>2016-17 में अखिलेश सरकार में जल निगम में 1300 भर्तियां आयीं,
>जिसमें 853 जूनियर इंजीनियर(JE) की भर्ती थी
>ये भर्तियां नगर विकास मंत्रालय के अंतर्गत आती थीं
>आज़म खान नगर विकास मंत्री थे
>बच्चों को ज्वाइनिंग मिली फिर एक साल बाद भर्ती कोर्ट में चली गयी
>आजम खान समेत उनके पंद्रह कर्मचारियों पर धांधली के आरोप लगे
>पंद्रह कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गयी
>बच्चे 10 साल बाद आज भी ज्वाइनिंग के लिए कोर्ट के चक्कर काट रहे
>बच्चे पैसे जोड़ जोड़ कर वकीलों का खर्चा दे रहे
>सरकारी वकील डिपार्टमेंट से पैसा लेकर मलाई काट रहे,
>बच्चों की शादी रुकी हुई है
>कुछ की शादियाँ टूट गयीं
>कुछ बच्चे डिप्रेशन में हैं, लोग सूइसाइड attempt कर चुके
>दस साल बाद बच्चे न्याय की तलाश में भटक रहे,
अ��िलेश भैया और पूरी समाजवादी पार्टी जंतर-मंतर पर बच्चों के साथ सीना से कंधा मिलाकर खड़ी थी
@suryapsingh_IAS इस्तीफ़ा हो गया..
शोर भी थम गया.
अब सबको लग रहा है कि मामला खत्म हो गया।
सोमवार से नज़र संसद पर रखिए, क्योंकि राजनीति में असली चाल अक्सर तब चली जाती है, जब सबका ध्यान कहीं और होता है।
गिनती भी लगभग पूरी हैं, माहौल भी शांत है.
कई बार इतिहास शोर से नहीं, खामोशी से लिखा जाता है।
इस्तीफ़ा हो गया..
शोर भी थम गया.
अब सबको लग रहा है कि मामला खत्म हो गया।
सोमवार से नज़र संसद पर रखिए, क्योंकि राजनीति में असली चाल अक्सर तब चली जाती है, जब सबका ध्यान कहीं और होता है।
गिनती भी लगभग पूरी हैं, माहौल भी शांत है.
कई बार इतिहास शोर से नहीं, खामोशी से लिखा जाता है।
@CJP_for_India तुम भोले छात्रों को आगे कर रहे हो परन्तु तुम लोगों का अंतिम उद्देश्य तो केवल देश के अंदर राजनीतिक संकट पैदा करना है।
अभी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, उसके बाद गृहमंत्री का इस्तीफा, लास्ट में मोदी जी का इस्तीफा मांगोगे।
#Puppet
@epanchjanya ये कोई भी सीजेपी वाले बात करने को आयेंगे ही नहीं, क्योंकि ये सब छात्रों को आगे कर रहे हैं, इनका अंतिम उद्देश्य तो केवल देश के अंदर राजनीतिक संकट पैदा करना है।
अभी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, उसके बाद गृहमंत्री का इस्तीफा, लास्ट में मोदी जी का इस्तीफा मांगेंगे ये सीजेपी वाले।
Delhi Police ACP Vivek Bhagat says, "Yesterday, I was on duty in sector one zone one which includes the main Jantar Mantar area. I was on duty during the day and I had evening shift as well, so during the evening shift, I was going to report from Regal building which is Connaught Place, via Sansad Marg, at the red light of Tolstoy and Sansad Marg. I had a staff of five or six who were walking ahead and with me was an ACP probationer Rohit and my operator Navneet. So as we were walking ahead, we realized that water bottles were being thrown at the staff in front and hooting and anti-social slogans were being raised against the police. So as soon as our police staff moved back and forth a little there, some of them moved forward to save their lives and one of them was overpowered by the crowd. Blood was coming out of his head. His entire face was covered in blood, so I tried to intervene to rescue him from there. We even brought him a meter or two forward, but the crowd was so huge and violent. They even overpowered me. The crowd was so violent. Police officers were specifically targeted, isolating them and attacking them..."
@ArvindKejriwal छात्रों को आगे करके, जो राजनीति कर रहे हो न, ये देश देख रहा है और समझ भी रहा है।
संसद भी नहीं चलने दे रहे हो, देश की गति धीमा करने का काम कर रहे हो।
चोर
@UPPCLLKO@PVVNLHQ@CMOfficeUP
पिछले पांच दिनों से बहरामपुर, गाज़ियाबाद में लाइट ट्रिपिंग की समस्या काफी ज्यादा है, हर 5 मिनिट पर।
उपकरण भी फूंक चुके हैं।
कोई है क्या, इस समस्या के निदान के लिए या फिर ऐसे ही जनता को मरने के लिए छोड़ रखा है?
#BasicNeed#GovermentResponsiblity