कभी-कभी simple बातचीत में भी हम adjust करने लगते हैं। “safe” words चुनते हैं, अपनी opinion रोक लेते हैं, वहाँ भी हँस देते हैं जहाँ सच में feel नहीं होता। जैसे हम मौजूद तो हैं, लेकिन पूरी तरह नहीं
आखिर क्यों ?
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🙏 दिल की गहराइयों से आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद!
आइए, इसी तरह साथ जुड़े रहें और इस सफर को नई ऊँचाइयों तक लेकर चलें। 🚀❤️
अपना सर्वोच्च समय के साथ आगे बढें...
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