जंगल क पर्यावाची शब्द "वन " होता है और उसके बीच में रहने वाले लोगो को वनवासी कहते है सर जी आप तो शहर वासी लगते है अचानक वन की ओर क्यो चल दिये ,आपका मंशा कही वनो को समाप्त करने का तो नही ---क्योकि वनो से आपका दुश्मनी काफी दिनों से है @HemantSorenJMM ,@RSSorg
भाजपा जो बोलती है वो करके दिखाती है...
संकल्प पत्र में हमने UCC के बारे में स्पष्ट रूप से कहा था,
और 29 जून को हम पश्चिम बंगाल विधानसभा में UCC बिल लाएंगे और उसे पारित करेंगे..."
: जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, बंगाल सरकार
डां शयाम प्रसाद मुखर्जी जी के बलिद��न दिवस के अवसर पर बूथ संख्या 112,113 राखाबनीदुमका सदर में उन्हे पुष्प अर्पित एवं स्मरण कर श्रद्धांजली दी गई @yourBabulal ,@AdityaPdSahu ,@bjpkarmveer
आदिवासी मां की आंखों में आंसू, बिटिया के हाथों में कटोरा...🥺
क्या यही है हमारे आधुनिक समाज का सवेरा...
झारखंड की एक आदिवासी मां रूपनी सोरेन आज रोते बिलखते अपनी छोटी बेटी के साथ दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर है आलम यह की पेट भर खाने को अनाज तक नहीं...
इसका मुख्य कारण है महिला को ना पेंशन योजना का लाभ मिलता है ��ा राशन मिलता है और ना रहने को छत है और ना ही आधार कार्ड..
मामला दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड अंतर्गत कटहरा समालपुर का है मगर वर्तमान में मां और बेटी का ठिकाना बासुकीनाथ मंदिर दरवाजा है...
पति के मृत्यु के बाद नन्ही बिटिया समेत मां को कमजोर पाकर ग्रामीणों ने भगा दिया
अब स्थिति इतनी ख़राब हो चुकी है कि आदिवासी महिला को बाबा बासुकीनाथ मंदिर के गेट के बाहर अपनी छोटी बेटी के भीख मांग कर अपना जीवन यापन कर रही है
रात को बाबा बासुकीनाथ मंदिर के गेट के बाहर सोकर अपनी रातें कटती है सर्दियों के मौसम में कांपती है बरसात में भीगती है भीषण गर्मी में तपती है..
जिस उम्र में बिटिया के हाथ में कलम और किताब होना चाहिए था उसे उम्र में भीख का कटोरा है....
@HemantSorenJMM @DumkaDc
@yourBabulal @SitaSorenMLA @Badal_Patralekh @DumkaPolice
@JMMKalpanaSoren @Rabindranathji @deepakbiruajmm @JmmJharkhand @BJP4Jharkhand @nishikant_dubey @BikerGirlkancha @ChampaiSoren @DukhniS @NishaGumla @DipikaPS @sutibro_goswami
रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय पर बीती मध्य रात्रि पेट्रोल बम फेंके जाने की सूचना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।
इस संबंध में रांची एसपी, डीसी एवं @jharkhandpolice के डीजीपी से वार्ता कर दोषियों की शीघ्र पहचान कर गिरफ्तारी का निर्देश दिया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संघ कार्यालय के समीप स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने का निर्देश भी दिया है।
आरएसएस जैसे वैचारिक संगठन के कार्यालय पर इस प्रका��� का हमला कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। इस घटना के पीछे क्या उद्देश्य था, इसकी निष्पक्ष और त्वरित जांच कर पूरे मामले का जल्द उद्भेदन किया जाना आवश्यक है। ऐसे कृत्यों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
@RSSorg
@BJP4India @narendramodi @AmitShah @NitinNabin @blsanthosh @BJP4Jharkhand @ANI @PTI_News @ians_india
@HemantSorenJMM जी 2021 में भाजपा कार्यकर्ताओ का हत्या ,TMC के लोगो ने किया उस वक्त आपका ये प्रवचन कही दिखाई नहीं दिया था, खगेन मुर्मू सांसद को मार कर लहुलुहान किया था उस वक्त ये प्रवचन तो नहीं दिया था आपने लेकिन आज--- धिक्कार आप पर @JmmJharkhand
पश्चिम बंगाल में सांसद .@abhishekaitc जी पर हुआ हमला अत्यंत निंदनीय है।
लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हिंसा और हमले के लिए कोई स्थान नहीं है। राजनीतिक विरोध का जवाब तर्क और जनमत से दिया जाना चाहिए, न कि डर और बल प्रयोग से।
मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करता हूँ।
लोकतंत्र को हिंसा नहीं, संवाद और सम्मान मजबूत बनाते हैं।
हेमंत सोरेन जी @HemantSorenJMM@JmmJharkhand भारतीय जनता पार्टी ने आपको पहले से आगाह कर रहा था लेकिन आप ने नहीं सुना ,दूसरा बात आपका अधिकारी और पदाधिकारी आपका आदेश का कितना पालन करता है, जनता जानती है
���ारखंड में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए राज्य के सभी उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, CO, BDO, पंचायत प्रतिनिधियों एवं सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिया जाता है कि अपने कार्यालयों के बाहर, एवं सार्वजनिक स्थलों पर आम जनों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा इसकी स्पष्ट सूचना भी प्रदर्शित करें, ताकि राहगीरों एवं आम लोगों को राहत मिल सके।
साथ ही सभी उपायुक्�� यह सुनिश्चित करें कि जहाँ क���ीं भी जल संकट की स्थिति हो, वहाँ तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति, चापाकलों की मरम्मत एवं अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएँ की जाएँ। किसी भी गाँव, टोला या मोहल्ले में पेयजल की कमी के कारण लोगों को परेशानी न हो - यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
भीषण गर्मी के इस दौर में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करे।
जनहित सर्वोपरि है।
हेमंत सोरेन @HemantSorenJMM जी आपका तो पूरा परिवार अच्छा महल में रहता है लेकिन जरा सोचिए गोपिकंदर का ��नता वर्षा, धूप, में कैसे यहा ठहर सकता है @santoshgangwar ,@JmmJharkhand
सबसे पहले सांसद विजय हांसदा, सांसद नलिन सोरेन और उसका बेटा आलोक सोरेन, स्टीफन मरांडी, लुईस मरांडी को हटाना चाहिए क्योकि ये सब ईसाई है आदिवासियों का सीट लेकर बैठा है @HemantSorenJMM@JmmJharkhand@NishaGumla@OraonNesha
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम 1992 (NCM Act, 1992) की धारा 2(c) के अनुसार मुस्लिम, ईसाई, सिक्ख, पारसी, बौद्ध और पारसी समुदाय 'अल्पसंख्यक' (Minority) हैं। 27 जनवरी 2014 को जारी भारत का राजपत्र इसकी पुष्टि करता है। माननीय आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में माना कि 'ईसाई' धर्म में जाति व्यवस्था नहीं होती है। सी.सेल्वारानी बनाम विशेष सचिव-सह-जिला कलेक्टर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ईसाई धर्म अपनाने (धर्मान्तरण) के बाद व्यक्ति 'आरक्षण' और 'जाति प्रमाण पत्र' का हकदार नहीं ��हता।
ऐसे में सवाल उठता है कि झारखण्ड में चर्च और ईसाई मिशनरियों के एजेंट किस आधार आदिवासियों को गुमराह करते हैं कि ईसाई धर्म में धर्मान्तरण होने के बाद भी जाति नहीं बदलता है जबकि आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में माना कि ईसाई धर्म में जाति व्यवस्था नहीं होता है। सी.सेल्वारानी बनाम विशेष सचिव-सह-जिला कलेक्टर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ईसाई धर्म अपनाने (धर्मान्तरण) के ���ाद व्यक्ति 'आरक्षण' और 'जाति प्रमाण पत्र' का हकदार नहीं रहता। फ़िर धर्मान्तरित ईसाइयों का किस आधार पर जाति प्रमाणपत्र बन रहा है?
27 जनवरी 2014 को जारी भारत का राजपत्र स्प्ष्ट करता है कि ��साई एक 'अल्पसंख्यक' समुदाय है न कि 'आदिवासी' समुदाय। लेकिन दशकों से आदिवासियों के आरक्षण पर कुंडली मारकर धर्मान्तरित ईसाई स्वयं को आदिवासी बताते हैं। और आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों का लाभ उठाते हैं। आदिवासियों का आरक्षण का लाभ उठाकर ईसाई समुदाय सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से शसक्त हो गये हैं जबकि आदिवासी आज भी हाशिये पर हैं। आदिवासियों का सामाजिक न्याय हेतु धर्मान्तरित ईसाइयों का डलिस्टिंग बहुत आवश्यक है।
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देश के करोड़ों आदिवासी समाज के लोगों के अस्तित्व, आस्था, संस्कृति और पहचान के सम्मान के लिए जरूरी है अलग धर्म कोड।
जनगणना में आदिवासी समाज को मिले आदिवासी/सरना ��र्म कोड...
@KunalSarangi जी कितना भी चिल्लाओ आप झारखंड मुक्ति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनोगे क्योकि हेमंत सोरेन का परिवार को ही दलाली करना पड़ेगा @JmmJharkhand@JMMKalpanaSoren
सांसद विजय हांसदा, सांसद नलिन सोरेन और उसका बेटा, स्टीफन मरांडी, लुईस मरांडी इ सब ईसाई लोग आदिवासी का आरक्षण ले कर बैठा है इसको तुरंत बर्खास्त करना चाहिए @NishaGumla ,@JmmJharkhand@JMMKalpanaSoren
📢 सावधान रहिए, सतर्क रहिए।
2011 की जनगणना के अनुसार गुमला ��िला में ईसाई आबादी लगभग 19.75% और मुस्लिम आबादी लगभग 5.02% दर्ज की गई थी।
कई सामाजिक संगठनों का मानना है कि आदिवासी समाज की पारंपरिक संस्कृति, पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए डीलिस्टिंग जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा आवश्यक है।
जनजाति सुरक्षा मंच गुमला ने आदिवासी समाज से अपनी संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण हेतु जागरूक और संगठित रहने डीलिस्टिंग के लिए दिल्ली चलो का आह्वान किय�� है।
एक सड़ा हुआ आलू पूरा बोरी का आलू को चढ़ा देता है। घर वापसी कीजिए अपने संस्कृति परंपरा अपने पुरखों का मान रखिए और गर्व से कहिए हम आदिवासी हैं।
@rashtrapatibhvn
@santoshgangwar
@HemantSorenJMM
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@KunalSarangi हा जी झारखंड मुक्ति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष तो बन नहीं पायेंगा क्योकि ��पका आका तो कुछ और ही निर्देश दे रहा है जल्दी लो नहीं तो वो भी नहीं मिलेगा @JmmJharkhand @JMMKalpanaSoren
@KunalSarangi दस सालों से आपकी सरकार है इसके बावजूद राज्य के जनता कमाने के लिए आन्ध्रप्रदेश जा रहा है ,और बंगलादेशीओ को संरक्षण कर रहो हो, कितना कमजोर हो आप लोग ।
वैसे झारखंड मुक्ति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बने की नहीं @JmmJharkhand