आज की प्राइवेट शिक्षा व्यवस्था :
आज के प्राइवेट इंग्लिश मध्यम स्कूल और प्राइवेट कोचिंग में पढाई कम और फैसिलिटी के नाम पर लूट ज्यादा हो गयी है।
जूते से लेकर किताबे कॉपी बैग वैन सब वही से मिलेगा जैसे स्कूल नहीं दूकान हो।।
ऐसे में क्या शिक्षा मिलेगी बच्चो को ✍️
यूपी में गैस संकट की एक छोटी सी कहानी –
ये अरुण हैं। शाहजहांपुर से छुट्टी लेकर 200 KM दूर पैतृक जिला बाराबंकी गए हैं, वो भी सिर्फ सिलेंडर लेने। रात 3 बजे ही गैस एजेंसी पर पहुंच गए, ताकि सुबह लाइन में सबसे आगे रहें और समय से सिलेंडर पाकर वापस ड्यूटी पर आ सकें।
मां को ब्रेन हेमरेज है, पिता कैंसर पीड़ित हैं। दोनों बिस्तर पर पड़े हैं। घर में सिलेंडर खत्म हुआ तो अरुण 200 KM दूर से दौड़े चले आए।
UP सरकार को wages के बारे में भी सोचना चाहिए ,
मैंने दो स्क्रीनशॉट शेयर की है ,
1.पहली UP की है और
2.दूसरी दिल्ली की है देखिये कितना फर्क है
सभी लोग सरकारी जॉब नहीं करते है प्राइवेट के बारे में सोचना चाहिए सरकार को ,
शिक्षा कैसे पुल बनती है ये इसका उदाहरण रहा। झारखंड के जामताड़ा का एक गाँव, भाषा समझने में थोड़ी मुश्किल हो रही थी। तब वहाँ ये बच्ची मिली, अर्पिता नाम था। फिर उतनी देर के लिए अर्पिता मेरी अनुवादक रही, उसकी वजह से मैं वहाँ के लोगों की बात आप तक पहुँचा पायी। जब बेसिक शिक्षा इतनी दूरी पाट सकती है तो सोचती हूँ यहाँ भरपूर मौक़े पहुंचना कितना कुछ बदल देंगे।
भारत के हर व्यक्ति पर औसतन 4.8 लाख रुपए का कर्ज है। मार्च 2023 में यह 3.9 लाख रुपए था। बीते दो साल में इसमें 23% की बढ़ोतरी हुई है। यानी, हर भारतीय पर औसतन 90,000 रुपए का कर्ज और बढ़ गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने जून 2025 की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से शर्मनाक खबर सामने आई है। मरम्मत के चलते शनिवार को सुबह 6:10 बजे वाहनों के लिए यमुना पुल बंद कर दिया गया। पुल बंद होने के 34 मिनट बाद सुबह करीब 6:44 बजे भाजपा विधायक की कार तो गुजर गई, लेकिन मजदूर की मां का शव लेकर सुबह 9:30 बजे आई एंबुलेंस को नहीं जाने दिया।
बेटे को मां का शव स्ट्रेचर पर रखकर क���ीब एक किमी लंबा पुल पार करना पड़ा। इसके बाद शव को ऑटो से लेकर घर जाना पड़ा।
“जब एक पुरुष शिक्षित होता है, तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है। जब एक स्त्री शिक���षित होती है, तो एक समाज शिक्षित होता है।”
यह वाक्य अब किसी उद्घोषणा से कहीं अधिक एक ऐतिहासिक सत्य बन चुका है, सत्य जो अनुभवजन्य है, सांस्कृतिक रूप से पुष्ट है, और दार्शनिक दृष्टि से अपरिहार्य है।
सामाजिक मामलों में लड़कों के मुकाबले लड़कियों की तार्किक क्षमता जबरदस्त है।
बुजुर्ग महिला की बात घुटनों के बल बैठकर सुनते DM साहब. काश! सभी अधिकारी ऐसे होते जाते.
ये शामली के DM अरविंद कुमार चौहान हैं, ये अपने ऑफिस से निकल सड़क पर बुजुर्ग महिला को सुनने आये , जिसके बाद बुजुर्ग ने DM को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बेटा, तुम हमेशा खुश रहो.
मेरा पार्सल 5 जून को आउट ऑफ डिलीवरी था। आपका स्टाफ मुझे मेरे लोकेशन से 2.5 किलोमीटर दूर एक जगह पर बुला रहा था। मैंने उससे कहा कि मैं वहां नहीं जा पाऊंगा और वह आ जाए। उसने कहा कि मुझे आने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं मिलते। फिर उसने पोर्टल पर स्टेटस गलत अपडेट कर दिया। @delhivery
@delhivery क्योंकि आप उसे डिलीवरी के लिए पर्याप्त पैसे नहीं देते हैं। मैंने पहले ही शिकायत कर दी है लेकिन आपने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। @help_delhivery@delhivery
@delhivery तब से वह हर रोज पार्सल आउट ऑफ डिलीवरी भेजता है लेकिन वह किसी भी दिन नहीं आया, आज 13 जून है। कृपया इस मामले को गंभीरता से लें और मेरा पार्सल डिलीवर करवाएं या जहां से आया था वहां वापस कर दें। उसने अपनी कमी के बारे में बताया कि वह इसे डिलीवर नहीं कर पाएगा।
बेचू आदिवासी उनकी पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है,इनकी 20 वर्षीय लड़की को हड़पकर दबंग महीनों से शारीरिक शुख भोग रहे हैं ।
पांच बार मेहनगर थाना प्रभारी के पास गए दुत्कार देता है
अब 2 दिनों से मेरे पास रोते हैं
क्या उप्र पुलिस प्रशासन ग़रीबों कि लड़कियों की सुर��्षा में असमर्थ है
गोरखपुर में एक शख्स ने हैवानियत की हदें पार कर दी है.
इस शख्स ने अपने दो छोटे भाई समेत पूरे परिवार को ताले में बंद कर दिया. फिर पेट��रोल छिड़क बाहर से आग लगा दी. इस घटना में परिवार के छह लोग बुरी तरह झुलस गए हैं,.
घटना को अंजाम देने से पहले आरोपी ने अपनी पत्नी और बच्चों को पहले ही मायके भेज दिया था.