ब्राह्मणवादी, मनुवादी, हिंदुत्ववादी 🚩
जिस भाषा मे समझे,उसी भाषा में समझाता हूँ👈
वामपंथियों और विधर्मियों की रेलायी के लिए सदैव तत्पर
meme/politics/Satire
@Iyervval@ajeetbharti Hindutva Poltiics only for election , Batenge to Katenge, Ek hai to Safe hai
Slogans only to get vote of Hindu after election over Caste politics of BJP started
How shameful #BJP
Actor Girija Oak shares her sentiments on 26/11, opens up about ‘Bharat Bhagya Vidhata’-
“We all have bad memories about that attack.
This episode can decrease that pain as 400 lives were saved at Cama hospital.”
🚨 EMOTIONAL STATEMENT BY ROHIT SHARMA ON MS DHONI 🚨
Rohit Sharma Said 🗣️,
"I have been able to reach this position today, and for that I would like to give most of the credit to MS Dhoni bhai. If he hadn't been there, I probably wouldn't have reached this stage in my career. He pushed me to open the batting in the Champions Trophy, and that became the turning point of my life. I will never forget that. The way he backed and supported me was incredible. If he hadn't been my captain, things might have been very different. I feel very lucky that he was my captain. I will remain grateful to MS Dhoni bhai for the rest of my life. MS Dhoni is a legendary player and a legendary captain. I love you, my bhai." ♥️
I always admired Ajeet Bharti ji for his work because I felt he didn’t blindly support any party. And today, I finally got featured in his video. It’s a proud moment for me. I’m really happy. Thank you, Ajeet Bharti ji, and thanks to everyone❤️🥰
@AnupamNawada जब 77 साल का बुड्ढा जिससे देश थक गया है, उसकी fake हंसी और हर राज्य के चुनाव में बकलोली भाषण बाजी, तमिल पुरानी भाषा जैसी चापलूसी के बाद भी उसके द्वारा खुद को PM बनाए रखना एक 2 कौड़ी की चुटियापा है 🙄
उसके कारण योगी जी कई बार अपमानित हुए, उसके कारण सवर्ण समाज अपमानित हुआ
समझा
@AnupamNawada जब 77 साल का बुड्ढा जिससे देश थक ग��ा है, उसकी fake हंसी और हर राज्य के चुनाव में बकलोली भाषण बाजी, तमिल पुरानी भाषा जैसी चापलूसी के बाद भी उसके द्वारा खुद को PM बनाए रखना एक 2 कौड़ी की चुटियापा है 🙄
उसके कारण योगी जी कई बार अपमानित हुए, उसके कारण सवर्ण समाज अपमानित हुआ
समझा
पीएम ने जो तेल बचाने आदि के संकेत दिए और कोरोना काल की य���द दिलाई, वह ईरान से कम और आने वाले सुपर एल-नीनो के प्रभाव का आकलन अधिक दिख रहा है।
भारत के संदर्भ में, मानसून औसत से कम रहने से आने वाली फसल प्रभावित होगी। ईरान के कारण खाद की आपूर्ति कम हो रही है, तो फसल और कम होगी। वैश्विक परिस्थितियों के कारण, चाहे यूक्रेन हो या ईरान, खाद्य आपूर्ति के संकट उत्पन्न होंगे। यूरोप से ले कर अन्य महादेशों में भी युद्धजनित संकट न केवल आर्थिक है, बल्कि सामाजिक भी है।
इसी मानसून के कारण इंडोनेशिया, मलेशिया से होने वाले खाद्य तेल की आपूर्ति भी प्रभावित होगी। तेल कम खाने की बात आने वाले समय से जोड़ कर ही क��ी गई है। हेल्थ तो सेकेंडरी है, पहले खाने को हो तब तो खाएँगे!
इसका प्रभाव छः माह से आरंभ हो कर तीन वर्ष तक रह सकता है। 90% संभावना है कि वैज्ञानिक जैसा बता रहे हैं, वैसा ही घटित होगा। हाँ, सरकारों को पहले से पता है कि क्या-क्या होगा, तो भंडारण पर ध्यान दे रही है।
गरीब को सर्वाधिक मार पड़ेगी और 80 करोड़ को जो राशन मिल रहा है, उसके मिलने के कारण, जो भंडारण हो सकता था ऐसे समय के लिए, वह कदाचित पूरे देश पर एक ��ोझ बन जाए।
अक्टूबर से चावल, गेहूँ और तेल के मूल्यों में वृद्धि होगी। कालाबाज़ारी चलेगी और विपक्ष सिलिंडर की ही भाँति इस पैनिक क्रिएशन में अपना भरपूर सहयोग देगा। PM को आगामी यूपी चुनाव के कारण एड़ी-चोटी का बल लगाना पड़ जाएगा।
विपक्ष इसी ��वसर की तलाश में है और प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न कृत्रिम व्यवधानजनित कुव्यवस्था को वो जम कर भुनाएँगे। सरकार को मल्टीपल फ्रंट पर लड़ना होगा। ऐसे में उन्हें वह भी करना पड़ेगा जो अपने ईगो के कारण वो टाल रहे हैं।
समाचार समाप्त हुए।