NEET 2026 पेपर लीक पर यदि हम शिक्षा मंत्री जी और पूर्व NTA DG सुबोध कुमार सिंह की जातियाँ बता दें तो क्या कॉन्ग्रेसी दलाल कह दिए जाएँगे? पेपर लीक की घटना के बाद उन्हें सस्पेंड नहीं किया, थोड़े दिन हटा कर रखा फिर, इनके रहम���करम से सुबोध जी छतीसगढ़ चला रहे हैं।
सरकार कुछ नहीं करेगी क्योंकि सरकार चुनाव जीत रही है। वही एक मात्र मापदंड बचा है अब गवर्नेंस का। आपको कट्टर समर्थक बता देंगे कि मोदी जी की लोकप्रियता अखंड और अक्षुण्ण है, इसलिए ये सब बात जो भी कर रहा है वो सोरोस का एजेंट है।
इसके बाद आप कुछ बोल नहीं सकते। नए DG भी क���छ बढ़िया नहीं ही कर रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान जी मंत्रालय चलाने की जगह हर वह कार्य करते हैं जो मंत्री का नहीं है। मोदी जी की कौन सी विवशता है कि इस व्यक्ति को ढोया जा रहा है, समझ में नहीं आता।
पेपर लीक थम नहीं रहा। माफिया को हाई कोर्ट बेल नहीं देती तो सुप्रीम कोर्ट से मिल जाता है। कंपनी ब्लैकलिस्ट होती है, फिर कुछ समय बाद उसे ही काम मिल जाता है, या मालिक नई कंपनी बना कर काम ले लेता है।
आप इस सरक��र में अपवाद रूप में ही कभी सुनोगे कि किसी अधिकारी को निलंबित किया गया या निकाला गया। मंत्री तो रहने ही दीजिए। और ये लोग शिक्षा को डिकोलोनाइज़ करने निकले थे। &% हो रहा है डिकोलोनाइज़।
NEET का पेपर बार-बार लीक हो रहा है, लेकिन सरकार इसके ऊपर ध्यान ही नहीं दे रही।
दाल में कुछ काला है, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
ये लोग पेपर लीक से न सिर्फ हमारे छात्रों का भविष्य तबाह कर रहे हैं, बल्��ि दुनिया में उनकी छवि को भी नुकसान पहुँचा रहे हैं।
पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए।
I had said that this will happen. And I am saying that the moment RE-NEET answer key is out, we will see this number go up. The question paper will be tougher, kids will die assuming they won’t make the cut off.
In a caring democracy, minister should be in jail. This blood is on his and BJP’s hands.
I pray not a single kid kill him/herself for the crimes of our ministers. But it is what it is.
NEET में 22 लाख विद्यार्थियों की मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परिस्थिति पर मूत्र त्याग करने वाली NTA, वर्तमान सरकार और मंत्री पर चर्चा न कर के, आज जब PM, राज्यों के CM के कारों की संख्या और कहीं दूर हो रहे बुलडोज़र एक्शन पर पूरा 'समर्थक तंत्र' केंद्रित है।
क्यों? क्योंकि इसमें आप कोई ज���ति नहीं निकाल सकते, ना ही कहीं भाग सकते हैं। हर एक बीतते दिन में @BJP4India नीचे गिरती जा रही है। हाँ, कुछ लोग कह देंगे कि हरियाणा नगर निकाय चुनावों में हुई भारी जीत बताती है कि @narendramodi की लोकप्रियता अधिकतम स्तर पर है। अच्छी बात है!
धर्मेंद्र प्रधान या अन्य लोगों से मेरी व्यक्तिगत शत्रुता नहीं है। मेरे घर में अभी ना तो कोई कॉलेज में हैं, ना अगले 18 वर्षों में होगा। फिर भी लिखना-बोलना आवश्यक है क्योंकि इस सरकार ने हमें 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' और 'पार्टी विथ अ डिफरेंस' कह कर वोट माँगा था।
उन रोते बच्चों, परेशान माता-पिता, प्रसन्न माफिया और निकृष्ट मंत्री-सरकार क�� देख कर भी यदि आप सिर्फ़ इसलिए कुछ नहीं लिख रहे कि मोदी जी कमज़ोर हो जाएँगे, तो याद रखिए कि एक दिन मोदी को युगपुरुष लिखने वाला पिता आज उनसे ही प्रश्न पूछ कर रो रहा है कि उसकी बेटी का भविष्य क्या है।
नेता की भक्ति अच्छी है, पर रेंगना और जीभ को सैंडपेपर बना कर चाटना आपकी प्रासंगिकता समाप्त करता है।
जब मैंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को अपमानित करके (कहा तो मैंने कुछ और ही था) कैबिनेट से निकाला जाना चाहिए, तो कई लोगों को (UGC के कारण मेरे सरकार विरोध में होने से) समस्या हो गई थी।
इस नकारे मंत्री के कार्यकाल में NEET 2026 रद्द हो गई। इनसे पेपर लीक रुक नहीं रहा, DU में सवर्ण सहायक प्रोफेसरों को चिह्नित करके निकाला जा रहा है, VC वामपंथी लेख लिख रहे हैं, नई शिक्षा नीति लागू हो रही है पर पन्नों में ब्राह्मण ब्रिटिश को न्योता दे कर बुलाता दिखाया जा रहा है, NCERT में आज भी डिस्टॉर्टेड इतिहा�� पढ़ाया जा ही रहा है, फिर यह व्यक्ति क्या एक प्लेस होल्डर मात्र है?
हर 58 मिनट में एक छात्र आत्महत्या करता है। उसका कारण स्ट्रेस है, चिंता है, असफलता है, तंत्र द्वारा उसकी परीक्षा लेना है। निर्धन छात्र पैसे ले कर नए नगर में परीक्षा देने जाता है, प्लेटफार्म पर अख़बार बिछा कर सोता है, सड़क किनारे जल पीकर परीक्षा देता है कि एक दिन परिणाम आने पर उसकी चिन्ताएँ समाप्त हो जाएँगी, पर तंत्र उसे तड़पाता रहता है।
धर्मेंद्र प्रधान एक निकृष्ट और नकारा नेता है, उस से भी गया०बीता मंत्री। ऐसे लोगों को कोई घर का गराज संभालने ने दे, ये देश की शिक्षा घंटा सँभालेगा? @narendramodi जी, यदि UGC के 118 दिन बाद आपकी सरकार ने सवर्णों को औक़ात दिखा दी हो, और आपका ईगो शांत हो गया हो कि क्या उखाड़ लिया, गुजरात निगम और असम-बंगाल चुनाव जीत गए, तो प्लीज़ इस निकम���मे धर्मेंद्र प्रधान को विदा कीजिए।
यदि, चुनाव के आँकड़े ही आपके लिए एक मात्र मोटिवेशन हैं और देश की शिक्षा गर्त में जाते अच्छी लगती है, तो फिर कोई बात नहीं, UP चुनाव के लिए रैलियाँ कीजिए।
@hitandthrow333@VoiceOfBrahmins Jo chamde ka kaam kare wo chamar
significant Dalit community in India, traditionally associated with leatherwork and classified as a Scheduled Caste (SC).
@KapsdGr8@VoiceOfBrahmins भैया मैं भी सारस्वत ब्राह्मण हूँ, जातियां तो बनी ही कर्म आधारित ! शुद्र काम अगर ब्राह्मण करे तो वो शुद्र ही होगा! लेकिन आज के समय में सब भूल चुके हैं! मैंने ब्राह्मण हूँ लेकिन मेरा धर्म मुझसे झूठ नहीं बोलवा सकता ! जय श्री राम