धमतरी तहसील के ग्राम कोलियारी में वर्षों से रह रहे लगभग 50 गरीब परिवारों को मकान तोड़ने का नोटिस देकर भाजपा सरकार ने अपनी गरीब विरोधी मानसिकता एक बार फिर उजागर कर दी है। बरसात के बीच गरीबों के सिर से छत छीनने की तैयारी करना किसी भी संवेदनशील सरकार को शोभा नहीं देता।
दलित छात्रा की हत्या के विरोध में हो रहे प्रोटेस्ट में पहले से हिरासत में लिये गये प्रदर्शनकारी को मेरठ SSP द्वारा इस तरह खीझकर मारपीट करना पूरी तरह संविधान विरुद्ध है।
इसकी जितनी निंदा की जाये कम है।
एक IPS अधिकारी का इस तरह से आपा खो देना ये दर्शाता है कि इन दिनों लोकतांत्रिक तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस प्रशासन दुश्मन समझता है।
@Uppolice@meerutpolice
मुसीबत में फिर आगे आए मुस्लिम भाई लेकिन देश का मीडिया थोड़ी दिखाएगा , जब कोई एक मुसलमान कुछ ग़लत करे तो मीडिया सब को ग़लत दिखाता है लेकिन आज कोई नहीं दिखाएगा इनकी अच्छाई .
��े उखड़ती हुई सड़क देखिए.
कमाल ये है कि यह सड़क महज़ दो नहीं पहले ही करोड़ों की लागत से बनाई गई है.
और उससे भी बड़े कमाल की बात ये है कि यह सड़क रील वाले गृहमंत्री और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का दायित्व संभालने वाले मंत्री विजय शर्मा के ही गृह निर्वाचन क्षेत्र की है.
डबल इंजन सरकार की तरह ही यह दलदली से मेन रोड खरिया से अगरी (बी )पीएम जनमन सड़क पहली ही बारिश की परीक्षा में फेल हो गई है.
भ्रष्टाचार में डूबी सरकार में जिस प्रकार सड़क उखड़ रही है, उसी तरह अब इस सरकार को उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है.
अद्भुत... अनुकरणीय...! अमृतकाल 👇
पहले पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिला दो...
यानी पहले समस्या पैदा करो, फिर समाधान का खर्च भी जनता की जेब से करवाओ।
अमृतकाल में अपने वाहन का ध्यान स्वयं रखें...क्योंकि बाद में कहा जाएगा—इसमें हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है"
जनहित में जारी!
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी (2+6=8) और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति का जन्मदिन 17 तारीख (1+7=8)!
महामानव का 'न्यूमेरोलॉजी' ज्ञान देख कर तो आइंस्टीन भी आत्महत्या कर लें!
और इन्हें नेहरू बनना है..?
EVM जो कंपनी बनाती है
उसके 4 डायरेक्टर भाजपा के है
मशीन बनाते समय
चिप के प्रोग्राम में छेड़छाड़ की होगी
तो चिप के प्रोग्राम की जांच करनी होगी
ना कि मॉनिटर की
मोदी इतने ही लोकप्रिय हैं
तो बैलट पेपर के नाम पर उछल कूद क्यों करने लगते है ??
कच्चा तेल 68 $ प्रति बैरल हो गया है लेकिन जनता को कोई राहत नहीं।तेल कंपनियाँ 11 ₹ प्रति लीटर का मुनाफ़ा कमा रही है।2022 में कच्चे तेल के दाम 119 $ प्रति बैरल थे। पेट्रोल 96 ₹ और डीज़ल 89 ₹ प्रति लीटर बिका।2023 में कच्चे तेल के दाम 75 $ तक पहुँचे लेकिन जनता को कोई राहत नही मिली।
पद्म विभूषण, लोककला की अमर साधिका और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पहचान स्व. तीजन बाई के निधन पर भी भाजपा सरकार राजकीय शोक घोषित नहीं कर सकी..।
ये छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान की रक्षा क्या करेंगे..?
जब राजधानी के नगर निगम कार्यालय में ही बारिश का पानी टपकने लगे और शहर के कई इलाके जलभराव में डूब जाएं, तो भाजपा सरकार की तैयारियों का ढोल खुद ही फट जाता है।
जनता को भाषण नहीं, जवाबदेही और ठोस समाधान चाहिए।
ये भाजपा शासित बंगाल की तस्वीर है जहॉं 12 साल की बिटिया के साथ गैंगरेप करके उसकी हत्या की गई और पूरा प्रशासन हत्यारों को बचाता रहा क्योंकि उनके सत्ताधारी पार्टी से रिश्ते थे।
इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में इस वक्त चारों तरफ इस बिटिया के परिवार की चीखें गूँज रही हैं।
बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री जी और उनके चहेते मुख्यमंत्री चुप्पी साधे हैं।
@WBPolice@narendramodi
मुंबई कोस्टल रोड पर जा रहे हो तो साथ में लाइफ जैकेट ज़रूर ले जाइएगा। कोई नहीं जानता कब गाड़ी में चलते चलते आपको तैरने की नौबत आ जाए।
14000 करोड़ की रकम फूंककर ये कोस्टल रोड बनाया गया था, अब टनल में पानी लीक हो रहा है। इन्हीं प्रोजेक्ट्स में से मोटी रकम दबाई जाती है, उसी रकम से विपक्षी सांसद-विधायक खरीदे जाते हैं। चोरी से बनी सरकारें सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार करेंगी, क्योंकि भ्रष्टा��ार नहीं किया तो सांसद-विधायक-वोट कैसे चोरी करेंगे?
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के रेलवे स्टेशन की यह तस्वीर सिर्फ एक स्टेशन की बदहाली नहीं, बल्कि व्यवस्था के खोखले दावों की हकीकत बयां कर रही है। स्टेशन की छत से पानी टपक रहा है, सीलिंग जगह-जगह से टूट रही है, पंखों से पानी चू रहा है और यात्री अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सवाल यह है कि जब देश के सबसे वीआईपी संसदीय क्षेत्रों में गिने जाने वाले वाराणसी के रेलवे स्टेशन की ऐसी स्थिति है, तो देश के बाकी रेलवे स्टेशनों का हाल कैसा होगा?
भाजपा सरकार विकास और विश्वस्तरीय सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ज़मीनी सच्चाई उन दावों की पोल खोल रही है। करोड़ों रुपये के विकास के दावों के बीच यदि यात्रियों को टपकती छत, जर्जर सीलिंग और अ���ुरक्षित माहौल का सामना करना पड़ रहा है, तो यह गंभीर लापरवाही नहीं तो और क्या है?
देश जानना चाहता है कि आखिर यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या सिर्फ प्रचार और उद्घाटन ही विकास है, या फिर बुनियादी सुविधाओं का सुरक्षित और बेहतर होना भी सरकार की जिम्मेदारी है?
राजनांदगांव जिले में स्पेस टेक्नोलॉजी से बना 22 करोड़ का पुल जिसका जून महीने में लोकार्पण हुआ और जुला��� की पहली बारिश में इस ओवर ब्रिज का हाल देखिए..
यह दरारें 60-70 फिट गहरी हैं इसमें डबल इंजन पूरे मंत्रिमंडल के साथ समा सकते हैं.. सांय-सांय
@vishnudsai @narendramodi @RailMinIndia
ये भयानक भ्रष्टाचार का नतीजा है !
मिसिंग लिंक का उद्घाटन: 1 मई 2026
परियोजना की लागत: 7000 करोड़ रुपये
उद्घाटन के 2 महीने बाद स्थिति देखिये !
6 जुलाई 2026: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक खंड पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ