Many people talk about being left winger and right winger. I reply I am am no winger.
I am a humanist and a naturalist. I believe in non violence, Karma, truth and forgiveness. I believe in live and let live. Love and compassion.
दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक।
हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए।
बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके। और अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं।
निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जाँच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?
पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफर नहीं कर सकतीं।
और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?
क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन UP पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा।
भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके बदलते रहते हैं, और बदलते रहेंगे - मकसद बस एक ही है: किसी भी क़ीमत पर BJP की जीत, और भारत के लोकतंत्र का अंत।
महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91% नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है - यानी हर पांचवां वोटर।
लोक सभा 2024: 9.29 करोड़
विधान सभा 2024: 9.7 करोड़
SIR 2026: 7.78 करोड़
कौन सी लिस्ट सही थी?
वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता ज़रूरी नहीं है - यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानती है।
कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge जी के साथ हुई छुआछूत के खिलाफ मुखरता से आवाज बुलंद करने पर श्री @RahulGandhi के ही खिलाफ एफआईआर दर्ज करना भाजपा के घमंड और तानाशाही की पराकाष्ठा है। यह दिखाता है कि भाजपा चाहती है कि दलितों के साथ छुआछूत और भेदभाव चलता रहे और जो उसके खिलाफ आवाज उठाए उन्हें प्रताड़ित किया जाए।
कांग्रेस ने हमेशा छुआछूत और भेदभाव का विरोध किया है। संविधान में अस्पृश्यता निवारण हो या दलितों के साथ अत्याचार रोकने वाला एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून, सब कांग्रेस की देन है। भाजपा ने आजतक दलितों के हित में ऐसा कोई कदम क्यों नहीं उठाया। आरएसएस ने आजतक छुआछूत खत्म करने का कोई अभियान क्यों नहीं चलाया?
इससे स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा दलित वर्ग के साथ भेदभाव को न सिर्फ नजरअंदाज करती है, बल्कि उसे संरक्षण भी देती है। पीड़ित पक्ष को ही आरोपी बनाने वाली यह भाजपा सरकार संविधान और अंबेडकर के सिद्धांतों की खुलेआम अवहेलना कर रही है। श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, श्री राहुल गांधी एवं पूरी कांग्रेस पार्टी दलितों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और ऐसे हर अन्याय का विरोध करेगी।
BJP ने @RahulGandhi जी पर FIR कर ये संदेश दिया है कि छुआछूत की बात उठाने की कोई कोशिश भी न करे।
निशाना सिर्फ राहुल गांधी नहीं हैं। निशाने पर देश की आम जनता है, जिसे बताया गया है कि अगर राहुल गांधी पर कानून और सत्ता का दुरुपयोग कर शिकंजा कसा जा सकता है, अगर उनके ख़िलाफ़ खुले आम षड्यंत्र किया जा सकता है, तो आम नागरिक की बिसात ही क्या है।
इसी तरह का संदेश BJP ने तब भी देने की कोशिश की थी, जब पैलेट गन फायरिंग के शिकार छात्र FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया था और राहुल गांधी जी को नौ घंटे थाने में धरना देना पड़ा था।
लेकिन BJP जो चाहे संदेश देती रहे, देश जान चुका है कि हर अत्याचार के ख़िलाफ़ राहुल गांधी ढाल बन कर खड़े हैं, बिना डेयर, बिना डिगे।
@INCIndia@kharge
सत्ता बदलेगी तो कुर्सियां भी बदलेंगी और हिसाब भी पूरा होगा... ये याद रखें।
सत्ता के अहंकार में डूबे भाजपाई और CMO में बैठकर अपने "कनक की हनक" दिखाने वाले अधिकारी कान खोलकर सुन लें.. सत्ता स्थायी नहीं है, सत्ता परिवर्तित है।
जानकारी में आया है कि निकाय चुनाव से पहले ही हार मान चुकी BJP, अब CMO में बैठे अधिकारियों की आड़ में जिले के अधिकारियों पर अनुचित और अनैतिक दबाव बना रही है!
DM और SDM को फोन करके BJP के लिए जिताऊ उम्मीदवारों के फॉर्म मांगे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कर्मचारियों के परिवार को धमकाने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी.. राजस्थान में ये कैसी लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित की जा रही है?
लोकतंत्र भाजपा का निजी दरबार नहीं है, ये तानाशाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारी भी याद रखें.. वक़्त आने पर हर हिसाब देना पड़ेगा।
@RajCMO
श्रीमती सोनिया गांधी जी की आने वाली किताब को पेंगुइन वर्ल्डवाइड कंपनी मूलस्वरूप में दुनियाभर में छापने को तैयार है पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया भारत में इसे लॉन्च करने के लिए बदलाव करवाना चाहता है। आखिर ऐसी कौन-सी वजह या कौनसा दबाव है जो दुनिया-भर में छापा जा रहा है उसे भारत में नहीं छाप सकते?
श्रीमती सोनिया गांधी जी का जीवन त्याग और बलिदान की मिसाल है। जिस शुचिता और गरिमा से उन्होंने देश सेवा की है वह एक मिसाल है। ऐसे व्यक्तित्व की धनी, देश की वरिष्ठ राजनेता एवं नेता प्रतिपक्ष रहीं श्रीमती सोनिया गांधी जी की किताब को दबाव डालकर रोकना अभिव्यक्ति की आजादी की हत्या के समान है।
असली मुद्दा यह है कि पेंगुइन इंडिया पर दबाव डाला गया कि मोदी, RSS और चीन द्वारा मोदी राज में भारतीय भूभाग पर कब्जे से जुड़े हिस्से हटाए जाएं। यह लोकतंत्र की हत्या है।
इस सच को आखिर भारत की जनता के सामने आने से क्यों छिपाया जा रहा है? क्या मोदी सरकार प्रकाशकों पर दबाव डालकर तथ्यों को भी बदलवा देगी?
देखिए, यह सरकार डर चुकी है। जैन जी के बाद अब जैन अल्फा का नंबर आ गया है। जैन अल्फा का भी आपने जो देखा, जैन अल्फा ने 4-5 स्कूलों में विरोध किया है। उसी से सरकार इतना डर गई कि मोबाइल पर प्रतिबंध लगा दिया, मीडिया अंदर नहीं जा पाएगी। सबसे बड़ा डर इन लोगों के मन में मीडिया का है कि मीडिया अंदर जाएगी तो उनकी कमियों को दिखा देगी।
हाई कोर्ट ने इनको फटकार लगाई है। इन्होंने वहाँ पर सॉरी फील किया है। हाई कोर्ट ने कहा कि आप इतनी भी स्थिति में नहीं हो कि आप स्कूल के कमरों को ठीक कर सको, तो राजस्थान का क्या करोगे? इतनी टिप्पणी इन पर की है।
राजस्थान के 85,000 स्कूलों के कैमरे खराब पड़े हैं। 3,768 के आसपास स्कूल जर्जर घोषित हो चुके हैं, एक भी बनाया नहीं। तो यह तो डर है इस सरकार का और यह तानाशाही है। मैं इस ऑर्डर का विरोध करता हूँ।
मैं बच्चों से भी कहना चाहूँगा कि अभी बच्चों ने आवाज उठाना शुरू की, उस आवाज को ये दबाना चाहते हैं। बच्चे भी इस चीज का विरोध करें कि स्कूल के अंदर जो इनकी कमियाँ हैं, वे तो उजागर होनी ही चाहिए। क्योंकि आप देखोगे, आप रोक लगा रहे हो, क्योंकि आप देखोगे कि पिछले 3-4-5 घटनाएँ ऐसी आई हैं, सरकार बैकफुट पर आ गई। यह डर है।
भजनलाल जी, आप प्रेस पर रोक लगाकर क्या दिखाना चाहते हो? आज अचानक ही आपको छात्रों के हित नजर आने लग गए कि छात्रों के हित जो उजागर हो जाएंगे, यह बहुत जरूरी है और मीडिया नहीं जानी चाहिए। आप डर चुके हैं। आपको इन बच्चों से इतना डर सता रहा है। बच्चे सिर्फ एक एजुकेशन ही तो मांग रहे हैं—पढ़ने के लिए कक्षा-कक्ष हो, पीने के लिए साफ पानी हो, बैठने की व्यवस्था हो, पढ़ाने के लिए टीचर हो। इसके लिए और मांगा क्या है आपसे? और वह भी नहीं दे पा रहे हो।
यह सरकार का डर है, यह सरकार का फेलियर है।
अंग्रेज़ों के डर से वंदे मातरम् न गाने वाले RSS की विचारधारा के लोग आज वंदे मातरम् की बात किस मुंह से करते हैं।
कांग्रेस के कम्युनिकेशन इंचार्ज और राज्यसभा सांसद श्री @Jairam_Ramesh ने पूरे विस्तार से वंदे मातरम् का इतिहास बताया जिसे पूरे देश को जानना चाहिए।
https://t.co/QRLM360Q5j
IMPORTANT
हम स्कूल ठीक करना चाह रहे है। लेकिन पूरे देश में भाजपा के गुंडे सिर्फ हिंसा फैला रहे है।
अब्दुल की सिर्फ यह गलती थी कि वो अपने गांव का स्कूल ठीक कराना चाहता था। लेकिन भाजपा के गुंडों ने उसके पिताजी को इतना मारा कि उनकी मौत हो गई।
कल मैं, @VijayMallangi, Ankit, Sudhir एवं सीजेपी के तमाम कार्यकर्ता बांकुरा जायेंगे। अब्दुल के परिवार को न्याय दिलाने। बंगाल के सभी कॉक्रोचेस से निवेदन है कि Indas PS, Bankura District पहुचे।
हम भाजपा के गुंडो से डरने वाले नहीं है।
@Cockroachisback@abhijeet_dipke
भारत के युवाओं ने मोदी जी के हिंसक शासन के सामने जिस साहस और मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग की, वह काबिल-ए-तारीफ है।
उन्होंने शांति, मोहब्बत और हंसी-मज़ाक के साथ अपनी आवाज़ बुलंद की।
मुझे हर एक युवा पर गर्व है - खासकर उन लड़कियों पर, जिन्हें BJP के गुंडों की बदसलूकी, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उन्हें प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया।
लेकिन अब उनकी आवाज़ दबाई नहीं जा सकेगी।
22 अगस्त को ‘छात्रों की गूँज’ पुणे पहुंच रही है - और इस बार का कार्यक्रम सिर्फ़ लड़कियों के लिए होगा।
अब लड़कियां बोलेंगी, देश सुनेगा।
जुडने के लिए रजिस्टर करें:
https://t.co/CanWounzZs
अंकिता भंडारी के परिवार से 2 दिन पहले मिला। चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी वो न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं - अपनी बच्ची के ख़िलाफ़ एक ऐसे अपराध के लिए जिसकी कोई माफी नहीं।
सिर्फ 19 साल की अंकिता वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं जहां एक "VIP" मेहमान की शर्मनाक मांग का विरोध करने पर चीला नहर में डुबो कर उनकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हिंसा और डुबोने के सबूतों की पुष्टि भी की।
मगर, रिज़ॉर्ट में अंकिता के रूम को किसी भी तरह की जांच होने से पहले ध्वस्त कर दिया गया जो खुद में संदेहपूर्ण है।
इस दुखद मामले में सबसे शर्मनाक बात है कि राज्य सरकार खुद आज तक उस "VIP" को संरक्षण दे रही है। क्यों? क्योंकि वह BJP-RSS का बड़ा नेता है।
यही BJP की विकृत मानसिकता है बलात्कारियों और अपराधियों को बचाना, उनका राजनीतिक संरक्षण करना, यहां तक कि बलात्कार के दोषियों का फूल-मालाओं से स्वागत करना। दुनिया में सबसे घिनौने इंसान वो होते हैं जो बलात्कारियों की रक्षा करते हैं और BJP में ऐसे लोगों की भरमार है।
भारत तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक महिलाओं को पुरुषों के इस्तेमाल की वस्तु समझने वाली यह अमानवीय मानसिकता खत्म नहीं होती। भारत तभी आगे बढ़ेगा, जब भारत की महिलाएं आगे बढ़ेंगी - सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय के साथ।