#WATCH अयोध्या, उत्तर प्रदेश: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय में CEO की नियुक्ति के बाद पहली बैठक हुई।
CEO जितेंद्र मिश्रा ने कहा, "आज मैं ट्रस्ट की बैठक में शामिल हुआ हूं। पहली बैठक परिचयात्मक बैठक थी जहां हमने एक दूसरे के विषय में जाना और कार्य करने के विषय में जाना। आगे ट्रस्ट जितना चाहेगा मैं उनके साथ बैठक करूंगा और अपने काम को भलीभाँति समझ लूंगा। जब मैं इसको ���लीभाँति समझ लूंगा तब मैं CEO के रुप में काम करूंगा... "
देवरिया के लिए गर्व का क्षण!
पावन भूमि देवरिया की माटी में जन्मे, भोपतपुरा गांव निवासी पूर्व एयर मार्शल श्री जितेंद्र मिश्र जी का ��योध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के CEO के रूप में दायित्व संभालना हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। राष्ट्रसेवा के बाद प्रभु श्रीराम की पावन नगरी की सेवा का यह अवसर उनके समर्पण, अनुभव और कर्मठता का सम्मान है।
रक्षा समिति के सदस्य के तौर पर मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता हूं, उन्होंने सदैव राष्ट्रसेवा, पराक्रम और नेतृत्व की मिसाल पेश की है। उनकी यह नई जिम्मेदारी देवरिया की गौरवशाली सां��्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा में एक और स्वर्णिम अध्याय है।
देवरिया की माटी के सपूत को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु श्रीराम उन्हें इस पवित्र दायित्व में सफलता और सामर्थ्य प्रदान करें।
���्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र मंदिर ट्रस्ट के नए CEO के रूप में पूर्व एयर चीफ मार्शल श्री जितेंद्र मिश्रा जी की नियुक्ति से संपूर्ण देवरिया, पूर्वांचल एवं देश गौरवान्वित है।
श्री जितेंद्र मिश्रा जी ने भारतीय वायुसेना में मध्य वायु कमान के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान ऑपरेशन सिंदूर में अदम्य साहस, रणनीतिक कुशलता और नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा��।
आज श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट जैसी ऐतिहासिक और पवित्र जिम्मेदारी उनके सक्षम हाथों में सौंपा जाना हम सभी के लिए हर्ष और गौरव का विषय है। यह देवरिया और पूरे पूर्वांचल के लिए भी अत्यंत गर्व का क्षण है।
श्री जितेंद्र मिश्रा जी को इस नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई, ढेरों शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं। पूर्ण विश्वास है कि वे अपनी योग्यता, अनुभव और समर्पण से इस महत्वपूर्ण दायित्व का सफल���ापूर्वक निर्वहन करेंगे और श्री राम मंदिर की भव्यता एवं गरिमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
जय जय श्री राम! 🚩
अयोध्या : श्रीराम मंदिर के पहले CEO भारतीय वायुसेना के रिटायर एय�� मार्शल जितेन्द्र मिश्र होंगे। वह देवरिया, यूपी के रहने वाले हैं। ऑपरेशन सिंदूर के वक्त इन्होंने वायुसेना की पश्चिमी कमान को लीड किया था।
भीख���पुर रोड, कसया ढाला !!
देवरिया के सीने पर पिछले पाँच दशकों से लगा एक ऐसा ज़ख़्म, जिसे न जाने कितनी पीढ़ियों ने झेला है। इस ढाले पर लगने वाले जाम ने न जाने कितने मरीजों की साँसें रोकी हैं, कितनी एंबुलेंस रास्ते में फँसी हैं और कितनी गर्भवती माताओं के लिए यह जाम जीवन-मरण का सवाल बना है।
पाँच दशक बीत गए… सरकारें बदलीं, जनप्रतिनिधि बदले, लेकिन कसया ढाले की यह पीड़ा जस की तस रही।
2022 में जब मुझे देवरि���ा की सेवा का अवसर मिला, तभी मन में संकल्प लिया कि इस समस्या का स्थायी समाधान करना है। माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से कसया ढाले पर रेलवे ओवरब्रिज एवं अंडरपास की परिकल्पना पर काम शुरू हुआ।
2023 में देश के प्रतिष्ठित आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की, आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों, पीडब्ल्यूडी के इंजीन��यरों और रेलवे के पुल विशेषज्ञों की मदद से इसका डिजाइन तैयार हुआ।
मेरी एक ही शर्त थी—विकास हो, लेकिन किसी गरीब की दुकान और किसी परिवार के घर को उजाड़कर नहीं।
यह आसान नहीं था। इतनी संकरी जगह पर बिना बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ के ओवरब्रिज बनाना लगभग असंभव माना जा रहा था। लेकिन लगातार प्रयासों के बाद ऐसा नक्शा तैयार हुआ, जिसमें न्यूनतम क्षति के साथ यह बड़ी परियोजना संभव हो सकी। स्टेशन रोड के आगे ���े ओवरब्रिज शुरू होकर भीखमपुर रोड पर उतरना और मोतीलाल रोड के लिए अंडरपास का प्रावधान किया गया।
लगभग 75 करोड़ रुपये की इस परियोजना में नियमानुसार रेलवे को भी आधी धनराशि देनी थी। रेलवे द्वारा धन देने में असमर्थता जताने के बाद मैंने माननीय मुख्यमंत्री जी से विशेष आग्रह किया।
योगी जी ने देवरिया की इस पीड़ा को समझा और उदारता दिखाते हुए पूरी परियोजना का बजट स्वीकृत कर दिया।
2023 से लेकर आज तक इस परियोजना की एक-एक प्रगति मैंने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से आपसे साझा की। प्रस्तावित नक्शा तक सार्वजनिक किया। तब किसी को कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन जैसे ही वर्षों के प्रयास के बाद काम जमीन पर उतरना शुरू हुआ, कुछ लोगों ने भ्रम फैलाकर इस विकास परियोजना को रोकने की कोशिश की।
शायद उन्हें परियोजना से ज्यादा राजनीति की चिंता थी।
लेकिन देवरिया की जनता समझदार है। शहर के प्रबुद्धजनों और आसपास के क्षेत्रों की महान जनता ने विकास विरोधी मंसूबों को दरकिनार कर दिया और आज कसया ढाले पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हो चुका है।
मुझे पता है कि किसी भी बड़े निर्माण के दौरान कुछ लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर थोड़ी असुविधा या नफा-नुकसान हो सकता है। लेकिन कुछ समय की यह असुविधा आने वाली पीढ़ियों के लिए वर्षों की सुविधा में बदलती है।
यह सिर्फ एक ओवरब्रिज नहीं है… यह देवरिया की पाँच दशक पुरानी पीड़ा का समाधान है।
यह सिर्फ कंक्रीट और लोहे का ढांचा नहीं है… यह उन मरीजों की उम्मीद है, उन एंबुलेंसों का रास्ता है और उन माताओं की सुरक्षा है, जो वर्षों से इस जाम को झेलती आई हैं।
जिस परियोजना को कभी असंभव कहा जाता था, वह आज आपके आशीर्वाद से धरातल पर है।
जिन्हें हमसे नफरत करनी है, वे हमसे नफरत करें, लेकिन देवरिया के विकास को राजनीति का हथियार न बनाएं। विकास किसी एक व्यक्ति या परिवार का नहीं होता, विकास पूरे देवरिया का होता है।
आज भारतीय जनता पार्टी के साथियों एवं सम्मानित प्रबुद्धजनों के साथ निर्माण ���्थल पर पहुंचकर कार्य का जायजा लिया और सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा किया जाए।
देवरिया की सेवा का यह संकल्प यूँ ही चलता रहेगा।
आपका आशीर्वाद बना रहे।
जय जय देवरिया! 🙏
कुशीनगर में सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन (SVPEIZ) के लिए 76.32 एकड़ भूमि चिह्नित
जिलाधिकारी कुशीनगर महेंद्र सिंह तवर द्वारा जनपद में सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्र��यल जोन (SVPEIZ) स्थापित करने के लिए तहसील हाटा के ग्राम पट्टन एवं सोनबरसा में कुल-76.32 एकड़ भूमि चिह्नित करके उद्योग निदेशालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश दिवस, 2026 के शुभ अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में 50 एकड़ से अधिक भूमि पर “सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लॉयमेंट एण्ड इंडस्ट्रियल जोन” की स्थापना हेतु घोषणा की गयी है, जिसके हेतु उक्त जोन ���ेतु भूमि चयन पैरामीटर के अन्तर्गत भूमि जनपद मुख्यालय से 20 किमी की परिधि में हाईटेंशन तारों से पूर्णतः तरह मुक्त, सड़क कनेक्टिविटी एवं विद्युत आपूर्ति की सुलभता तथा लो-लैंड नहीं होनी चाहिए। योजना में शामिल विभिन्न घटकों- संबंधित विभागों के कार्यालय/डेस्क, कौशल प्रशिक्षण केन्द्र, एकीकृत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, प्रोडक्ट स्पेसिफिक टेस्टिंग फैसिलिटी, प्रोडक्ट डिस्प्ले डिजाईन सेंटर, ट्रक रूम, आवश्यकतानुसार ईटीपी/सीईटीपी, ड्राइविंग ट्रैक, कामगारों के लिए हॉस्टल आदि सुविधाओं के साथ-साथ निवेशकों/प्रशिक्षित युवाओं के लिए आवश्यक लैंड बैंक, प्लग एण्ड प्ले फैसिलिटी के साथ योजना के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु न्यूनतम 50 एकड़ भूमि के क्रियान्वयन हेतु उपरोक्त पैरामीटर के ���नुसार उपयुक्त भूमि चिन्हित करने एवं एमएसएमई विभाग के पक्ष में हस्तान्तरित करने हेतु अपेक्षित कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
इसी क्रम में सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लॉयमेंट एण्ड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना हेतु जनपद कुशीनगर के तहसील हाटा में ग्राम पट्टन में कुल 55.45 एकड़ एवं ग्राम सोनबरसा में कुल 20.87 एकड़, इस प्रकार कुल-76.32 एकड़ भूमि चिन्हित किया गया है। उक्त जोन हेतु चिन्हि��� भूमि जनपद मुख्यालय से 28 किमी0, जनपद गोरखपुर से 30 किमी0 एवं तहसील हाटा से 08 किमी0 की दुरी पर स्थित है। हाईटेंशन तारों से मुक्त है एवं सड़क कनेक्टिविटी एवं विद्युत आपूर्ति की सुलभता है तथा लो-लैंड नहीं है, जिसकी उपयोगिता का मूल्यांकन सम्बन्धित विशेषज्ञ टीम से कराया जाने संबधित प्रस्ताव उद्योग निदेशालय को प्रेषित किया गया है।
अभी हाल में ही कुशीनगर के हाटा तहसील के ग्राम पट्टन और सोनबरसा में करीब 100 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित की गई थी। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने स्थल का निरीक्षण कर फर्जी इंद्राज हटाने, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों की जांच, भूमि को दोबारा सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराने तथा ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए थे।
सरदार वल्लभभाई प��ेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन (SVPEIZ)
सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन (SVPEIZ), उत्तर प्रदेश सरकार की एक नई महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य उद्योग, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता को एक ही इकोसिस्टम में जोड़ना है।
मुख्य बातें
2026 में शुरुआत: योजना को उत्तर प्रदेश दिवस 2026 के अवसर पर लॉन्च किया गया और 2026-27 के बजट में इसके लिए ₹575 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित किया गया।
मूल उद्देश्य: MSME को बढ़ावा देना और युवाओं को स्थानीय स्तर पर training, placement, रोजगार तथा स्वरोजगार से जोड़ना।
हर जिले में विस्तार की परिकल्पना: प्रारंभिक अवधारणा में ��्रदेश के सभी जिलों में उपयुक्त भूमि चिन्हित कर ऐसे केंद्र विकसित करने की बात कही गई थी।
न्यूनतम 50 एकड़: प्रत्येक केंद्र के लिए कम-से-कम लगभग 50 एकड़ भूमि का मॉडल सामने आया है।
Plug-and-Play Industrial Model: MSME manufacturing और service units को जल्दी शुरू करने योग्य औद्योगिक शेड और सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
एक जोन में संभावित सुविधाएं
1.औद्योगिक प्लॉट और इकाइयाँ
2.Plug-and-play industrial sheds
3.Skill development एवं training centres
4.Employment facilitation / placement centre
5.Entrepreneurship एवं mentoring support
6.Common Facility Centre
7.ODOP products के display और support facilities
8.जिला उद्योग केंद्र, रोजगार कार्यालय जैसी सेवाओं का एकीकरण
9.Banking और अन्य business-support services
10.आधुनिक आधारभूत ढाँचा और डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाएं।
यह केवल पारंपरिक Industrial Area नहीं है। इसका मॉडल “Industry + Skills + Employment + Entrepreneurship under one ecosystem” है—यानी उद्योग स्थापित हों, स्थानीय युवाओं को उसी इकोसिस्टम में प्रशिक्षण मिले और उन्हें रोजगार या अपना उद्यम शुरू करने का अवसर भी मिले।
अकल्पनीय... अविश्वसनीय... अलौकिक 🔱
25 दिन से निरंतर साधना, रोज 20 से 27 घंटे एक ही आसन पर बैठना, बिना पर्याप्त अन्न-जल के...
और फिर इतनी भारी मात्रा में भस्मवर्षा करना!
ये मनुष्य के बस की बात नहीं है, ये तो स्वयं महादेव ही अपने भक्त से करा सकत��� हैं 🙏
पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी जी महाराज - आप साक्षात शिव स्वरूप हैं।
दर्शन कर के कमेंट में लिखें - हर हर महादेव 🕉️
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