केजरीवाल के दोनों बच्चे अमेरिका में है
मनीष सिसोदिया का बेटा लंदन में है
डिंपल यादव और अखिलेश यादव के दोनों बच्चे लंदन में है
खुद योगेंद्र यादव का बेटा लंदन में है
संजय सिंह का बेटा विदेश में है
प्रियंका वाड्रा के दोनों बच्चे विदेश में हैं
कम्युनिस्ट पार्टी के तमाम बड़े नेताओं के बच्चे विदेश में है
और यह मूर्ख उनके बहकावे पर आकर पुलिस की लाठी खा रहे हैं
अबे मूर्खो तुम्हें जो बहला फुसलाकर यहां लाया है तुम्हें सबसे पहले उनसे सवाल करनी चाहिए कि तुम अपने बच्चों को यहां भेजो
विपक्ष का जो नेता तुम्हारे पास आकर घड़ियाली आंसू बहा रहा है तुम उनसे सवाल करो कि अपने बच्चों को यहां भेजो
"तापी तापी महातापी, तापी पाप न्याहलानी"
"सूर्यपुत्री नमस्तुभ्यं, आषाढ़े जन्मी सप्तमी"
आप सभी को पवित्र देवी "तापी माता प्रगट्य दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं, जिनके स्मरण मात्र से पुण्य मिलता है.
आइए हम माँ तापी का ध्यान रखें, इसे गंदा न करें और इसके साफ रखने का संकल्प लें!
पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई।
कुछ सप्ताह पहले देश का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट देश को समर्पित किया गया।
अभी कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन देश को समर्पित की गई है।
विश्व के बहुत कम देश ऐसे हैं, जिसके पास ये सुविधा है।
लेकिन भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन देशवासियों को समर्पित की है, वो सबसे ताकतवर इंजन वाली और सबसे लंबी है।
- पीएम @narendramodi जी
2014 में भारत में सिर्फ 2 मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट थीं। आज यह संख्या बढ़कर 300+ हो चुकी है।
Apple के सप्लायर्स Foxconn और Tata Electronics भारत में iPhone बना रहे हैं। Samsung प्रोडक्शन बढ़ा रहा है, जबकि Micron सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चर कर रहा है। भारत तेजी से global manufacturing hub बन रहा है।
मोबाइल फोन, ट्रेन, डिफेंस सिस्टम, दवाइयां, solar modules, automobile components और बच्चों के खिलौनों तक… भारत हर क्षेत्र में अपनी manufacturing capability मजबूत कर रहा है।
जो देश कभी आयात पर निर्भर था, वही आज दुनिया की कंपनियों के लिए भरोसेमंद manufacturing destination बन चुका है।
अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाने वालों को इन आंकड़ों पर भी नजर डालनी चाहिए।
दुनिया आज भारत को सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और नवाचार की नई ताकत के रूप में देख रही है।
आज हमारे युवा साथी धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रहे हैं। यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः।
दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सपत्नाः॥
पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई।
कुछ सप्ताह पहले देश का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट देश को समर्पित किया गया।
अभी कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन देश को समर्पित की गई है।
विश्व के बहुत कम देश ऐसे हैं, जिसके पास ये सुविधा है।
लेकिन भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन देशवासियों को समर्पित की है, वो सबसे ताकतवर इंजन वाली और सबसे लंबी है।
- पीएम @narendramodi
पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं।
देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है।
चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी… एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं।
पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक International Space Station पर पहुंचा था और परसो ही भारत के एक युवा startup ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है।
ये संयोग नहीं, बल्कि एक बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है।
- पीएम श्री @narendramodi
हॉर्मूज संकट के बीच भी भारत की स्पीड नहीं कम हुई! 🇮🇳🚆
जब दुनिया तेल आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंतित थी, तब भारत ने दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी ऊर्जा प्रबंधन के बल पर अपने रेल नेटवर्क का संचालन निर्बाध बनाए रखा।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, देशभर में रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं।
जानिए भारत की ऊर्जा रणनीति और आत्मनिर्भरता की इस यात्रा के बारे में… 👇🏻
𝐓𝐰𝐨 𝐧𝐚𝐫𝐫𝐚𝐭𝐢𝐯𝐞𝐬. 𝐎𝐧𝐞 𝐫𝐞𝐚𝐥𝐢𝐭𝐲. 🇮🇳
For years, anti-Indian forces have been quick to amplify every challenge India faces, while often overlooking the country's remarkable achievements.
But facts speak louder than headlines. In just the last few weeks, India has witnessed milestone after milestone:
🚆 India's first indigenous hydrogen-powered passenger train flagged off.
🚀 Vikram-1, India's first privately developed orbital-class rocket, successfully launched.
🏅 Indian students topped global Olympiads in Chemistry, Biology and Physics.
🛰️ ISRO, DRDO and Indian innovators delivered breakthrough achievements in space, defence and deep technology.
🛣️ New expressways, next-generation infrastructure and indigenous defence platforms continued to strengthen the nation's capabilities.
💰 Defence production touched record highs, driven by the vision of 𝐀𝐚𝐭𝐦𝐚𝐧𝐢𝐫𝐛𝐡𝐚𝐫 𝐁𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭.
This is the difference between those who constantly search for reasons to doubt India and those who are determined to build India.
Under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi, India is investing in science, technology, infrastructure, innovation, defence and human capital at an unprecedented pace. The country's rise is not built on slogans but on tangible achievements that are shaping the future.
To those who thrive on negativity and constantly predict India's failure: the nation continues to move forward, innovate and deliver. Progress cannot be hidden by selective narratives.
𝐓𝐡𝐞 𝐍𝐞𝐰 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐝𝐨𝐞𝐬𝐧'𝐭 𝐬𝐞𝐞𝐤 𝐯𝐚𝐥𝐢𝐝𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧. 𝐈𝐭 𝐜𝐫𝐞𝐚𝐭𝐞𝐬 𝐡𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲. 𝐓𝐡𝐢𝐬 𝐢𝐬 𝐭𝐡𝐞 𝐍𝐞𝐰 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 — 𝐫𝐞𝐬𝐢𝐥𝐢𝐞𝐧𝐭, 𝐢𝐧𝐧𝐨𝐯𝐚𝐭𝐢𝐯𝐞 𝐚𝐧𝐝 𝐮𝐧𝐬𝐭𝐨𝐩𝐩𝐚𝐛𝐥𝐞. 🇮🇳
#NewIndia #ModiGovernment #ViksitBharat #AatmanirbharBharat #MakeInIndia
बिजली का बिल अब बोझ नहीं, बचत की ताकत बन रहा है! ☀️🇮🇳
मोदी सरकार की 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' देश में सौर क्रांति को नई रफ्तार दे रही है।
✅ 40 लाख+ परिवार लाभान्वित
✅ 33 लाख+ घरों में रूफटॉप सोलर
✅ 17 लाख+ रोजगार का अनुमान
✅ गुजरात, यूपी और महाराष्ट्र सबसे आगे
यह सिर्फ बिजली बिल घटाने की नहीं, बल्कि हर घर को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की पहल है।
सेवण (Lasiurus sindicus) पश्चिमी राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण देशी घासों में से एक है, लेकिन इसके क्षेत्रफल में लगातार हो रही कमी अत्यंत चिंताजनक है। आज जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर जिलों में सेवण के प्राकृतिक चरागाह तेजी से सिकुड़ते जा रहे हैं।
जैसलमेर के रामगढ़, शाहगढ़, सुल्ताना, नाचना, म्याजलार, करड़ा और गुंजनगढ़, बाड़मेर के गढ़रा, सुंदरा, द्राभा और रोहिड़ी तथा बीकानेर के बज्जू और पूगल जैसे क्षेत्रों में कभी बड़े पैमाने पर सेवण के विस्तृत मैदान हुआ करते थे। दुर्भाग्यवश, पिछले एक दशक में इनका क्षेत्रफल लगातार घटते-घटते कई स्थानों पर लगभग समाप्ति की कगार पर पहुँच गया है।
सेवण घास केवल एक चारा नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान की पारिस्थितिकी और पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह पशुओं के लिए अत्यंत पौष्टिक एवं सुपाच्य चारा है, जो विशेष रूप से दुधारू पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसकी गहरी एवं मजबूत जड़ प्रणाली (राइजोम तंत्र) इसे सूखा सहन करने योग्य बनाती है, साथ ही यह रेतीली भूमि को स्थिर रखने और चरागाहों की उत्पादकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सेवण घास गोडावण, चिंकारा तथा अनेक सरीसृप एवं अन्य वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण आवास और विचरण क्षेत्र भी उपलब्ध कराती है। यह बहुवर्षीय घास है, जो एक बार स्थापित होने के बाद लगभग 3 से 4 वर्षों तक लगातार उपयोगी रहती है। सूखे की स्थिति में इसे काटकर संरक्षित किया जा सकता है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर पशुओं के लिए चारे के रूप में उपयोग किया जा सके।
इतनी महत्ता होने के बावजूद सेवण और धामण जैसी रेगिस्तानी घासों को आज भी वन एवं चरागाह प्रबंधन की नीतियों में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है। स्टेट फॉरेस्ट रिपोर्ट्स में इनका समुचित आकलन नहीं किया जाता। सरकार के पास इनके क्षेत्रफल, उत्पादन और संरक्षण से जुड़े पर्याप्त शोधपरक आँकड़ों का भी अभाव है।
यह अत्यंत विडंबना है कि राजस्थान का विशाल मरुस्थलीय क्षेत्र सेवण घास पर निर्भर होने के बावजूद अब तक इसके संरक्षण के लिए किसी विशेष संरक्षित क्षेत्र का विधिक प्रावधान नहीं किया गया है। न ही इसके उत्पादन, संरक्षण, बीज संवर्धन, चरागाह प्रबंधन एवं प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित संस्थान स्थापित किया गया है।
यदि सेवण घास के प्राकृतिक मैदान इसी गति से सिकुड़ते रहे तो केवल इस महत्वपूर्ण घास का ही अस्तित्व संकट में नहीं पड़ेगा, बल्कि पशुपालकों की आजीविका, स्थानीय अर्थव्यवस्था, वन्यजीव संरक्षण और पूरे मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इसलिए आवश्यक है कि राज्य सरकार सेवण घास के प्राकृतिक चरागाहों को विधिक संरक्षण प्रदान करे, इनके लिए समर्पित भूमि का आवंटन सुनिश्चित करे। जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर जैसे जिलों में सेवण घास के संरक्षण, उत्पादन एवं पुनर्स्थापना हेतु विशेष अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना करे। साथ ही स्थानीय समुदायों, पशुपालकों और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से बड़े स्तर पर पुनर्स्थापना अभियान चलाए जाएँ।
वर्तमान में मानसून का समय सेवण घास के पुनर्स्थापन के लिए सबसे उपयुक्त है। यह सुखद है कि विभिन्न सामाजिक संस्थाएँ और स्थानीय समूह कई स्थानों पर सेवण घास के पुनरोपण एवं संरक्षण की मुहिम चला रहे हैं। ऐसे प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं। आवश्यकता इस बात की है कि इन पहलों को ग्राम स्तर से लेकर राज्य सरकार की योजनाओं तक संस्थागत रूप दिया जाए, ताकि सेवण घास का संरक्षण एक जनआंदोलन बन सके।
@RajCMO@RajGovOfficial@ForestRajasthan
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આજે તાપી જિલ્લાના વ્યારા ખાતે ભગવાન શ્રી વિશ્વકર્મા દાદાના ભવ્ય મંદિરના જીર્ણોદ્ધાર કાર્યનું ભૂમિપૂજન કરવાનો પાવન અવસર પ્રાપ્ત થયો.
ભગવાન વિશ્વકર્મા દાદાના આશીર્વાદ હંમેશાં આપણી સાથે રહે અને સૌના જીવનમાં સુખ, શાંતિ, સમૃદ્ધિ તેમજ ઉત્તમ સ્વાસ્થ્ય અર્પે તેવી મંગલકામના.
સૌને જય વિશ્વકર્મા 🙏
Pleased to address the 23rd Meeting of Ministers of Culture of the Shanghai Cooperation Organisation in the Kyrgyz Republic.
Emphasised that culture is a powerful force for dialogue, trust and sustainable development. Reaffirmed India’s commitment to preserving our shared civilisational heritage, strengthening cooperation among SCO Member States, and advancing the timeless spirit of Vasudhaiva Kutumbakam, The World is One Family.
@PMOIndia@narendramodi@MinOfCultureGoI@tourismgoi@IndiaInKyrgyz
Warm birthday wishes to Delhi CM Smt Rekha Gupta ji.
A grassroots leader dedicated to Delhi’s development and social upliftment. Wishing her a long and healthy life.
@gupta_rekha