Narendra Modi is crossing all limits of brutality.
These are Ankita Bhandhari’s parents. Ankita was a girl who was murdered by the same system. Now they’re not sparing her parents either.
अन्ना हजारे आंदोलन में बहुजन समाज ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था. लेजिन मंच पर एक भी दलित समाज से लीडरशिप नही थी.
आशुतोष गुप्ता, किरण बेदी, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास, अनुपम खेर और बीके सिंह सभी अपर कास्ट से थे.
कॉकरोच जनता पार्टी की लीडरशिप दलित समाज के अभिजीत दीपके के पास है यह बात कुछ लोगों को हजम नही हो रही है.
कॉकरोच जनता पार्टी को कुछ लोग आम आदमी पार्टी की B-टीम बताकर बदनाम कर रहे हैं. यह आरोप वही लोग लगा रहे जो 2011-12 में अन्ना आंदोलन में आंख बंद कर हिस्सा ले रहे थे.
अन्ना आंदोलन किस संस्कृति संगठन की B-टीम था पता नही था जो कॉकरोच जनता पार्टी पर आम आदमी पार्टी की B-टीम होने का आरोप लगाया जा रह��� है ?
जब कभी भी कोई दलित समाज का व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ता है या लीड करता है तो अपर कास्ट का इको सिस्टम उसके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करने में जुट जाता है.
पूरा देश वोट चोरी के खिलाफ़ गुस्से में है - मगर फिर भी BJP-EC की बेशर्मी देखिए कैसे खुलेआम वही किए जा रहे हैं।
कर्नाटक के बेलगावी में एक झटके में लगभग 15 हजार वोटरों के नाम मिटाने की साजिश चल रही थी।
सिर्फ़ तीन दिनों - 22, 23 और 24 सितंबर - में इतने नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए Form 7 की बाढ़ आ गई।
और निशाने पर कौन? मुसलमान, SC, ST और OBC। क्योंकि इनमें से ज़्यादातर लोग BJP के खिलाफ वोट डालते हैं।
मैंने वोट चोरी के इस तरीके का पहले ही पर्दाफाश किया था - Centralized तरीके से software के जरिए वोट delete किए जाते हैं। "चुनिंदा" लोगों के खिलाफ BJP और EC के लोगों द्वारा मिलकर automated तरीके से थोक में Form 7 भरे जाते हैं - और देखते ही देखते लाखों वोटर लिस्ट से गायब हो जाते हैं। और ये सब ऊपर से नियंत्रित किया जाता है।
कर्नाटक कांग्रेस के नेता इस वक्त कर्नाटक CEO के दफ़्तर में इसके दोषियों के ख़िलाफ़ FIR की मांग कर रहे हैं। CEO इस FIR से मना क्यों कर रहे हैं?
इस तरह से मोदी, शाह और ज्ञानेश मिल कर SIR के ज़रिए लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं। ये देशद्रोह है।
इसलिए मैं कह रहा हूं ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे कर approver बन जाना चाहिए, और मोदी शाह के खिलाफ जांच होनी चाहिए।
मुसलमानो के साथ ये अन्याय कब तक??
इनका नाम मुल्ला अफ़रोज़ ख���न है
नवंबर 2024 में संभल यूपी में मस्जिद गिराने को लेकर हिंसा होती है
पुलिस इनको गिरफ्तार करके NSA के तहत मुकदमा लगा देती है
इलाहाबाद कोर्ट इनको राहत देता है, लेकर अक्टूबर 2025 में पुलिस इनको दोबारा गिरफ्तार करती है
आज सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाते हुए अफ़रोज़ पर लगा NSA हटाया है और यूपी सरकार पर 10 लाख का जुर्माना ठोका है.
ज्ञानेश कुमार की बे��ी Medha Roopam पर कुछ दिन पहले ही कोर्ट ने 5 लाख का जुर्माना लगाया था गलत NSA लगवाने पर.
NSA तो हट गया, पर अफ़रोज़ के कीमती ज़िन्दगी के गुजरे वक़्त को कौन लोटायेगा??
एक तो उनकी मस्जिद शहीद करो
अगर विरोध करो तो उनपर ही NSA लगाकर जेल में डालकर सड़ाओ
कैसा भारत बन चुका है?? 🤔