से चिल्लाते हुए :- प्रियंका जी आपके सामने आपके लोग मेरी पिटाई कर रहे हैं
प्रियंका वाड्रा हंसते हुए कहती हैं और मारो साले को भारत के राजसी खानदान से सवाल पूछने की हिम्मत कैसे कर रहा है
और उसके बाद प्रियंका वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह अपने गुंडो के साथ पत्रकार को अधमरा करके मारते हैं
यह घटना मुझे इसलिए याद आ गई कि कल कोई दिव्या नाम क��� एक पत्रकार हैं जो किसी यूट्यूब चैनल में है जिसे समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव चलाते हैं वहां बैठे प्रत्यक्षदर्शी लोगों ने कहा की अंतिम समय में वह मैडम फोन पर किसी से निर्देश ले रही थी और इसमें साफ था कि योगी जी पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं लेंगे क्योंकि योगी जी को तुरंत दिल्ली में ब्रिक्स समेत में गाला डिनर के लिए निकलना ��ा लेकिन जैसे ही योगी जी कुर्सी से उठते हैं उसे महिला पत्रकार के साथ आए लोग अपना कैमरा उसे महिला पर फोकस कर देते हैं
महिला उठती है योगी जी मुस्कुराते हैं हाथ हिला कर चले जाते हैं
महिला का सवाल क्या था वह भी किसी को नहीं पता क्योंकि महिला ने कोई सवाल पूछा ही नहीं
महिला चीखती है कि योगी जी मेरे सवालों का जवाब नहीं दे रहे और मात्र 1 मिनट के अंदर वह वीडियो समाजवादी पार्टी के लोग ट्वीट कर देते हैं महिला पत्रकार का स्टेटस भी लोगों ने देख लिया जिसमें वह योगी जी के खिलाफ काफी बातें लिखकर अपने स्टेटस में लगाए है
वैसे आगे में अखिलेश यादव के भी वीडियो डालूंगा जिसमें अखिलेश यादव से सवाल पूछने पर पत्रकारों की किस तरह से कुटाई हुई है या अखिलेश यादव सबसे पहले पत्रकारों से नाम पूछते हैं अगर मिश्रा निकलता है तो उसे जमकर बुरा भला कहते हैं और अगर मुसलमान निकलता है तो एकदम शांत हो जाते हैं
बेटे का इंतज़ार करते-करते माँ ने दम तोड़ दिया। जेल में बंद चिन्मय कृष्ण दास को मात्र 5 घंटे मिले अंतिम क्रिया-कर्म के लिए।
व�� बार-बार विनती कर रहे थे कि उनकी बीमार माँ को देखने दिया जाए, अस्वीकार कर दिया गया।
बांग्लादेश का विनाश निश्चित है, नियति है।
चिन्मय प्रभु के आँसू सिर्फ आँसू नहीं हैं—ये सनातन समाज के हृदय को झकझोर ��ेने वाली पीड़ा हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने सही कहा—अगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद जैसे महापुरुष भारत और हिंदू समाज के लिए दृढ़ता से खड़े न हुए होते, तो आज हमारी तस्वीर कुछ और होती।