If you want to wash your crime and want to get free PR, visit Jantar Mantar and do some charity; you will be declared a kind of hero.
An NGO has collected more than ₹150 crores in the name of oxygen during COVID.
They transferred more than ₹30 crores to their private limited company and purchased land in different parts of India.
The ED has registered a case for money laundering.
But they are now supplying food and shelter to goons who were part of the violence on 20th July.
Nobody wants to check the reality!
And there it is. Something OpIndia told people months ago.
This isn’t about NEET. This isn’t about students.
This is about Umar Khalid and FCRA primarily.
जंतर-मंतर आयेंगे तारीख वही बतायेंगे ।
इन तीनों काले कानूनों को समाप्त करा कर ही वापस आयेंगे।।
समानता हक है हमारा अब और बेड़ियां बर्दास्त नहीं ।
संविधान की आड़ में अब और दमन स्वीकार नहीं ।।
पूरे सवर्ण समाज से आग्रह है की एक होकर इस आने वाली क्रांति का हिस्सा बनें ।
वाह मोदी जी कल साबित कर दिया आपने की आप भी जय जय जय भीम वाले ही हैं यूजीसी पर एक शब्द नहीं और पेपर लीक पर लाइव , और अब कड़ा कानून ??? सवर्णों की भूल थी की आप राम वाले हैं आप तो ह..म वाले हैं ।
जब यूजीसी का काला कानून आया और पूरे देश का सवर्ण और न्याय पसंद बैकवर्ड और शेड्यूल कास्ट के लोग आंदोलित थे आप ने आंदोलन नहीं होने दिया , बाल पूर्वक दबाने का प्रयास हुआ , मेरे लाखों लोगो को , महिलाओं को अलग अलग थाने में गिरफ्तार किया गया आज तक किसी कार्यक्रम को करने की परमिशन नहीं दी गई लेकिन उल्टा उनसे कॉकरोच पार्टी बनवाई गई , दीपके जो उसका संस्थापक था को एयरपोर्ट पर ही ले जाकर परमिशन दिया गया और आज उनके लिए मीटिंग पर मीटिंग हो रही है , दो दिन के बच्चों से आपके जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मिल रहे हैं और आज रात से तो आपने ख़ुद मोर्चा संभाल लिया है ।
मोदी जी जब से आपकी सरकार आई केवल सवर्णों के लिए उन्हें समाप्त करने का क़ानून लाए 2015 में ही एससी एसटी के एक्ट में बदलाव करके 37 तरह के अपराध को सम्मिलित कर दिया बाद में सुप्रीम कोर्ट ने राहत दिया तो आप ने उस कणों को ही बदल कर 2018 में संशोधित और गंभीर बना दिया जिसका दुरपयोग सवर्णों और ग़ैर दलितों के ख़िलाफ़ फर्जी मुकदमों उनका आर्थिक और सामाजिक और मानसिक शोषण शुरू हो गया ।
वैसे तो ग़ैर दलित पहले से ही राजनीतिक रूप से अछूत है 543 लोक सभा की सीटों में से 131 सीटों पर और 4120 विधान सभा सीटों में से 1128 सीटों पर कोई ग़ैर दलित कभी चुनाव लैड ही नहीं सकता ये कौन से दुनिया में जी रहे हैं हम लोग क्या कभी आपका ध्यान इस अन्याय के ऊपर गया ??
आख़िर देश की 90% ग़ैर दलितों पर आपका ध्यान क्यों नहीं गया क्या इन 10 % लोग जो कभी आपका साथ नहीं देते जो अंबेडकर के नाम पर देश में अराजकता फैलाते हैं उनसे आपको इतना मोह क्यों हैं ?? पूरे देश और दुनियाँ में आपने एक लाख करोड़ रुपये खर्च कर के अंबेडकर तीर्थ , अंबेडकर स्मारक , अंबेडकर धाम , पंच तीर्थ , स्मृति भवन , लंदन , पेरिस , कोलंबिया , ऑस्ट्रेलिया में स्मारक बनवाये , आख़िर क्यों ??अन्य महापुरुषों की उपेक्षा क्यों हुई ?? क्या कभी सुभाष बाबू के नाम पर कुछ बनवाया आपने ??जिन्हें आप देश का प्रथम प्रधान मंत्री कहते थे ?? क्या डॉ राजेंद्र परसाद के नाम पर कुछ बनवाया आपने ?? क्या बीएन राउ साहब के नाम पर कुछ है देश में ??
आखिर आपको कौन अंबेडकरवाद के आग में लगातार झोंक रहा है ??
देश के ग़ैर दलितों के लिए ये विचारणीय प्रश्न है क्या एससी एसटी आरक्षण की समीक्षा और एससी एसटी एक्ट की समाप्ति नहीं होनी चाहिए ??
जल्द यूजीसी , आरक्षण और एससी एसटी के मुद्दे पर हम ख़ुद जंतर-मंतर आ रहे हैं और इस बार सरकार से आर पार होगी और पूछा जाएगा की मोदी जी आप राम वाले हैं की ह..म वाले ??
जिस देश में चुनावो में ईमानदार व्यक्ति को टिकट ना देकर, जाती देखकर टिकट दिया जाता हो,
जिस देश में जाती देखकर सरकारी नौकरियाँ दी जाती हो
जिस देश में जाती देखकर परीक्षा में pass-fail किया जाता हो,
जिस देश में जाती देखकर एंट्रेंस एग्जाम के कटऑफ सेट किए जाते हो,
जिस देश में जाती देखकर सरकारी योजनाएं लाई जाती हो,
जिस देश में जाती देखकर कॉलेजो के नियम तय किए जाते हो
जिस देश में जाती देखकर कानून की धाराए लिखी जाती हो
जिस देश में उच्चतम राजनीतिक पदो पर जाती देखकर सत्ता सौंपी जाती हो,
जिस देश में मेरिट को स्थान ना देकर जाती को स्थान दिया जाता हो,
जिस देश में योग्यता ना देखकर जाती को ही योग्य माना जाता हो,
उस देश को बर्बाद होने से साक्षात भगवान भी नहीं बचा सकते।
कॉकरोच नौटंकी और उसके उपरांत सरकार का झुकना, कथित CIA-चीनी एजेंट से मिलना, डीप स्टेट वालों से हाथ मिलाने को विवश होना ऐसा तमाचा है जो भाजपा के चेहरे पर लगना अत्यावश्यक था।
अभी इन चरणचुंबक चिरकुटों को बंगाल का 208 और गुजरात के निकाय चुनाव पर ‘क्या हुआ तुम्हारे UGC का, जनता मोदी के साथ है’ करना स्मरण में है या विस्मृत हो गया?
कैसा लग रहा है हाथ मिलाने वाला फोटो? अब याद करो फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई, जब तक न तो कॉकरोच थे, न राहुल गाँधी। कुछ लोग थे जिन्हें तुम सबने अपने निशाने पर लिया हुआ था।
वराहे के सूअर और पूरी हरामी आइटी सेल, थूक का स्वाद कैसा है? अच्छा लग रहा है? तुम लोग साले दो कौड़ी के, कॉपी-पेस्ट करने वाले और व्हाट्सएप पर आए मैसेज को AI से रीहैश करा कर पोस्ट करने वाले कोल्हू के बैल हो।
तुम्हें किसने झुकाया? तीन नल्लों ने, जो न तो लिखाना जानते हैं, न बोलना, न पढ़ना… तुम्हारे कर्म ऐसे ही थे कि तुम्हें वह करना ही पड़ा और अब तुम्हारा भय यह है कि क्या एक ऐसी सरकार, जिसके पीएम रिकॉर्ड बनाने के हैशटैग चलवा कर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से पोस्ट करा लेते हैं, वह अब चलते सत्र में कहीं कैबिनेट मिनिस्टर तो नहीं बदलेगा?
मैं तुम्हारा शत्रु तब भी नहीं था, न आज हूँ। मैं केवल तुम्हें तुम्हारा स्थान बता रहा हूँ कि आज तुम अपना कमेंट सेक्शन पढ़ो और मेरा भी। बाकी, वो मीम तो याद ही होगा न? तुम अपनी सामूहिकता में भी मेरी अधोजटाओं के बाल बराबर भी नहीं हो।
"ये लोग कहते हैं कि नीट पर 18 घंटे चर्चा करेंगे, लेकिन क्या ये नीट की असली समस्याओं पर 18 मिनट भी बोल पाएंगे?"
"चर्चा किनसे करेंगे जो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं? उन्हें मेरी समस्या पता है क्या? उन्हें पता है कि एक नीट छात्र और उसका परिवार किन मुश्किलों से गुजरता है?"#neet
Finally, students are raising the issue of Reservation at student protests. More GCs need to do it.
Reservation has already reached 70%. It's your biggest issue. So raise your voice.
https://t.co/EhKpVwXFIc
अगर आप देश के किसी भी छात्र आंदोलन में जा रहे हैं - चाहे प्रदर्शन करने के लिए या सिर्फ़ देखने और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए तो आरक्षण का मुद्दा ज़रूर उठाइए।
आज छात्रों के सामने सबसे बड़ा मुद्दा आरक्षण है। यही समय है कि इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाया जाए।
EXPOSING THE FRAUD AT THE CJP PROTEST!
Abhijeet Dipke just pulled off the biggest fraud of his career today. He staged a massive drama, claiming an active Uttarakhand Police constable was resigning from his job to support their protest.
Here is the REALITY: 👇
-Sher Singh was already SUSPENDED from Uttarakhand Police.
-He was arrested by STF Dehradun in a land scam and spent time in jail.
-He faced serious negligence charges while serving as IG Garhwal's gunner.
-He has a dark, highly controversial record and actively posts Bhim Army content.
Parading a suspended ex-jailbird cop's "resignation" as an active officer quitting is nothing but an orchestrated FRAUD! 🔍
माननीय @narendramodi जी इस बंदे बात बिल्कुल सही कही है।
बहुत अच्छा समय है ये कास्ट बेस्ड रिजर्वेशन सिस्टम को खत्म करने की ।
हा इसके साइड इफेक्ट होंगे पर इस देश का रियल स्टूडेंट आपको सदियों तक याद रखेगा।
उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल शेर सिंह वर्दी पहनकर पहुंचे और छात्र आंदोलन के समर्थन में अपना फर्जी इस्तीफा देने का बड़ा ड्रामा रचा। यह व्यक्ति 2025 से ही निलंबित था। हरिद्वार में जमीन हड़पने, धमकाने और आपराधिक मामलों के आरोप में निलंबित होकर जेल की हवा भी खा चुका है।
सारे के सारे तिलचट्टे बहुत बड़े फेलियर और जोकर ही हैं!
General Category students are getting lathi-charged for "fair education system," but not fighting against the biggest unfair system - RESERVATION !
This is your biggest opportunity. Don't waste it!
CJP वालों से हाथ मिला लिया,
लेकिन UGC वालों को house arrest किया और पाकिस्तानी साबित किया!!
यही दिखाता है कि सरकार को मुद्दे से मतलब नहीं, सिर्फ दंगे फसाद करने वालों से डरते हैं!
#EndReservation