करीबन तीन साल पहले का वीडियो जिसमे रविंद्र सिंह भाटी के काफिले के सामने RLP समर्थक की गाड़ी आती है लेकिन यहाँ कोई तोड़ फोड़ नहीं की जाती
क्योंकि रविंद्र सिंह भाटी और उनके समर्थक सभ्य लोग है ना कि नशेड़ी या असभ्यता वाले….
लेकिन कल जिन लोगो ने शांति सभा के नाम पर जो अराजकता फैलाई वो बेहद शर्मनाक और निंदनीय थी
मारवाड़ की छात्र राजनीति को करीब से देखने वाले जानते हैं कि किसी भी नेतृत्व का निर्माण वर्षों के संघर्ष, संगठन और साथियों के भरोसे से होता है।
अरविंद सिंह भाटी के छात्रसंघ अध्यक्ष बनने की यात्रा भी इसका अपवाद नहीं रही। उस दौर में धरातल पर सबसे मजबूत पकड़ मोती सिंह जोधा की मानी जाती थी, वहीं शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने व्यक्तिगत समीकरणों से ऊपर उठकर अरविंद सिंह के नेतृत्व का समर्थन किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि रविन्द्र सिंह का समर्थन नहीं मिलता, तो उस समय इतने व्यापक स्तर पर एकजुटता बनना आसान नहीं था।
यही कारण है कि आज जब महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय के नाम पर सर्वसमाज के कार्यक्रम का दावा किया जा रहा है, तब उन्हीं प��राने संघर्षी साथियों और जनाधार वाले चेहरों की उपेक्षा कई सवाल खड़े करती है।
राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संघर्ष के दिनों के सहयोगियों को साइड लाइन करना अक्सर नेतृत्व की परिपक्वता पर प्रश्नचिह्न लगा देती है।
एक और बड़ा विरोधाभास भी चर्चा का विषय है। छात्र राजनीति के दौरान दलगत राजनीति से दूरी की बात करने वाले आज यदि किसी एक राजनीतिक विचारधारा तक ही कार्यक्रम को सीमित करते दिखाई दें, तो यह स्वाभाविक रूप से सवाल पैदा करता है कि आखिर तब कही गई बातें और आज की राजनीतिक प्राथमिकताओं में इतना बड़ा बदलाव क्यों आया?
मारवाड़ की राजनीति में नेतृत्व साथ निभाने की परंपरा से स्वीकार किया जाता है।
इसलिए जो लोग अपने राजनीतिक सफर की बुनियाद रखने वालों को ही हाशिए पर छोड़ देते हैं, उन्हें जनत��� देर-सबेर आईना जरूर दिखाती है।
#जैसलमेर जिले के सोनू गाँव की प्रतिभाशाली बेटी गीता कंवर सुपुत्री श्री कोजराज सिंह भाटी सोनू को राजस्थान द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा (विज्ञान) में सम्पूर्ण राजस्थान में पाँचवीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र, समाज का गौरव बढ़ाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।@crsinghbhati
हमारे जैसलमेर का रेलवे स्टेशन….
अभी हाल ही में बेहद भव्य स्टेशन बनकर तैयार हुआ है
यहाँ केवल तीन प्लेटफ़ॉर्म है…
और रोज़ाना केवल 6 से 7 ट्रेनें आती है…
लेकिन फिर भी हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है…
रेलवे स्टेशनों को बेहद भव्य और खूबसूरत बनाने की..
फलस्वरूप इतना शानदार स्टेशन बनकर तैयार हुआ है
यह कोई मुख्यमंत्री की सभा नहीं, बल्कि शिव के निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी के मजदूर आंदोलन में ��मड़ी जनसभा है।
यह अपने लोगों का अपने नेता के प्रति प्रेम और विश्वास ही है कि लगभग 50 डिग्री तापमान में भी लोग पूरे धैर्य और गंभीरता के साथ उन्हें सुनते नजर आ रहे हैं।
23 फरवरी जोधपुर चलो
ओरण संरक्षण जन आक्रोश रैली
मारवाड़ राजपूत सभा भवन से कलेक्ट्रेट जोधपुर
सभा - 12:30 से 2:30, रैली - 2:30 से 3:30
ओरण की आवाज बनो, गायों की पुकार बनो, मंदिरों की ललकार सुनो ......
टीम ओरण जैसलमेर