तुम मेरी एक बात की गाँठ बाँध लो,
दोस्त, यार, प्यार, परिवार, भाई बहन पति, पत्नी या और भी कोई रिश्ता हो,
आज के समय में सब सफलता के साथी है
एक ठीक वक्त बीतने के बाद सब तुम्हें एहसास करा देंगे, सफलता कितनी ज्यादा जरूरी है?
इसलिए सफलता का हर वाजिब प्रयास करो।
कैलाश के अनंत शून्य में, जहाँ वैराग्य का अखंड साम्राज्य है, ध्यान में लीन बैठा वह महायोगी, जिसके एक संकेत पर सृष्टि बनती मिटती है।परंतु जब उमा के नयन उठते हैं, करुणा और अगाध प्रेम से भरे, तो ��्यान की वह विशाल दीवार तिनके की तरह बह जाती है।1/2