@iArpitSpeaks And what will be achieved by Boycotting? Nothing, until and unless opposition hits the ground and starts connecting with people nothing is going to happen, this news will too move in Archive
मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और approver बन जाएं।
वोट चोरी की साज़िश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी।
This is BRUTAL😭😭
LoP Rahul Gandhi going all out against andhbhakts and andhbhakti.
While differentiating between students and andhbhakts, he showed some video clips of andhbhakts.
पॉडकास्ट सुनने के बाद सबको अपनी सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। इस तरह के लोग जो प्रधानमंत्री तक से संपर्क का दावा कर रहे हैं, हिंसा की बात कबूल कर रहे हैं, किसी के लिए भी ख़तरा बन सकते हैं। सबसे पहले तो प्रधानमंत्री को ही आगे आकर पूछना चाहिए कि अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है।
अस्पताल में बेड हो ना हो
लेकिन
सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का बोर्ड चमकते रहना चाहिए
Welcome to “Governance by marketing”
👏👏👏well done young lady
This is what the absolute abuse of state power looks like. Instead of acting against the hatemonger, UP police is probing the journalist @Sachingupta. Seeking Login/logout details and contact number from X (formerly Twitter).
@elonmusk
K P Maurya
Deputy CM (UP)
Said :
‘Madrasa education does not foster
patriotism’
‘Those who receive Madrasa education…Their mindset’s becomes like that of terrorists’
Communal statement
Warped mindset
Are ‘Chanda Chors’ patriotic ?
This country deserves better !
इबादत
सादिक
अब्दुल्ला
साहेब
फैजल
आजम
शब्बीर
इमरान
मुश्ताक और राजिक .
इनका नाम ही इनकी पहचान है और इनकी पहचान ही आज के दौर में इनकी सबसे बड़ी मुसीबत है . इस सबको एमपी पुलिस ने दंगा , आगजनी , मारपीट , घर में जबरन घुसने और विस्फोटक रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था , मध्यप्रदेश पुलिस के मुताबिक ये सारे दंगाई थे लेकिन मध्यप्रदेश की ही अदालत ने इन्हें हिंसा और दंगा के आरोपों से बरी कर दिया है . अदालत ने अपने फैसले में ये भी पूछा है कि पुलिस ने आखिर इन 11 लोगों को किस आधार पर दंगे का आरोपी बनाया ? आज इंडियन एक्सप्रेस ने विस्तार से पूरी रिपोर्ट छापी है .
कोर्ट का ये फैसला एमपी सरकार के मुंह पर तो तमाचा है ही इस बात का भी सबूत है कि कैसे इस देश में मुसलमानों को दंगाई घोषित करके सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
'अगर मेरे पास अधिकार होता तो मैं जंतर-मंतर के आसपास कर्फ्यू लगाकर प्रदर्शनकारियों को गोली मार देता।'
- ये बात RSS नेता और BJP के Intellectual Cell के पूर्व प्रमुख टीजी मोहनदास ने कही है
मोहनदास ने यह भी कहा- 'प्रोटेस्ट में ऐसी लड़कियां थीं, जिन्हें रेप पसंद है और अगर उनके साथ ऐसा होता तो वे कहीं शिकायत नहीं करतीं।'
मोहनदास का ये घटिया बयान RSS की घिनौनी, हिंसक व महिला विरोधी मानसिकता का सबूत है और RSS हमेशा ऐसे लोगों को संरक्षण देती आई है।
देश को नफरत और हिंसा की आग में झोंकना RSS का इतिहास रहा है, जिसे ये देश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
ऐसे कुंठित और नफरती लोगों के खिलाफ तुरंत एक्शन होना चाहिए।