भ्रष्ट भाजपाई और उनके षड्यंत्रकारी स���गी-साथी व संलिप्त अधिकारी एमएलसी चुनाव जीतने के लिए जिस हद तक गिर सकते थे गिर गये हैं। डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साज़िश सबके सामने खुल गई है।
डॉ. संजयन त्रिपाठी को मतगणना में घपला करके हराने का कारण सिर्फ़ ये नहीं है कि वो सपा के उम्मीदवार हैं बल्कि इसके पीछे ‘हाता नहीं भाता’ मुख्य कारण है।
राजनीति के मामले में भाजपा पातालमुखी हो चुकी है। इतनी बड़ी जालसाज़ी के बाद जनता को ये समझ आ गया है कि भाजपा दरअसल हर सीट पर हारी है।
भाजपाई वोट से नहीं खोट से जीतते हैं।
डॉ. संजयन त्रिपाठी जी का जिस प्रकार उत्पीड़न किया गया है, उसे उनका पूरा समाज देख रहा है। डॉ त्रिपाठी जी के आँसू उनका समाज और प्रदे��� का कोई शिक्षक नहीं भूलेगा।
शिक्षकों को भाजपा में अपमान के सिवा कुछ और नहीं मिला है। शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने तक का जो निकृष्टतम अवांछित काम करवाने का षड्यंत्र किया गया, उसे हर शिक्षक हमेशा याद रखेगा और 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराकर अपना ‘गुरु संकल्प’ पूरा करेगा।
भाजपा की चार सौ बीसी, चार सौ तीन सीटों पर नहीं चलेगी।
हम डॉ. संजयन त्रिपाठी जी और उनके समाज के साथ हो रहे हर अन्याय और उत्पीड़न के विरुध्द, भाजपा के ख़िलाफ़ साथ में खड़े हैं और खड़े रहेंगे।
‘नारी वंदन’ और ‘स्वतंत्र पत्रकारिता’ दोनों को चुनौती देता उप्र भाजपा का शासन-प्रशासन एक ईमानदार महिला पत्रकार की जान के पीछे सिर्फ़ इसलिए पड़ गया है क्योंकि उसने मुख्यमंत्री जी से ‘सवाल’ करना चाहा था।
भाजपा पत्रकारों को मूक श्रोता बनाना चाहती है।
तानाशाही और दानाशाही को चुनौती देनेवाली साहसिक पत्रकारिता की आवाज़ अब और नहीं दबाई ���ा सकती है।
पत्रकारों का अगर कोई संगठन सक्रिय हो तो वो संज्ञान ले और महिला आयोग भी।
घोर निंदनीय!
नाम बदलनेवाले अब ‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर दें क्योंकि जब सिर्फ़ बयान दिया जाना है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है तो बिना वार्तालाप ‘वार्ता’ शब्द का क्या अर्थ रह जाता है? माननीय सबका समय क्यों ख़राब कर रहे है���, प्रेस रिलीज़ भेजकर ही काम चलाएं और दोनों का समय बचाएं।
सत्य ये है कि उप्र में सवालों की भरमार है लेकिन इनके पास जवाब ही नहीं हैं। मुँह मोड़ कर जाना, मैदान छोड़कर भागना भी कहलाता है।
ये शासन में पक्षपात करते हैं और प्रेस वार्ता में एकतरफ़ा बयानबाज़ी। अब क्या ये भी कहेंगे कि ‘प्रश्न सुनने के मूड में नहीं है।’
#प्रेस_एकालाप
@uppanchayatiraj कभी आप हमारे ग्राम सभा के पंचायत भवन की फोटो मंगा लीजिए और वहां बना लाइब्रेरी भी दिखवा ��ीजिए ग्राम सभा भूसौला ज्ञानपुर भदोही उत्तर प्रदेश पूर्व
लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022' के पेज ���ंख्या 8 पर वादा था— "स्कूल और कॉलेज स्तर पर योग शिक्षकों की भर्ती समयबद्ध तरीके से पूर्ण करेंगे।"
सरकार से विनम्र सवाल है कि यह समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया आज तक ��्यों शुरू नहीं हो सकी?
@myogiadityanath @UPGovt
#UP_Yoga_Teacher_Bharti
@DM_Bhadohi माननीय न्यायालय द्वारा उक्त स्थान को खाली कर कब्जा हटाने का स्पष्ट आदेश पारित किया जा चुका है, किंतु आदेश के बावजूद आज तक उक्त स्थान पर अवैध कब्जा कायम है।
अगर विकास हुआ है तो उसका सबसे मजबूत जवाब बहस नहीं, सबूत है।
सरकार शिक्षा, चिकित्सा, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में पिछले वर्षों में हुए कार्यों की तस्वीरें, आँकड़े और उपलब्धियाँ जनता के सामने रखे।
सच जनता खुद तय कर ले���ी।
#उत्तरप्रदेश #जनताकीसु��िधा #विकास