#جوش نے غمِ حسین اور مشترکہ انسانی حافظے پر فرمایا
اے #حسینِ ابنِ علی! اے سیدِ یزداں صفات
نُور سے تیرے چمکتی ہے جبینِ کائنات
محو ہو جائیں اگر دنیا سے تیرے واقعات
گنبدِ تاریخ پر چھا جائے ہیبت ناک رات
بھول سکتا ہی نہیں انسان #قربانی تری
حافظے کے فرق کا جھومر ہے پیشانی تری
اہل رد و کد نے سو تفسیر کی اک لفظ کی
پر نہ سمجھے کہ نبیؐ کا مدعا کچھ اور ہے
سن کسی مجذوب سے ایک بار روداد #غدیر
خم کے ��نبر پر #علی کا مرتبہ کچھ اور ہے
#ग़दीर #Ghadeer
گلوں کو سینے لگایا کلی سے #عید ملے
کبھی چراغ کبھی روشنی سے عید ملے
یہ ح��لِ دل ہوا #عیدِ_غدیر پر اکبؔر
ہم آتے جاتے ہوۓ اجنبی سے عید ملے
#Ghadeer #ग़दीर
इक हुस्ने मुजस्सिम की अदा ज़ेरे क़लम है
लगता है कोई मौजे बला ज़ेरे #क़लम है.!
हर #लफ़्ज़ से आती है धड़कने की सदाएं
इक जान ए वफ़ा जान ए हया ज़ेरे क़लम है।
ये सोचलो तुम कोई ख़ता करने से पहले
#इन्सान की हर एक ख़ता ज़ेरे क़लम है.!!
Jamal Hashmi #shayri#शायरी
"सूनों रुहें मन"
मेरे नज़दीक तुम एक ऐसी #��़ूबसूरत किताब हो जिसेका हर पेज #मोहब्बत की ख़ुश्बू से महकता है और तुम्हारी ज़बान से निकला हुआ हर लफ़्ज़ #दिल को #सुकून देने वाली एक अनकही दास्तां सुनाता हैं 🎀🖇️🤍" और ऐसी दास्तान जिसे जितना पढ़ो दिल उतना ही तुम में खो जाता है 🤍✨
#रिज़्क़ का #तराज़ू इंसानी सलाहिय�� के मुताबिक़ नहीं बल्कि कायनाती तक़्सीम के मुताबिक़ तोलती है....
यही वजह है कि कहीं मामूली लफ़्ज़ों पर #दौलत बरसती है और कहीं #ईल्म के #समंदर प्यासे रह जाते हैं.!!
कहीं चांद राहों में खोगया कहीं चांदनी भी भटक गई
मैं चराग़ वो भी बुझा हुआ मेरी रात कैसे चमक गई
मेरी दास्ताँ का उरूज था तेरी नर्म पलकों की छाँव में
मेरे साथ था तुझे जागना तेरी आँख कैसे झपक गई
तुझे भूलजाने की कोशिशें कभी क़ामयाब न हो सकीं
तेरी याद शाख़े गुलाब है जो हवा चली तो लचक गई
#दुनिया के #ख़ूबसूरत तरीन एहसास में से एक ये है कि..
आपको एक ऐसा #इंसान मिल जाए जिससे आप किसी भी टौपिक पर गुफ़्तगू कर सकें उसे सब कुछ बता सके बग़ैर ख़ुद को सवांरे बग़ैर सोचे समझे..
ऐसे अपने तमाम #ख़्यालात सुना सके चाहे वो कितने ही भद्दे,#शर्मनाक और तकलीफ़ देनेवाले क्यों ना हों।।
अंग्रेज़ी में रहते हैं “#Mother” और हिंदी #मां...
लेकिन #शायरी में कहते हैं...
वो वाहिद #दिल जिसने मुझे ��स वक्त़ भी चाहा जब #दुनिया मुझे जानती तक नहीं थी..!!
#MothersDay
मां वो हस्ती है जिनके क़दमों तले जन्नत रखी गई और जब एक #मां अपनी औलाद खो देती है तो ज़मीन भी लरज़ जाती है..
#कर्बला की मां हो या मीनाब स्कूल की मां..
ये दर्द इंसानियत के माथे पर लिखी हुई एक खामोश चीख़ है..
आइये इस #मातृ_दिवस पर उन सब को सलाम करते हैं
#MothersDay
اے میرے #رب!
مجھے اس #مقام پر پہنچا دے جس میں تو اپنے #فرشتوں سے مسکرا کر کہے اس کی طرف دیکھو...،
یہ وہ ہے جسے میں نے ہر الجھن سے نکالا اور اپنی #محبت کے لیے چن لیا.!!❤️
और एक दिन आपको ये #एहसास होता है की हक़ीक़त में #ज़िंदगी आपसे इतना ज़्यादा नहीं मांग रही थी...
ना इतनी थकान
ना दबाव
न फिक्रें
ना क़ुर्बानियां
वो तो बस आपसे ये चाहती है कि जो कुछ आज आपके पास है और जैसे आज आप हैं इसी के साथ जितना मुमकिन हो सके खुश 🙂 रहें...
"बस इतना ही"