एक छात्र जितनी Form Fees भरता ���ै, कई बार उससे कई गुना पैसा तो परीक्षा वाले दिन ही खर्च हो जाता है।
और ये आज की समस्या नहीं है। सालों से परीक्षा केंद्रों के बाहर बैग जमा करने के नाम पर ��20, ₹30 से लेकर ₹100 तक वसूले जाते हैं। parking का चार्ज समझ आता है, लेकिन दूर-दराज से परीक्षा देने आए छात्रों के सामान की सुरक्षित व्यवस्था करना क्या परीक्षा आयोग की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए?
मिलीभगत से जनता छात्र और ग़रीब लोगो से जितना हो सकता है लूट मार चल रही है
फॉर्म का पैसा भी छात्र दे, सफर का खर्च भी उठाए और परीक्षा केंद्र पर सामान रखने के लिए भी पैसे दे तो फिर परीक्षा आयोग की तरफ़ से व्यवस्था आ���िर किसके लिए है?
प्रश्न : लोकतंत्र क्या होता है?
उत्तर: जब सरकारी अस्पताल ���ें ५५ सफाईकर्मी होने के बाद भी, हर महीने उनकी तनख्वाह पर लाखों खर्च होने केबावजूद ... बीमार बच्चे की लाचार मां से अस्पताल का फर्श साफ करवाया जाये
📍दमोह ,मध्य प्रदेश
ये @DelhiPolice के Kucchu Pucchu है,
वकील, पत्रकार, नेता, युवा सब पीटे जा रहे है,
लेकिन ये माननीय गण बेखौफ होकर लट्ठ बजा रहे है।
@CPDelhi - New Recruitment?
मोदी जी ने देश में आपातकाल लागू कर दिया है। मीडिया संस्थानों के मालिक भी अब सुरक्षित नहीं हैं। हिंदी ख़बर और लिविंग इंडिया ग्रुप के Editor-in-chief अतुल अग्रवाल को मोदी जी ने हरियाणा पुलिस से गिरफ्तार करवा दिया है क्योंकि उनका चैनल हरियाणा में लगातार फैल रहे नशे के कारोबार को पिछले कुछ दिनों से दिखा रहा था।
ये मोदी सरकार का बेहद शर्मनाक आचरण है और लोकतंत्र ख़त्म होने की निशानी है।
सवाल पूछने पर माँ बहन की गाली देते हुए IPS प्रशांत चौधरी ने मुझे मारते हुए बस में ले जाकर फेंक दिया जिसकी वजह से मेरी कमर में काफ़ी चोट आई है
दिल्ली पुलिस ने आज टारगेट करके डिजिटल पत्रकारो को सिर्फ डिटेन नहीं किया बल्कि मारते हुए डि��ेन किया है ।
वाह दिल्ली पुलिस वाह ऐसे ही नहीं प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में हम रिकॉर्ड क़ायम कर रहे हैं ।
यह मामला दिल्ली एयरपोर्ट का है l
अंजू लंदन से मुंबई आती है, क्योंकि उन्हें रांची जाना होता है,
वो मुंबई से रांच�� के लिए एयर इंडिया की एक कनेक्टिंग फ्लाइट लेती है, जो दिल्ली से होती है, क्योंकि डायरेक्ट फ्लाइट नहीं है,
मुंबई में जब उनकी फ्लाइट लेट होती है, तो वो कन्फर्म करती है कि मेरी दिल्ली वाली फ्लाइट कही निकल तो नहीं जाएगी,
अगर ऐसा कुछ ��ो तो बता दो क्योंकि मैं लंदन से आई हूँ और 3 दिन से सो नहीं पायी हूँ तो अलग प्लान कर लूंगी,
मुंबई में स्टाफ बोलता है कि नहीं मैडम, दिल्ली में हमारा स्टाफ आपको फ्लाइट से उतरते ही हेल्प करेगा,
वो जैसे ही दिल्ली उतरती है, उन्हें रांची वाली फ्लाइट में जाने से रोक दिया जाता है, कि उसका टाइम हो गया, ना ही उन्हें कोई हेल्प करता है उल्टा स्टाफ का रूखा और संवेदनहीन व्यवहार और देखने को मिलता है,
जब एयरलाइंस को पता था की रांची वाली फ्लाइट में कनेक्टिंग फ्लाइट के दो यात्री आने है तो फिर उनके लिए सुविधा क्यों नहीं की गई,
इस पूरी दौड़-भाग और कोई सहायता न मिलने के कारण वह मानसिक रूप से इतनी टूट गईं कि दिल्ली एयरपोर्ट पर ही रो पड़ीं,
नियम सुरक्षा के लिए होते हैं, लेकिन नियमों की आड़ में आम यात्रियों को प्रताड़ित करना कहाँ तक सही है l
The left white shirt guy is been identified as Ravindra Govinda from Gaziabad. He is a criminal historysheeter in Gaziabad.
He assaulted young teenage girl in capital of India, infront of Delhi Police.
Shame on @DelhiPolice
काश सुप्रीम कोर्ट को नज़र आता।अदालत पूछती कि जहाँ हज़ारों सुरक्षाबल तैनात थे वहाँ ये बल कहाँ से आए? कैसे आ गए? ये कहाँ हैं? इनकी सेवा किसने ली? सरकार प्रदर्शन को अराजक बना रही है मगर ये भाजक कौन हैं जो बच्चों को बुरी तरह मार रहा है। इनके दम ���र SIR के फ्रॉड का जवाब दिया जा रहा है? तो इन्हीं को बना दो चुनाव आयुक्त ।
दिल्ली पुलिस के सामने BJP-RSS के गुंडे प्रोटेस्टर्स को मार रहे हैं।
मोदी-शाह ने पूरे देश में गुंडाराज कायम कर दिया है।
वीडियो में दिख रहा है कि गुंडे एक लड़की को जमीन पर गिराकर मार रहे हैं और पुलिस तमाशा देख रही है।
गुजरात के विधायक बछु भाई खाबड़ ने सीधा फायर ब्रिगेड ही बुलवा के अपनी हवेली धुलवा ली,
कल को ये रोड रोलर बुलवा के खड़े मसाले कुटवा लें तो भी चौंकियेगा मत।
उलटी गिनती शुरु हो गयी है 🥴
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आँध्र-प्रदेश के रायलसीमा में भाषण देने पहुँची..उनके मुँह खोलते ही जनता चिल्लाने लगी कि ‘पहले नौकरी दो’!
मंच पर बैठे CM चंद्रबाबू नायडू, पवन क��्याण और अनंत अंबानी हक्के-बक्के रह गए !
इतनी Hooting हुई कि वित्त मंत्री को भाषण बीच में ही ही रोकना पड़ा और चंद्रबाबू नायडू को उठकर जनता को शांत कराना पड़ा !
वक्त बदल रहा है 🔥🔥🔥
इतना बड़ा Health Budget, इतने अधिकारी, Drug Inspectors, Regulatory Mechanism और पूरा स्वास्थ्य विभाग होने के बावजूद दवाइयों क��� कीमतों में इतना बड़ा अंतर कैसे आया?
मरीज दवाई खरीदे या अपनी बीमारी का इलाज कराए?
साहब कहते थे “न खाऊँगा, न खाने दूँगा।”
हमें क्या पता था कि बात दवाई की हो रही है मरीज न दवाई खा पाएगा, न महंगी दवाई खरीद पाएगा।
मजबूरी में खरीदेगा तो शायद जमीन, घर या जमा-पूंजी तक बेचनी पड़े और बेचनी पड़ती ही ह
सवाल ये है इस पूरे खेल में कमा कौन रहा है और मरीज को राहत कब मिलेगी?
और ये हालत किसी एक राज्य की नहीं है !
स्वास्थ्य विभाग बताए कि अब तक कितनी कार्रवाई हुई? कितनों पर कार्रवाई हुई? और अगर ये समस्या आज की नहीं, लंबे समय से चल रही थी तो इतने सालों तक निगरानी कहाँ थी?
@JPNadda जी बोलो सब चंगा सी 😤
• सांसद कारों पर 28% GST नहीं देते।
• सांसद AC पर 18% GST नहीं देते।
• सांसद फ्लाइट टिकट पर 5% GST नहीं देते।
• सांसदों को हाईवे पर टोल टैक्स नहीं देना पड़ता।
• सांसदों को ट्रेन टिकट के लिए भुगतान नहीं करना पड़ता।
उनके लिए सब कुछ मुफ्त है।
आखिर भारत में नागरिक नेताओं की इतनी सारी सुविधाओं और ऐशो-आराम का खर्च क्यों उठा रहे हैं?
जैसे बिहार को बाढ़ मुक्त कर दिया, जैसे 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर दी… वैसे ही 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त कर देंगे।
तारीख़ पे तारीख़- मुझे तो लगा था पहले बिहार में बाढ़ का पानी उतरेगा, फिर पंजाब से नशा उतारने की बात करेंगे।