Progress is not about destroying a settlement and breaking old homes; true progress preserves communities, protects memories, and builds a better future with thoughtful change.
दिल का हाल... और भगवान का 'WiFi' 😥
मेरे प्यारे दोस्तों, यह स्टेटस मैंने बड़े दर्द और थोड़ी-सी शरारत के साथ लिखा है।
सुनो, सुनो! एक बहुत ज़रूरी बात पता चली है:
"कर्म अच्छे करो... भगवान के पास फ़ोन नहीं है... जो तुम्हारे भक्ति वाले स्टेटस देखेंगे...!!"
😂😂😂 हाँ, सही पढ़ा! ये जो हम सुबह-शाम 'शुभ प्रभात' वाले फोटो और 108 भजन स्टेटस पर चिपकाते हैं, यह सोचकर कि भगवान देख रहे होंगे और हमें ₹100 का एक्स्ट्रा पुण्य मिलेगा... अरे! भगवान तो बिंदास, बिना फ़ोन के, बिना 'ऑनलाइन' हुए, तुम्हारी फ़ाइल सीधे दिल से खोलकर पढ़ रहे हैं! उन्हें तुम्हारे 24 घंटे वाले स्टेटस की कोई ज़रूरत नहीं!
लेकिन... (यहाँ से थोड़ा रुलाने वाला हिस्सा है 😥)
सोचिए... भगवान को हमारे स्टेटस की ज़रूरत नहीं है, पर हमें उनकी कितनी ज़रूरत है?
यह सुनकर हँसी आती है कि हमारे 'डिजिटल दिखावे' को वो नहीं देखते, लेकिन आँखें तब नम हो जाती हैं, जब यह याद आता है कि वो हमारे सबसे छोटे, सबसे छिपे हुए अच्छे कर्म—किसी को चुपके से पानी पिलाना, किसी बेसहारा को मुस्कान देना, या गुस्से में भी किसी के लिए बुरा न सोचना—इन सब को बिना किसी स्टेटस अपडेट के, बिना किसी लाइक्स और कमेंट्स के, अपनी डायरी में सप्रीम लव की मुहर लगाकर दर्ज करते हैं।
हमारा हर सच्चा प्रयास, हर नेक नीयत, उनके लिए हमारा 'प्राइम टाइम' स्टेटस है। और इस 'स्टेटस' पर वो कभी-कभी इतने खुश होते हैं कि ऊपर से हमें बेहिसाब आशीर्वाद के 'नोटिफिकेशन' भेज देते हैं।
तो बस... हँसो इस दिखावे पर, और रो उस प्रेम के लिए, जो बिना शर्त, बिना फ़ोन के भी हमेशा हम पर बरसता रहता है��
स्कूल मैदान पर हो रहे अतिक्रमण को 'नागौर शहर के हीरो एसडीएम साहब' ने सूचना मिलते ही तुरंत कार्यवाही करते हुए हटाया...वाह!
आज के अखबार में छपी ये खबर केवल एक पक्ष को दिखाती है...जबकि दूसरा पक्ष यह है कि जो लोग यहां दीवार बना रहे थे उनके पास कोर्ट का आदेश है। वह लोग इसके उपयोग एवं उपभोग के लिए कोर्ट से अधिकृत हैं। यह ज़मीन अलग है और स्कूल के खेल मैदान की ज़मीन इसके पास ही है, लेकिन अलग है।
कल नागौर दौरे पर मैंने एसडीएम साहब के इस कारनामे के बाद इन तथाकथित अतिक्रमियों से मुलाकात की थी। उनके द्वारा दिखाया कोर्ट का आदेश देखा एवं वहीं से कलेक्टर साहब से दूरभाष पर इस मामले को लेकर बातचीत की थी। नागौर कलेक्टर साहब ने बताया कि इनका कब्ज़ा अवैध नहीं है, बल्कि इन्होंने निर्माण की स्वीकृति नहीं ली है, जिसके लिए मैंने इन लोगों को कलेक्टर साहब से सोमवार का समय दिलवाया एवं मिलकर ज़रूरी स्वीकृतियां ल��ने एवं दिलाने का आग्रह किया।
अब आते हैं इस कार्यवाही के 'हीरो' एसडीएम साहब पर...इस तथाकथित अवैध कब्जा स्थल से महज़ 100-150 मीटर की दूरी पर गिनाणी तालाब और उसके आसपास का शहर का वह निचला इलाका है, जो कल मैंने अपने वीडियो में आपको दिखाया था। तालाब की दीवार टूट चुकी है, आसपास के घर और मस्जिद धस रहे हैं, जिससे काफी लोग अपने घर छोड़कर कहीं दूसरी जगह रह रहे हैं...लेकिन एसडीएम साहब और उनके प्रशासनिक जाब्ते को इसकी कोई चिंता नहीं। आपदा राहत के नाम पर केवल डंपर भरकर मिट्टी के कट्टे खाली कर दिए जाते हैं। ऐसे हालातों में यदि यहां कोई हादसा हो जाता है तो क्या उसका ज़िम्मेदार ये नागौर प्रशासन नहीं होगा...??
दरअसल यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित लगता है, यहां के लोगों का कहना है कि हमने विधानसभा चुनाव 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को वोट नहीं दिया इ���ीलिए हमें परेशान किया जा रहा है। ना आपदा राहत में हमारी मदद की जा रही है, ना ही जल निकासी में और ना ही पुनर्निर्माण में...लेकिन एक तथाकथित अवैध कब्ज़े की दीवार तोड़ने के लिए पूरा सरकारी अमला तुरंत हाज़िर हो जाता है।
क्या ये 'पर्ची' सरकार आपदा राहत का काम भी चुनाव में लोगों के दिए वोट के आधार पर करेगी...??
नोट - पहली तस्वीर अखबार की खबर की, दूसरी कोर्ट के आदेश की (यह पूरा आदेश ��हीं केवल पहले और आखिरी पन्ने का स्कैन है, हालांकि मेरे पास इसकी पूरी कॉपी उपलब्ध है), तीसरी मौके पर से ही कोर्ट का आदेश पढ़ते हुए कलेक्टर साहब से बातचीत की तस्वीर और चौथी तस्वीर वहां से 100-150 मीटर दूर इलाके के हालात की।
Absolutely! True love is when you love someone with all your heart and soul and want to be with them forever. This love grows stronger with time and circumstances. True love involves trust, support, and dedication towards each other. ❤️🥰
Waht Is Real Reltionship?
I'm giving you an example:-
Jsut see this msg. Evrey splleing of this msg is wrhog. But sitll yuo can raed it wihtout ayn mistake. If yuo want true raletionship... Just ignoer mistaeks and Understand them...
शाम तक सुब्ह की नज़रों से उतर जाते हैं।
इतने समझौतों पे जीते हैं कि मर जाते हैं।
वो अपने लिए कपड़े तक नहीं खरीदते,
मगर बच्चे की हर जरूरत पूरी कर जाते है।
https://t.co/CsjmT5dbQB
देर से बनो पर जरूर कुछ बनो क्योंकि ,
वक्त के साथ लोग खैरियत नही औकात पूछते है ... Good evening dosto follow kijiy follow back 💯 Milega
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