Jai Hind
The judicial custody of #AshutoshRanka and #SauravDas must be urgently reviewed and they must be released immediately.
Hoisting the National Flag, even in a prohibited area, should not warrant such prolonged detention. The judiciary and the executive must rise to the occasion to ensure that the youth of this country do not lose faith in the rule of law and constitutional rights.
कनाट प्लेस के व्यापारियों के साथ खेल हो गया!
कनाट प्लेस पर अपना व्यवसाय चलाने वाले एक व्यापारी मित्र टकरा गए। उन्होंने जो बताया वो चौंकाने वाली बात है!
बहुत से व्यापारिय���ं के पास पुलिस अधिकारियों समेत कईयों के फोन आए कि प्रोटस्ट के ख़िलाफ़ बयान दो। बताओ कि बिज़नेस मारा जा रहा है। व्यापारी मित्र रूपी सूत्र के मुताबिक़ जो नहीं कर रहे थे ऐसा उनको बार फ़ोन किया गया। मित्र-सूत्र का कहना है कि व्यापार प्रभावित हुआ है इसमें शक नहीं लेकिन वो इसलिए हुआ है क्योंकि सरकार ने जंतर मंतर बंद कर दिया और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कनाट प्लेस के इलाक़े में क�� दी गई। और ये भी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से व्यापारियों को डर नहीं था और न है बल्कि उन ‘हुड़दंगी तत्वों’ से डर था और आगे भी होगा जिनके हुड़दंग पर ��ी पुलिसवालों मूकदर्शक बने नज़र आए।
मेरे इस पोस्ट के ख़िलाफ़ भी पुलिस/मोदी सरकार का इकोसिस्टम फ़ोन कर व्यापारियों से बाइट दिला दे तो आश्चर्य मत करिएगा!
We have moved the Delhi High Court and requested an urgent night hearing.
Saurav and Ashutosh should not spend a single minute behind bars. Their liberty must not be curtailed because of political games.
Justice must not wait.
@Cockroachisback
पोलिंग बूथ घर के पास होता है
#Exam सेंटर 100-200km दूर....
आखिर ऐसा क्यों... बल्कि वोट करवाने वाले और परीक्षा करवाने वाले दोनों की जि��्मेदारी तो एक-सी ही होती है।
'सर्कस से कम नहीं...'
CJP नेता Ashutosh Ranka और Saurav Das की न्यायिक हिरासत 2 दिनों तक बढ़ी. CJP के लीगल मामलों को देख रहीं रत्ना सिंह बोलीं कि - 'SEM कोर्ट में ह���ने जो देखा है, वह किसी सर्कस से कम नहीं है. यहां जो कुछ हो रहा है, और जिस तरह ये लोग किसी की आज़ादी को कुचलकर काम कर रहे हैं, उसकी जाँच होनी चाहिए.'
सुनिए पूरी बात -
अब जज भी पुलिस की तरह पक्षपात कर रहे हैं!
सौरव दास और ��शुतोष रांका की बेल हियरिंग दोपहर 12 बजे की थी, शाम हो गई सुनवाई तक नहीं हुई।
क���रण बताया - "किसी अनजान शख्स ने धमकी दी है"
मतलब अब कोर्ट धमकी के बहाने तारीख पर तारीख देगा?
सुनिए @whattalawyer कैसे इस पूरे खेल को गैरकानूनी और सरकार की सोची-समझी साजिश बता रही हैं 👇
उत्तर प्रदेश में युवाओं पर अत्याचार किया जा रहा है,
PET जैसी परीक्षा का सेंटर 500 से 600 किलोमीटर दूर तक बनाया गया है,
बच्चे काफी परेशान है,
लगातार विरोध कर रहे हैं और सेंटर नजदीक बनाने की मांग कर रहे है,
पर अधिकारी व सरकार में बैठे लोग बेरोज़गारो की कहा सुनने वाले है।
@UpssscOfficial1@CMOfficeUP
• 21 तारीख—दिल्ली चलो! हक हमारा, अधिकार हमारा!"
• "जिसका दल है, उसी का बल है!"
• "आरक्षण नहीं, तो चैन नहीं!"
जाग उठा है निषाद राज का लाल, 21 को दिल्ली में मचेगा बवाल!
साथियों, शांत बैठना अब विकल्प नहीं है। हमारे बच्चों का भविष्य, हमारे समाज का सम्मान और हमारे पूर्वजों की विरासत आज हमसे एकजुटता मांग रही है।
क्यों आना है? क्योंकि जब हम बिखरे होते हैं, तो अनसुने कर दिए जाते हैं। जब हम दिल्ली की सड़कों पर एक साथ कदमताल करेंगे, तो हुकूमत को हमारी ताकत का एहसास होगा। यह 21 तारीख हमारे अस्तित्व की लड़ाई है!
चलो दिल्ली! दिखा दो एकता की ताकत! जय निषाद
"सोचिए, जब आपके बच्चे आपसे पूछेंगे कि जब हमारे हक की बात हो रही थी, तब आप कहाँ थे? तब गर्व से कहिएगा—मैं दिल्ली में अपने समाज की ढाल बनकर खड़ा था! 21 तारीख को मिलते हैं।"
> ब्रो का नाम अरविंद कुमार शर्मा है।
> ब्रो उत्तर प्रदेश के MLC और ऊर्जा मंत्री है,
> ब्रो गुजरात कैडर का IAS था ,
> ब्रो का काम प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था का खयाल रखना है ,
> लेकिन ब्रो से जब खराब ऊर्जा व्यवस्था पर सवाल पूछा जात��� है तो ब्रो जय श्रीराम का नारा लगाकर निकल लेता है ,
> ब्रो के आने से पहले प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था बहुत बेहतरीन थी ,
> लेकिन ब्रो को उत्तर प्रदेश भेजा ही गया पहले से अच्छी ऊर्जा व्यवस्था को खराब करने के लिए ,
> जबसे ब्रो आए है तब से गर्मी आ��े ही पूरे प्रदेश में बिजली को लेकर हाहाकार मच जाता है।
नोट - स्लमों में ब्रो की पूरी बिजली की कहानी देखिए और धन्यवाद बोलने की भी जरूरत नहीं है।
#UPPET परीक्षा के सेंटर 500-600 किमी दूर बनाए जाने से लगभग 35 लाख अभ्यर्थियों में भारी रोष है! छात्रों को दूर जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है @UPGovt और @UpssscOfficial1 को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और छात्रों की समस्या का समाधान करना चाहिए @CMOfficeUP@ANI
अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट को ही फूंक डाला
लोग महंगाई,बेरोजगारी और बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे
सुप्रीम कोर्ट का झुकाव सरकार की तरफ था लिहाजा फिर प्रदर्शनकारी भड़क गए
पहले नकली दवाइयाँ, फिर मिलावटी खाना, नकली सीमेंट-सरिया और अब नकली खून का कारोबार!
बिहार में एक यूनिट से कुछ ही मिनटों में तीन यूनिट नकली खून तैयार किया जा रहा था। सोचिए, जो इंसान जिंदगी बचाने की उम्मीद में अस्पताल पहुँचता है, उसके इलाज में भी धोखा!
आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं? क्या हर चीज़ को मुनाफे के लिए नकली बना देना ही कारोबार रह गया है?
और सबसे बड़ा सवाल उन जिम्मेद��र अधिकारियों से है, जिन पर निगरानी की जिम्मेदारी है ऐसे धंधे चल कैसे रहे हैं? हालांकि मालूम जनता को सब है कि मिलीभगत खूब चल रही है