गुजरात के खेड़ा में कल रात गरबा खेलने को लेकर अल्पसंख्यक समुदाय की तरफ से पहले बवाल और फिर पथराव किया गया था।
आज पथराव करने वाले आरोपियों की पुलिस ने सरेआम पिटाई की।
फिर उनसे माफी मंगवाया ।
10 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
यह मित्र पुलिस का चेयरा नहीं है. यह खुलेआम गुंडई है. क्या किसी आम नागरिक का मान-अपमान नहीं होता? क्या सिर्फ निलंबन जैसी कार्रवाई से इस अपमान की भरपाई हो जाएगी? @Uppolice@myogiadityanath@UPGovt
@Ambuj_IND ऐसी लड़क��यां सहानुभूति के लायक नहीं है, रोज खबरें आती रहती है फिर भी गलतियां करती है फिर जब धोखा मिलता है तो आ जाती है जबकि ये ही लड़कियां अपने वाले को हमेशा सही ठहराती है!
"मेरा वाला ऐसा नहीं है"
@Ambuj_IND मां बाप का चूना हुआ पसंद नही होगा तो यही होगा और लव मैरिज करो मां बाप का इजत का ख्याल ही नही करो गे तो यही सब होगा अच्छा होता हैं तुम लोग के साथ
आज ये मैडम अपनी हालात की खुद जिम्मेदार है।तब इसने अपने फैमिली वालो की एक बात न मानी होगी।अब रोने से क्या हो रहा है।जैसी करनी वैसी भ���नी। पता नही इन जेहादियो की बातों मैं कैसे आ जाते है ये लोग��
KVS ना आये तो क्या हुआ
SUPERTET ना आये तो क्या हुआ…
DSSSB ना आये तो क्या हुआ…
बच्चों की उम्र बढ़ती जाये तो क्या हुआ
बेरोज़गारी से जान जाये तो kya हुआ…
नौकरी के लिये आन्दोलन हो तो क्या हुआ
अब तुमने चुप रहना सीख लिया
मैं बोलता भी रहूँ तो क्या हुआ…
@deledgarh@thisissanjubjp
सत्ता की चाटुकारिता में भारतीय मीडिया ने निम्नतम स्तर की चाटुकारिता को भी पीछे छोड़ दिया है।
इनसे पीड़ितों के आवाज उठाने की बात सोचना मात्र दिवा स्वप्न है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी कृपया इसे संज्ञान में लें, बीटीसी प्रशिक्षुओं की बड़ी संख्या भर्ती की प्रतीक्षा में है।जैसे ब्रिज कोर्स करवाकर बीएड प्राथमिक में आ सकता है तो बीटीसी tgt में क्यों नहीं?
@myogioffice@Aamitabh2@brajeshpathakup@UPGovt