समझ में नहीं आ रहा है कि अचानक ���लेर मेहंदी के समर्थन में ऐसे-ऐसे लोग क्यों सामने आ रहे हैं, जिन्हें देखकर क्षोभ होता है।
माना कि दलेर मेहंदी जी बीमार होंगे। बीमारी किसी को भी हो सकती है। यदि वे बीमार हैं, तो उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। लेकिन सवाल यह है कि अगर वे बीमार थे, तो फिर 35 लाख रुपये का कार्यक्रम क्यों स्वीकार किया? आयोजकों ने आपको गाने के लिए पैसे दिए थे, न कि बीमारी के कारण कार्यक्रम छोड़ने के लिए। बीमार थे तो घर पर रहते, दवा लेते और स्वस्थ होकर दोबारा मंच पर आते।
पंजाब में चुनाव सामने हैं। कहीं ऐसा न हो कि इस पीआर अभियान के बाद भाजपा अपने उसी नेता से दलेर मेहंदी के पक्ष में ‘दलेर चालीसा’ ही पढ़वा दे!
खैर, दलेर मेहंदी देश की जनता के लिए काफी मनोरंजन कर चुके हैं। हालांकि, उन पर कबूतरबाजी के मामले में भी आरोप लगे हैं।
बाकी, यह पीआर अभियान अगर कभी स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक अस्पतालों और परिवहन व्यवस्था जैसे मुद्दों के लिए चलाया जाता, तो अच्छा होता। काश, ये कथित पत्रकार इन जनसरोकारों के लिए भी इसी उत्साह से आवाज उठाते!
ढाई दशक पहले मैं 2 साल की थी तब मंच की अगली पंक्ति में बिहार के तीन दिग्गज नेता की गोद में खेल रही थी। उस समय के माननीय मुख्यमंत्री श्री लालू प्रसाद जी, बाद में बनी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी जी और अभी बिहार सरकार में माननीय मंत्री आदरणीय श्री राम कृपाल यादव जी। 25 साल बाद मुलाकात हुई दानापुर क्लब में मेरे नवरात्रि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनकर आए श्री राम कृपाल जी से। मंच से मेरे गायन का आनंद लिया। आभार अभिनंदन 💐
लेकिनअंकल जी मुझे 25 साल बाद पहचान ही नहीं पाए 😂
लेकिन एक बात मैं पहचान गई कि जिसके साथ ये रह���े हैं सरकार उसी की रहती है।
पुनः पटना के जक्कनपुर थाने में 'बांकीपुर पार्ट-II' दोहराया जा रहा है!
MLC चुनाव में परिणाम बांकीपुर के जैसा ही होगा। सभी क्षेत्रों में मिल रहे Feedback से हाफ़ीडिविट चौधरी Shock 🫨 में हैं और बौखलाहट में AK- 47 के दम पर राजनैतिक कार्यकर्ता पटना से लेकर अन्य जगहों पर उठाए जा रहे हैं।
नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव और जदयू के पूर्व नेता छोटू सिंह के साथ करबिगहिया में STF द्वारा कथित तौर पर की गई कार्रवाई बेहद गंभीर मामला है। उन्हें AK-47 का भय दिखाकर नौबतपुर चलने को कहा गया।
छोटू सिंह ने सवाल उठाया कि उनके विरुद्ध कोई "आपराधिक मुकदमा" नहीं है, तो उन्हें इस तरह क्यों रोका जा रहा है? बाद में लोगों के जुटने पर उन्हें जक्कनपुर थाने में हिरासत में रख के मानसिक रूप से ��्रताड़ित किए जाने की बात सामने आई है...
कार्रवाई राजनीतिक विरोध या विधान परिषद चुनाव की खुन्नस में की गई है, जो कानून के शासन पर सीधा सवाल है। BJP या JDU के लोगों की बौखलाहट है।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पुलिस व एसटीएफ का गलत इस्तेमाल किया गया था।
#ChotuSingh क्या इसलिए उठाए गए हैं, क्योंकि वो अनुज सिंह (जन सुराज उम्मीदवार) की मदद कर रहे हैं?
Samrat Choudhary को स्पष्ट करना चाहिए कि कार्रवाई किस आधार पर की गई ��र यदि प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगा?
Chief Electoral Officer, Bihar (चुनाव आयोग) भी ये स्पष्ट करें कि क्या सरकार और सम्राट चौधरी के इशारे पर ऐसी कार्रवाई की गई है?
#BiharPolitics #MLCElection #JanSuraaj
बिना इंटेलेक्चुअल ग्रोथ के मिली हुई सफलता बंदर के हाथ में नारियल जैसा होता है। ��स नारियल से एक दिन वह सबका सर फोड़ना चाहता है। जब कोई नहीं मिलता तो खुद का सर फोड़ लेता है, और सोचता है मैं नई सफलता का उद्घाटन कर रहा हूं। बिना कड़े संघर्ष से मिली सफलता और अपमान झेलने की क्षमता के बिना मिला सम्मान एक अच्छ�� खासे इंसान को मूर्ख बना सकता है।
- प्रिया मल्लिक