आप सभी को भगवान परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ।
भगवान परशुराम हमें अन्याय के विरुद्ध निर्भीक होकर खड़े होने और सत्य व धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देते हैं।
उनका ��तुलनीय पराक्रम, तप और विवेक हमें जीवन में साहस, संयम और आत्मबल का संचार करने की सीख देता है।
प्रभु की कृपा से हर हृदय में नई ऊर्जा, अटूट आत्मविश्वास और सकारात्म का संचार हो।
ईश्वर का आशीर्वाद आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का प्रकाश फैलाए।
#ParshuramJayanti #Dharma #Inspiration
हजारों की संख्या में SC, ST, OBC ने मोर्चा खोल दिया है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
मनु स्मृति जलाने का खुला विरोध कर रहे हैं। जय मनु स्मृति। जय संविधान का नारा दे रहे हैं।
#NOTE — जब दलित, आदिवासी, OBC नहीं जला रहे हैं मनु अमीरी फिर कौन कर रहा है ये पाप? आज रात 7 बजे इस पर होगा सबसे बड़ा खुलासा। सीट बेल्ट बांध लीजिए।
मनुस्मृति में जातिवाद नहीं हैं
जय मनुस्मृति, जय संविधान। 🙏
मुजफ्फरपुर में SC/OBC मोर्चा से जुड़े किसानों ने मनुस्मृति के सम्मान में एकजुट होकर आवाज़ बुलंद की। और रैली के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
मनुस्मृति के सम्मान में
दलित OBC मैदान में।
मुजफ्फरनगर में अंबेडकरवादियों द्वारा मनुस्मृति का अपमान किए जाने के विरोध में किसानों, दलितों और मजदूरों जोरदार प्रदर्शन किया।
जो आंबेडकरवादी हिन्दुओं को तोड़ना चाहते है, ये उनके मुंह पर जोरदार तमाचा है।
@Raazvalmiki7250@voice_of_hindu2
@FanOfJhasiRani2
#किसान_जीवन_रक्षक_सम्मान
#VishwaguruBharat
मनुस्मृति हर सनातनियों के लिए श्रेष्ट थी है और रहेगी 🔥🔥
वर्ण कोई सर का ताज नहीं जो दादा के बाद बाप और बाप के बाद बेटा पहनेगा। वर्ण कर्म के आधार पर तय होगा । यही मनुस्मृति कहती है।
जय मनुस्मृति 🙏
जय महर्षि मनु 🙏
ये भ���ई का बहुत ही अच्छा काम है
पुराने मंदिरों और तालाबों को पुर्नजीवित करना
इन्होंने अब 500 साल पुराने मंदिर और उसके सरोवर को लोगो के साथ मिल साफ किया
ऐसी वीडियो देख दिल गार्डन गार्डन हो जाता है।❤️
बांग्लादेश लगातार रियायती दर पर भारत से चावल लेता है
क्योंकि वहा भूखमरी का संकट है
भारत से बांग्लादेश को कोई समान नहीं भेजना चाहिए
अत सभी लिखे --- #StopHelpingBangladesh
बॉलीवुड: एक गटर मानसिकता
धुरंधर को लेकर जैसा क्रेज और वर्ड ऑफ़ माउथ लोगों के बीच बैठा है न! इतिहास ने भूतकाल में अपने कागज़ों में तारा सिंह के क्रोध को देखकर 15 जून 2001 के नाम की मोहर लगाई थी। कि गदर एक प्रेम कथा है। कमोबेश ऐसी ही दीवानी थी। शो हाउसफुल टैग लेकर च�� रहे थे तिस पर बॉक्स ऑफिस क्लैश था। आमिर ख़ान लगान नहीं लगाते तो गदर भारतीय सिनेमा में पहली 100 करोड़ी फ़िल्म दर्ज होती।
किंतु…किंतु! बॉलीवुड के सिस्टम ने गदर को गिराने के लिए पुरज़ोर कोशिशें की। इस फ़िल्म के 50 से अधिक ट्रायल शो रखे गए लेकिन लोग नहीं पहुंचे। कुछ समीक्षकों ने फ़िल्म का रिव्यू करने से इनकार कर दिया था। सिस्टम को लगा कि इतना खुला पाकिस्तान बैशिंग, ट्रक और हैंडपंप वाला हीरो, और राष्ट्रवादी मेलोड्रामा मल्टीप्लेक्स ऑडियंस के खिलाफ जाएगा, इसलिए उन्होंने इसे सीरियसली नहीं लिया और कहीं-कहीं रिलीज टाइम पर “सुसाइडल” तक कहा।
��दर को “गटर एक कथा” हेड लाइन भी दी गई थी।
दरअसल, बॉलीवुड सिस्टम हिंदी सिनेमा को शाहरुख़, करण जौहर, दिलीप कुमार टाइप “अर्बन, पॉलिश्ड” सिनेमा की तरफ ले जा रहा था। अर्थात् सिस्टम ने अपने हीरो तय कर दिए थे। उसी के हिसाब से नैरेटिव और पीआर चल रहा था।
तभी तो सनी देओल ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि उनके समकालीन सितारों में जलन थी और सबने उनके ऐतिहासिक सक्सेस पर “शैम्पेन नहीं खोली”, बल्कि ईर्ष्या में “ग्रीन” हो गए। क्योंकि सनी की ब्रांड वैल्यू बढ़ जाएगी और मेन स्ट्रीम में हाईअप लेंगे। इसलिए इग्नोर किया गया। बल्कि फ़िल्म को काजोल ने रिजेक्ट किया था।
सनी कहते है कि गदर की सफलता के बावजूद उनके करियर के प्रति इंडस्ट्री का एटिट्यूड नहीं बदला, जिससे उन्हें लगा कि सिस्टम उन्हें अपने गुट का हिस्सा मानकर सेलिब्रेट करने के बजाय दूर ही रख रहा है।
वाकई सिस्टम सनी को अपना साथ समझता तो आमिर ख़ान अपनी फ़िल्म को आगे या पीछे कर सकते थे लेकिन बॉक्स ऑफिस भिड़ंत रखी।
बॉलीवुड से कोई फ़िल्म जिसकी थीम राष्ट्रवाद और सनातन में होती है, तब सिस्टम क्रैश हो जाता है और उसे समझ नहीं आता है कि क्या करें? कैसे इस फ़िल्म को गिरायें।
जानते है ग़दर और धुरंधर की थीम में पाकिस्तान है और दोनों ही फ़िल्में सिस्टम को बुरी तरह पीड़ित करके गई है। यकीनन, ऋतिक को गदर की राजनीति भी पसंद न आई होगी।
अनिल शर्मा ने भी एनडीए शासन में गदर बनाई है। तभी रिलीज़ हो सकी थी। गदर के समय सिस्टम तगड़ा था तब गदर के शो सीमित रखे गए, एग्जीबिटर्स ने दर्शकों की डिमांड पर शो बढ़ाए थे।
गदर से पहले अनिल शर्मा कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार पर फ़िल्म बनाने वाले थे। दिलीप कुमार को साइन कर लिया था। किंतु आख़िरी समय में आईडिया ड्राप कर दिया गया।
गदर एक प्रेम कथा वर्तमान परिवेश में रिलीज़ होती तो बवाल बवाल मचा रही होती। हालाँकि धुरंधर गदर का मॉर्डन स्वरूप है। जिन फ़िल्मों का विरोध या आलोचना सिस्टम करता है, वे फ़िल्म बॉलीवुड में नहीं गिनी जाएगी। क्योंकि सिस्टम इन्हें फ़िल्म मान ही नहीं रहा है।
फोटो-इंटरनेट 👇
इथियोपिया संसद ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को अपना सर्वोच्च सम्मान द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया से सम्मानित किया है।
चमचों की आज बहुत सुजेगी। 😂😂
Ethiopian Parliament
अगर आज हिंदू चुप रहे और समर्थन नहीं किया, तो जज हिंदुओं के हित में फैसला देने से डरेंगे�� मद्रास उच्च न्यायालय के जज जी.आर. स्वामीनाथन का समर्थन करो हिन्दूओ
#वाल्मीकि समाज कभी सनातन से दूर नहीं हुआ। उसी का परिणाम है वाल्मीकि समाज का सर्व सम���ज सम्मान और सहयोग करता है।
बंशी वाल्मीकि सफाईकर्मी के रूप में काम करते थे। करीब 10 साल पहले उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी दो बेटियां पूजा और सुनीता पिता की जगह स्कूल में सफाई का काम करने लगीं। समय के साथ दोनों बेटियां विवाह योग्य हो गईं, लेकिन सीमित साधनों के कारण शादी कर पाना परिवार के लिए चुनौती बन गया।
इ�� पर स्कूल के प्रिंसिपल हरवीर सिंह जाखड़ ने पहल करते हुए स्टाफ के साथ बैठक की और दोनों बेटियों की शादी कराने का निर्णय लिया। देखते ही देखते ललासरी गांव सहित आसपास के गांवों के लोग भी आगे आए। भामाशाहों से लेकर ग्रामीणों तक, सभी ने दिल खोलकर सहयोग किया।
हल्दी, मेहंदी, महिला संगीत से लेकर फेरे तक सभी रस्में स्कूल परिसर में ही पूरी हुईं। स्कूल भवन को भव्य तरीके से सजाया गया। मेहमानों का स्वागत स्कूल की छात्राओं ने राजस्थानी परिधान में तिलक लगाकर किया। शादी में सर्व समाज एक ही जाजम पर बैठा और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की।
शनिवार को पूजा और सुनीता विवाह बंधन में बंध गईं। पूजा की शादी मकराना क्षेत्र के महेंद्र से और सुनीता की शादी डीडवाना के कीचक गांव निवासी नरसी से हुई। इस दौरान स्कूल स्टाफ अभिभावक की भूमिका में नजर आया और कई शि��्षक भावुक भी हो गए।
दोनों बहनों ने कहा कि पिता की कमी हमेशा रहेगी, लेकिन आज पूरा गांव उनके लिए परिवार बनकर खड़ा है। वहीं पंचायत समिति सदस्य महेंद्र शेखावत ने इसे गांव के लिए गौरव की बात बताते हुए कहा कि यह पहल सामाजिक बदलाव की एक मिसाल है।
@rajesh271285400 @DrRohinighavari
आदिवासी समाज की बेटी @NishaGumla ने अपनी संस्कृति को ईसाई मिशनरियों से बचाने के लिए अपना मुंडन करवा लिया।
लेकिन जय भीम जय जोहार करने वाली किसी आंबेडकरवादी मिडिया ने खबर नहीं दिखाया।
चूंकि वो अगर इस खबर को दिखाएंगे तो उनकी फंडिंग रुक जाएगी ।
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चंद्रशेखर आजाद तिवारी मंगल पांडे रानी लक्ष्मी बाई बाजीराव पेशवा पुष्यमित्र सुंगा भगवान परशुराम के वंशजों को ये अत्यचारी सरकारें जेल में बंद करके अत्यचार और अपमान नही कर सकती तुम्हारे हर अत्यचार और हर अन्याय के विरुद्ध भारत एक एक ब्राह्मण पाषाण बनकर खड़ा है और खड़ा रहेगा